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Kullu News: 15 साल बाद देवता नारायण ने किया शाही स्नान
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कुल्लू के भुंतर-जिया संगम स्थल पर शोड नरायण देवता देवलूओ के साथ शाही स्नान के जाते हुए।-संवाद
- फोटो : Kullu
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कुल्लू। तीर्थ स्थल जिया संगम (भुंतर) में कोठी खोखण के देवता सोड़ नारायण ने शाही स्नान किया। 15 साल के बाद देवता ढोल-नगाड़ों की थाप पर शाही स्नान करने पहुंचे।
देवता का नया रथ बनाया गया है। ऐसे में देवता के नए रथ में विराजमान होने के बाद शाही स्नान करने की परंपरा है। इस देव परंपरा का रविवार को निर्वहन किया गया। इस दौरान ढोल-नगाड़ों और रणसिंघों की स्वरलहरियों से क्षेत्र गूंज उठा। हाड़ कंपा देने वाले ब्यास और पार्वती नदी के ठंडे पानी में देवता के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं में महिलाएं और बच्चे भी शामिल रहे।
देवता सोड़ नारायण नए रथ में विराजमान होने के बाद शाही स्नान करने जिया संग स्थल पहुंचे। देवता ने कारकूनों और हारियानों को निर्देश दिया था कि रथ बनने के बाद वे शाही स्नान करने जाएंगे। देवता के निर्देश पर रविवार को सोड़ गांव में स्थित मंदिर से संगम स्थल जिया के लिए प्रस्थान किया गया। दोपहर 11:30 बजे देवता ने संगम स्थल पर शाही स्नान किया। इसके बाद देवता वापस मंदिर लौट गए।
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दो दिनों तक देव कारज की परंपराओं को निभाया जाएगा। भुलंग पंचायत के पूर्व उपप्रधान कर्मचंद ने कहा कि देवता के रथ का करीब 15 सालों के बाद निर्माण किया गया है।
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देवता का नया रथ बनाया गया है। ऐसे में देवता के नए रथ में विराजमान होने के बाद शाही स्नान करने की परंपरा है। इस देव परंपरा का रविवार को निर्वहन किया गया। इस दौरान ढोल-नगाड़ों और रणसिंघों की स्वरलहरियों से क्षेत्र गूंज उठा। हाड़ कंपा देने वाले ब्यास और पार्वती नदी के ठंडे पानी में देवता के साथ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आस्था की डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं में महिलाएं और बच्चे भी शामिल रहे।
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देवता सोड़ नारायण नए रथ में विराजमान होने के बाद शाही स्नान करने जिया संग स्थल पहुंचे। देवता ने कारकूनों और हारियानों को निर्देश दिया था कि रथ बनने के बाद वे शाही स्नान करने जाएंगे। देवता के निर्देश पर रविवार को सोड़ गांव में स्थित मंदिर से संगम स्थल जिया के लिए प्रस्थान किया गया। दोपहर 11:30 बजे देवता ने संगम स्थल पर शाही स्नान किया। इसके बाद देवता वापस मंदिर लौट गए।
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दो दिनों तक देव कारज की परंपराओं को निभाया जाएगा। भुलंग पंचायत के पूर्व उपप्रधान कर्मचंद ने कहा कि देवता के रथ का करीब 15 सालों के बाद निर्माण किया गया है।