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जनजातीय क्षेत्रों में केंद्रीय बजट से हो रहे विकास कार्य : मारकंडा
Tue, 06 May 2025 11:30 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Tue, 06 May 2025 11:30 PM IST
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केलांग में प्रेसवार्ता करते पूर्व मंत्री मारकण्डा।-संवाद
- फोटो : मृतक छात्रा आकांक्षा का फाइल फोटो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में हो रहे तमाम विकास कार्य केंद्र सरकार से मिले बजट के बल पर संभव हो पा रहे हैं। यह बात पूर्व मंत्री डॉ. राम लाल मारकंडा ने मंगलवार को केलांग में पत्रकार वार्ता में कही। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय विधायक लोगों को यह कहकर गुमराह कर रही हैं कि केंद्र सरकार से बजट नहीं मिल रहा है।
मारकंडा ने कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय जिलों को उनके अधिकार के अनुसार पूरा बजट प्रदान कर रही है, लेकिन राज्य सरकार उस बजट को अन्यत्र खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में लाहौल का बजट 84 करोड़ रुपये था, जो वर्तमान में घटकर महज 13 करोड़ रह गया है।
पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि लोक निर्माण और जल शक्ति विभाग में 50 करोड़ रुपये की देनदारी है, लेकिन इन विभागों को महज 10 लाख रुपये तक का बजट ही मिला है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस स्थिति में राज्य सरकार पिछली देनदारियां चुकाएगी या नए कार्य शुरू करेगी, यह स्पष्ट नहीं है।
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डॉ. मारकंडा ने कहा कि अपने कार्यकाल में उन्होंने लाहौल-स्पीति में 22 पुलों का निर्माण करवाया और ट्रैक्टर, स्प्रिंकलर, पावर टिलर, स्प्रे मशीन जैसे कृषि उपकरण बिना किसी भेदभाव के हर घर तक पहुंचाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार षड्यंत्र के तहत जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षण संस्थानों को बंद कर रही है और जल्द ही जिले का एकमात्र कुंकुमसेरी डिग्री कॉलेज बंद करने की तैयारी कर रही है। संवाद
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मारकंडा ने कहा कि केंद्र सरकार जनजातीय जिलों को उनके अधिकार के अनुसार पूरा बजट प्रदान कर रही है, लेकिन राज्य सरकार उस बजट को अन्यत्र खर्च कर रही है। उन्होंने कहा कि उनके कार्यकाल में लाहौल का बजट 84 करोड़ रुपये था, जो वर्तमान में घटकर महज 13 करोड़ रह गया है।
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पूर्व मंत्री ने आरोप लगाया कि लोक निर्माण और जल शक्ति विभाग में 50 करोड़ रुपये की देनदारी है, लेकिन इन विभागों को महज 10 लाख रुपये तक का बजट ही मिला है। उन्होंने सवाल उठाया कि इस स्थिति में राज्य सरकार पिछली देनदारियां चुकाएगी या नए कार्य शुरू करेगी, यह स्पष्ट नहीं है।
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डॉ. मारकंडा ने कहा कि अपने कार्यकाल में उन्होंने लाहौल-स्पीति में 22 पुलों का निर्माण करवाया और ट्रैक्टर, स्प्रिंकलर, पावर टिलर, स्प्रे मशीन जैसे कृषि उपकरण बिना किसी भेदभाव के हर घर तक पहुंचाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार षड्यंत्र के तहत जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षण संस्थानों को बंद कर रही है और जल्द ही जिले का एकमात्र कुंकुमसेरी डिग्री कॉलेज बंद करने की तैयारी कर रही है। संवाद