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Kullu News: खराहल, मणिकर्ण में किसानों का प्रदर्शन
Thu, 08 Feb 2024 05:21 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Thu, 08 Feb 2024 05:21 PM IST
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महासचिव होतम सिंह बोले, केंद्र ने किए वादों को नहीं किया पूरा
किसानों की आय दोगुनी और बेरोजगारों को रोजगार देने की मांग की जा रही
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर हिमाचल किसान सभा केंद्र सरकार की किसान, कामगार और आम जनता विरोधी नीतियों के खिलाफ अभियान चला रही है।
खराहल और मणिकर्ण घाटी के विभिन्न क्षेत्रों में अभियान के तहत वीरवार को बैठकों का आयोजन किया गया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। किसान सभा के राज्य महासचिव होतम सिंह सौंखला ने कहा कि केंद्र सरकार को सत्ता में दस साल का समय हो गया है, लेकिन किसानों, कामगारों, बेरोजगारों और आम जनता से किए वादों को पूरा नहीं किया गया है। किसानों की सभी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के आधार पर लागू नहीं हो पाया है।
उन्होंने कहा कि किसान सभा सरकार से किसानों की आय दोगुनी, किसानों का कर्जा माफ, बेरोजगार युवाओं के लिए हर साल दो करोड़ नौकरियां, कामगारों की दिहाड़ी महंगाई सूचकांक के आधार पर तय करने, मनरेगा कामगारों को 200 दिनों का काम, महंगाई को कम करने की मांग कर रही है।
कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा और ट्रेड यूनियनों ने 16 फरवरी को हड़ताल करने का फैसला लिया है। किसानों ने ग्रामीण भारत बंद का ऐलान किया है। किसान सभा के जिलाध्यक्ष गोविंद भंडारी ने कहा कि अभियान के दौरान गांव-गांव में केंद्र सरकार के अंतरिम बजट की प्रतियां भी जलाई जा रही हैं। इस बजट में किसानों को किसी भी तरह की राहत नहीं दी गई है। संवाद
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किसानों की आय दोगुनी और बेरोजगारों को रोजगार देने की मांग की जा रही
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर हिमाचल किसान सभा केंद्र सरकार की किसान, कामगार और आम जनता विरोधी नीतियों के खिलाफ अभियान चला रही है।
खराहल और मणिकर्ण घाटी के विभिन्न क्षेत्रों में अभियान के तहत वीरवार को बैठकों का आयोजन किया गया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया गया। किसान सभा के राज्य महासचिव होतम सिंह सौंखला ने कहा कि केंद्र सरकार को सत्ता में दस साल का समय हो गया है, लेकिन किसानों, कामगारों, बेरोजगारों और आम जनता से किए वादों को पूरा नहीं किया गया है। किसानों की सभी फसलों का न्यूनतम समर्थन मूल्य स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के आधार पर लागू नहीं हो पाया है।
उन्होंने कहा कि किसान सभा सरकार से किसानों की आय दोगुनी, किसानों का कर्जा माफ, बेरोजगार युवाओं के लिए हर साल दो करोड़ नौकरियां, कामगारों की दिहाड़ी महंगाई सूचकांक के आधार पर तय करने, मनरेगा कामगारों को 200 दिनों का काम, महंगाई को कम करने की मांग कर रही है।
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कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा और ट्रेड यूनियनों ने 16 फरवरी को हड़ताल करने का फैसला लिया है। किसानों ने ग्रामीण भारत बंद का ऐलान किया है। किसान सभा के जिलाध्यक्ष गोविंद भंडारी ने कहा कि अभियान के दौरान गांव-गांव में केंद्र सरकार के अंतरिम बजट की प्रतियां भी जलाई जा रही हैं। इस बजट में किसानों को किसी भी तरह की राहत नहीं दी गई है। संवाद
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