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Kullu News: पीठ पर फसलें, दिल में चिंता, रोज नई जंग लड़ रहे बागवान

Sat, 23 Aug 2025 10:49 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Sat, 23 Aug 2025 10:49 PM IST
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Crops on the back, worries in the heart, gardeners are fighting a new battle every day
सैंज घाटी के खणीधार गांव के नीचे भूस्खलन से दलदल बनी सड़क, खतरे में दर्जन घर
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मेहनत की उपज पीठ पर उठाकर कई किलोमीटर दूर मंडी तक पहुंचा रहे क्षेत्र के बागवान

संवाद न्यूज एजेंसी
न्यूली/सैंज (कुल्लू)। सैंज घाटी के खणीधार गांव के नीचे हो रहे लगातार भूस्खलन ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सड़क दलदल में तब्दील हो चुकी है। इससे फल और सब्जियां ले जाना मुश्किल हो गया है।
बागवानों को मेहनत की उपज पीठ पर उठाकर कई किलोमीटर दूर मंडी तक ले जानी पड़ रही है। इससे उनका आर्थिक नुकसान हो रहा है। स्थानीय प्रशासन से क्षेत्र की सड़क को जल्द बहाल करने और भूस्खलन रोकने के लिए वैज्ञानिकों की टीम भेजने की मांग उठ रही है। खणीधार के दर्जनभर घर और आसपास का क्षेत्र खतरे में हैं।
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सैंज-देहुरी मार्ग पर भूस्खलन के कारण सड़क यातायात के लिए बंद कै। गांव को भी खतरा पैदा हो गया है। भूस्खलन वाली जगह से ठीक ऊपर खणीधार गांव है। क्षेत्र में करीब 500 मीटर दायरे में भूस्खलन हो रहा है। लोगों ने कहा कि भूस्खलन ऐसे ही होता रहा तो गांव का वजूद खतरे में पड़ जाएगा। लोगों को दलदल के बीच फल और सब्जियां पीठ पर उठाकर ढोने पड़ रहे हैं। लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि इस बार फसल अच्छी होने से काफी फायदा होगा लेकिन सड़क ने किसानों-बागवानों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। फसलों को सब्जी मंडी तक पहुंचाने के लिए इन्हें पीठ पर उठाकर कई किलोमीटर तक पैदल चलना पड़ रहा है। इसके लिए उन्हें भारी-भरकम भाड़ा देना पड़ रहा है। कई बार तो भाड़ा और फसल को उगाने में लगी मेहनत भी नहीं निकल रही है।
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सैंज वैली संघर्ष समिति के अध्यक्ष महेश शर्मा ने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र की सड़क को बहाल करने के लिए मशीनें तैनात की जाएं। पहाड़ी धंसने के कारण जानने और इसकी रोकथाम के लिए भू-वैज्ञानिकों की टीम बुलाई जाए।

गौरतलब है कि अगर भूस्खलन का दौर जारी रहा तो इससे खणीधार के 15 से 20 घरों को खतरा पैदा हो जाएगा। इसके ठीक नीचे सैंज में भी पुलिस थाना क्षेत्र में नुकसान होने की भी संभावना है।
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