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Kullu News: सड़कों से लेकर घरों तक संकट, अनदेखी ने बढ़ाई आपदा की आग
Mon, 25 Aug 2025 11:21 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Mon, 25 Aug 2025 11:21 PM IST
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कुल्लू में लगातार हो रही बारिश से ब्यास नदी उफान पर बह रही है।-संवाद
तलाड़ा पंचायत में भूस्खलन से बिगड़े हालात, लोग रिश्तेदारों के घर और टेंट में शरण लेने को मजबूर
तीन बार डीसी से मिल चुका है प्रतिनिधिमंडल, खतरे में खड़े घर, डर के साये में जी रहे लोग
आरोप- एनएचपीसी की लापरवाही से शुरू हुआ भू कटाव, प्रशासन ने नहीं उठाया ठोस कदम
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। तलाड़ा पंचायत में पिछले दो वर्षों से बढ़ते भू-कटाव और भूस्खलन के कारण अब 130 से अधिक परिवारों के घर खतरनाक स्थिति में हैं। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन और एनएचपीसी से मदद की गुहार लगाई लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इस वजह से अब मजबूरन कई परिवार रिश्तेदारों के घर या तंबू में रहने को विवश हो गए हैं। पंचायत प्रतिनिधिमंडल ने तीन बार उपायुक्त कुल्लू से मिलकर सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग की है लेकिन हालात में सुधार नहीं हो सका है।
पंचायत के उप प्रधान सुभाष ठाकुर ने कहा कि पंचायत का प्रतिनिधिमंडल दो सालों में तीन बार उपायुक्त से मिल चुका है। करीब पांच से छह बार एनएचपीसी प्रबंधन से मुलाकात कर चुका है लेकिन कोई प्रयास नहीं किए गए।
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पंचायत के 130 से अधिक घरों को खतरा होने का मुख्य कारण 2023 में आई बाढ़ में एनएचपीसी प्रबंधन की ओर से बरती गई लापरवाही है। इससे तलाड़ा पंचायत की ओर भूमि कटाव हो गया। तलाड़ा पंप से गहरू देवता स्थल तक क्षेत्र में भूस्खलन लगातार जारी है। क्षेत्र में काफी ऊपर तक दरारें आ चुकी हैं। लोगों के घर गिर गए हैं। कइयों के घर खड़े तो हैं लेकिन वह रहने लायक नहीं हैं। 270 से अधिक परिवारों में रिश्तेदारों के घरों और टेंटों में शरण लेनी पड़ी है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में मुआयना कर प्रभावितों के हुए नुकसान का आकलन किया जाए। उन्होंने दो सालों से प्रशासन से मांग उठाई है कि तलाड़ा पंप से गहरू देवता के स्थान तक पिन पार्वती नदी किनारे सुरक्षा दीवार लगाई जाए।
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तीन बार डीसी से मिल चुका है प्रतिनिधिमंडल, खतरे में खड़े घर, डर के साये में जी रहे लोग
आरोप- एनएचपीसी की लापरवाही से शुरू हुआ भू कटाव, प्रशासन ने नहीं उठाया ठोस कदम
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। तलाड़ा पंचायत में पिछले दो वर्षों से बढ़ते भू-कटाव और भूस्खलन के कारण अब 130 से अधिक परिवारों के घर खतरनाक स्थिति में हैं। ग्रामीणों ने कई बार प्रशासन और एनएचपीसी से मदद की गुहार लगाई लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
इस वजह से अब मजबूरन कई परिवार रिश्तेदारों के घर या तंबू में रहने को विवश हो गए हैं। पंचायत प्रतिनिधिमंडल ने तीन बार उपायुक्त कुल्लू से मिलकर सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग की है लेकिन हालात में सुधार नहीं हो सका है।
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पंचायत के उप प्रधान सुभाष ठाकुर ने कहा कि पंचायत का प्रतिनिधिमंडल दो सालों में तीन बार उपायुक्त से मिल चुका है। करीब पांच से छह बार एनएचपीसी प्रबंधन से मुलाकात कर चुका है लेकिन कोई प्रयास नहीं किए गए।
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पंचायत के 130 से अधिक घरों को खतरा होने का मुख्य कारण 2023 में आई बाढ़ में एनएचपीसी प्रबंधन की ओर से बरती गई लापरवाही है। इससे तलाड़ा पंचायत की ओर भूमि कटाव हो गया। तलाड़ा पंप से गहरू देवता स्थल तक क्षेत्र में भूस्खलन लगातार जारी है। क्षेत्र में काफी ऊपर तक दरारें आ चुकी हैं। लोगों के घर गिर गए हैं। कइयों के घर खड़े तो हैं लेकिन वह रहने लायक नहीं हैं। 270 से अधिक परिवारों में रिश्तेदारों के घरों और टेंटों में शरण लेनी पड़ी है। उन्होंने सरकार और प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में मुआयना कर प्रभावितों के हुए नुकसान का आकलन किया जाए। उन्होंने दो सालों से प्रशासन से मांग उठाई है कि तलाड़ा पंप से गहरू देवता के स्थान तक पिन पार्वती नदी किनारे सुरक्षा दीवार लगाई जाए।