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एलपीएस के अधिकारी पर लाखों के गड़बड़झाले का आरोप
Updated Sun, 24 Sep 2017 10:03 PM IST
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केलांग (लाहौल-स्पीति)। एशिया की दूसरी सबसे बड़ी को-ऑपरेटिव सोसायटी लाहौल आलू उत्पादन संघ की साख दाव पर लग गई है। लाहौल आलू उत्पादन संघ (एलपीएस) के एक बड़े अधिकारी पर लाखों रुपये की वित्तीय अनियमितताओं का आरोप लगा है। इन आरोपों की पुष्टि एलपीएस के प्रबंधन ने की है।
आरोप है कि संस्था के एक उच्च अधिकारी ने तमाम सरकारी नियमों को ठेंगा दिखाते हुए सेवानिवृत्ति से पहले ही करीब 10 लाख रुपये की ग्रेच्युटी निकाल ली है। अधिकारी ने इसके लिए संस्था के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर को भी भरोसे में नहीं लिया है। मामला तब सार्वजनिक हुआ जब एलपीएस की वार्षिक बैठक में जिप सदस्य एवं जनजातीय युवा मंच के संयोजक अधिवक्ता सुदर्शन जस्पा ने इसका खुलासा किया। हालांकि एलपीएस प्रबंधन का कहना है कि इसके लिए अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है। जस्पा का कहना है कि यह एक आपराधिक मामला है। इसके लिए प्रबंधन को अधिकारी के खिलाफ पुलिस में तत्काल मामला दर्ज करवाना चाहिए। जबकि अधिकारी को जांच पूरी होने तक पद से निलंबित करने की मांग की जा रही है। जस्पा ने कहा कि संस्था सरकारी अनुदान पर चल रही है। लिहाजा जिला प्रशासन भी इस मामले को लेकर कार्रवाई करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि संस्था ने बिना विज्ञापन के ही मनाली स्थित आलीशान चंद्रा भागा होटल और एक रेस्ट हाउस एक ही शख्स को कौड़ियों के भाव लीज पर दे दिया है। जनरल हाउस में करोड़ों का सालाना कारोबार करने वाली संस्था ने अपना वार्षिक मुनाफा महज दो लाख रुपये बताया है। इसमें एक पेट्रोल पंप भी शामिल है। जनरल हाउस में मौजूद एसडीएम केलांग कुलबीर राणा से अधिकतर सदस्यों ने जस्पा का समर्थन करते हुए कथित आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। एलपीएस के वाइस चेयरमैन तंजिन ने स्वीकारा कि संस्था के एक अधिकारी ने बीओडी को बिना बताए रिटायरमेंट से पहले ही ग्रेच्युटी के करीब 10 लाख रुपये निकाले हैं। इस पर अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है। एसडीएम कुलबीर सिंह राणा ने बताया कि जनरल हाउस में सदस्यों की ओर से इस तरह के आरोप लगाए गए हैं।
बाक्स
किसानों के दम पर बना था एशिया में सिरमौर
केलांग। जनजातीय किसानों की मेहनत के दम पर लाहौल आलू उत्पादक संघ अमूल के बाद एशिया की दूसरा सबसे बड़ी को-ऑपरेटिव सोसायटी बनी थी। शुरुआती दौर में संस्था के करीब तीन हजार किसान सदस्य थे। लेकिन, संस्था की कार्यप्रणाली से भरोसा उठने के कारण 50 फीसदी किसानों ने संस्था का दामन छोड़ दिया। लाहौली आलू को देश और विदेश की बेहतर मंडियां उपलब्ध करने के मकसद से चार दशक पहले इस संस्था की नींव रखी गई थी। आज एलपीएस आलू के अलावा के पेट्रोल पंप और कई उत्पादों का मालिक है।
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आरोप है कि संस्था के एक उच्च अधिकारी ने तमाम सरकारी नियमों को ठेंगा दिखाते हुए सेवानिवृत्ति से पहले ही करीब 10 लाख रुपये की ग्रेच्युटी निकाल ली है। अधिकारी ने इसके लिए संस्था के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर को भी भरोसे में नहीं लिया है। मामला तब सार्वजनिक हुआ जब एलपीएस की वार्षिक बैठक में जिप सदस्य एवं जनजातीय युवा मंच के संयोजक अधिवक्ता सुदर्शन जस्पा ने इसका खुलासा किया। हालांकि एलपीएस प्रबंधन का कहना है कि इसके लिए अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है। जस्पा का कहना है कि यह एक आपराधिक मामला है। इसके लिए प्रबंधन को अधिकारी के खिलाफ पुलिस में तत्काल मामला दर्ज करवाना चाहिए। जबकि अधिकारी को जांच पूरी होने तक पद से निलंबित करने की मांग की जा रही है। जस्पा ने कहा कि संस्था सरकारी अनुदान पर चल रही है। लिहाजा जिला प्रशासन भी इस मामले को लेकर कार्रवाई करने में सक्षम है। उन्होंने कहा कि संस्था ने बिना विज्ञापन के ही मनाली स्थित आलीशान चंद्रा भागा होटल और एक रेस्ट हाउस एक ही शख्स को कौड़ियों के भाव लीज पर दे दिया है। जनरल हाउस में करोड़ों का सालाना कारोबार करने वाली संस्था ने अपना वार्षिक मुनाफा महज दो लाख रुपये बताया है। इसमें एक पेट्रोल पंप भी शामिल है। जनरल हाउस में मौजूद एसडीएम केलांग कुलबीर राणा से अधिकतर सदस्यों ने जस्पा का समर्थन करते हुए कथित आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। एलपीएस के वाइस चेयरमैन तंजिन ने स्वीकारा कि संस्था के एक अधिकारी ने बीओडी को बिना बताए रिटायरमेंट से पहले ही ग्रेच्युटी के करीब 10 लाख रुपये निकाले हैं। इस पर अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है। एसडीएम कुलबीर सिंह राणा ने बताया कि जनरल हाउस में सदस्यों की ओर से इस तरह के आरोप लगाए गए हैं।
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केलांग। जनजातीय किसानों की मेहनत के दम पर लाहौल आलू उत्पादक संघ अमूल के बाद एशिया की दूसरा सबसे बड़ी को-ऑपरेटिव सोसायटी बनी थी। शुरुआती दौर में संस्था के करीब तीन हजार किसान सदस्य थे। लेकिन, संस्था की कार्यप्रणाली से भरोसा उठने के कारण 50 फीसदी किसानों ने संस्था का दामन छोड़ दिया। लाहौली आलू को देश और विदेश की बेहतर मंडियां उपलब्ध करने के मकसद से चार दशक पहले इस संस्था की नींव रखी गई थी। आज एलपीएस आलू के अलावा के पेट्रोल पंप और कई उत्पादों का मालिक है।
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