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अब संवदेनशील सड़कों पर लगेंगे क्रैश बैरियर व पैरापिट

Tue, 05 Jul 2022 10:03 PM IST
Shimla Bureau शिमला ब्यूरो
Updated Tue, 05 Jul 2022 10:03 PM IST
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Crash barriers, parapits will now be installed on sensitive roads
फरेंद्र ठाकुर
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कुल्लू। कुल्लू जिले के शैंशर में हुए भीषण बस हादसे के बाद सरकार, प्रशासनिक और लोक निर्माण विभाग महकमा जाग रहा है। हादसे में 13 जिंदगियां खत्म होने के बाद उपमंडल बंजार समेत जिले की अन्य संवेदनशील सड़क के किनारे क्रैश बैरियर और पैरापिट लगाएं जाएंगे।
अब प्रशासन, लोक निर्माण विभाग ने मुसाफिरों और वाहनों चालकों की सुरक्षा को पहले की अपेक्षा अधिक मजबूत करने का फैसला लिया है। इसके लिए अलग से बजट का प्रावधान किया जाएगा। हालांकि लोक निर्माण विभाग ने ब्लैक स्पॉट वाले स्थानों पर सड़क के किनारे पैरापिट और क्रैश बैरियर स्थापित किए हैं, लेकिन शैंशर के जंगला गांव के पास जो बस हादसा हुआ, वहां सड़क पर पैरापिट और क्रैश बैरियर नहीं लगाए गए थे।
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अगर चालक-परिचालक ने खराब सड़क पर अपनी सूझबूझ से बस से सवारियों को उतारा दिया होता तो 13 जिंदगियां बच सकती थी। गांवों अगर सैंज क्षेत्र की बात करें तो यहां की अधिकतर सड़कें नई हैं, जनमें क्रैश बैरियर और पैरापिट का नाम तक नहीं हैं। ग्रामीण भी कई बार सड़क के किनारे पैरापिट या क्रैश बैरियर लगाने की मांग उठा चुके हैं, लेकिन प्रशासन और विभाग मांग को अनदेखा कर अपनी मनमर्जी कर रहा है। उधर, लोक निर्माण विभाग कुल्लू के अधीक्षण अभियंता केके शर्मा ने बताया कि बजट के अनुसार सड़क के किनारे क्रैश बैरियर व पैरापिट लगाए जा रहे हैं। बावजूद जिन सड़कों पर क्रैश बैरियर नहीं लगाए गए हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर लगाया जाएगा। उधर, विधायक सुरेंद्र शौरी ने कहा कि पैरापिट के लिए अलग से बजट का प्रावधान किया जाएगा।
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बड़े-बड़े पहाड़ काटकर निकाली गई कई सड़कें
बारिश में सड़कों पर आ रहा पहाड़ी का मलबा व पत्थर
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में कई सड़कें बड़े-बड़े पहाड़ को काटकर निकाली गई है, जहां से अगर अचानक कोई हादसा होता है तो बचने की उम्मीद न के बराबर है। इन क्षेत्रों में क्रैश बैरियर और पैरापिट का होना जरूरी है। कई जगह पर पहाड़ों की अवैध रूप से कटिंग की गई है, जिसकी वजह से बारिश के कारण मलबा और पत्थर सड़क पर पहुंच रहे हैं। चार दिन पहले शैंशर के मनु ऋषि मंदिर के पास बारिश के कारण सड़क पर मलबा आया था, लेकिन प्रशासन और विभाग ने उसे हटाना उचित नहीं समझा। संवाद

बंजार बस हादसे से नहीं लिया सबक
प्रशासनिक अधिकारियों ने बंजार के बयोड़ मोड़ में हुए भयावह बस हादसे के बाद भी सबक नहीं लिया। यहां पर एक निजी बस खाई में लुढ़क गई थी, जिसमें लगभग 44 लोगों ने अपनी जान गंवाई थीं। इस स्थान पर कोई पैरापिट या क्रैश बैरियर उस समय नहीं लगाए गए थे।
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