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Kullu News: बंद कपाट फिर भी बिजली महादेव पहुंच रहे लोग, मंदिर कमेटी सख्त
Wed, 05 Feb 2025 09:26 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 05 Feb 2025 09:26 AM IST
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बिजली महादेव मंदिर परिसर की सीमा पर लगाया पोस्टर। -स्रोत: मंदिर कमेटी
कुल्लू। बिजली महादेव मंदिर के कपाट 15 दिसंबर से 15 मार्च तक तीन महीने के लिए बंद रहते हैं, लेकिन कुछ लोग देव नियमों का उल्लंघन कर मंदिर परिसर तक पहुंच रहे हैं। खासकर रविवार और अवकाश वाले दिनों में श्रद्धालुओं की आवाजाही अधिक हो रही है। इससे देव परंपराओं में बाधा उत्पन्न हो रही है।
बिजली महादेव मंदिर कमेटी ने पहले ही श्रद्धालुओं से अनुरोध किया था कि कपाट बंद रहने के दौरान मंदिर न आएं। इसके बावजूद लोग मंदिर परिसर में पहुंच रहे हैं, जिससे देव समाज के लोग नाराज हैं। अब कमेटी ने खराहल घाटी के कराटे, रामशिला और बिजली महादेव की सीमा में गेट के बाहर चेतावनी भरे पोस्टर लगा दिए हैं।
भ्रैंण की ओर से भी प्रवेश मार्ग पर पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें स्पष्ट रूप से श्रद्धालुओं से कपाट अवधि में मंदिर न आने की अपील की गई है। बिजली महादेव मंदिर के कपाट हर वर्ष 15 दिसंबर से 15 मार्च तक बंद रहते हैं। हालांकि महाशिवरात्रि के दिन विशेष रूप से मंदिर के कपाट खोले जाते हैं। इस दिन हजारों भक्त भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। शिवरात्रि के अगले दिन दोबारा फिर कपाट बंद कर दिए जाते हैं।
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मंदिर कमेटी के कोषाध्यक्ष फतेह सिंह राणा ने कहा कि कपाट बंद के दौरान मंदिर परिसर में प्रवेश पूरी तरह वर्जित है। देव नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जगह-जगह पोस्टर भी लगाए गए हैं। देवता बिजली महादेव के कारदार विनेंद्र जंबाल ने भी श्रद्धालुओं से देव परंपराओं का सम्मान करने और नियमों का पालन करने की अपील की है।
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बिजली महादेव मंदिर कमेटी ने पहले ही श्रद्धालुओं से अनुरोध किया था कि कपाट बंद रहने के दौरान मंदिर न आएं। इसके बावजूद लोग मंदिर परिसर में पहुंच रहे हैं, जिससे देव समाज के लोग नाराज हैं। अब कमेटी ने खराहल घाटी के कराटे, रामशिला और बिजली महादेव की सीमा में गेट के बाहर चेतावनी भरे पोस्टर लगा दिए हैं।
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भ्रैंण की ओर से भी प्रवेश मार्ग पर पोस्टर लगाए गए हैं, जिनमें स्पष्ट रूप से श्रद्धालुओं से कपाट अवधि में मंदिर न आने की अपील की गई है। बिजली महादेव मंदिर के कपाट हर वर्ष 15 दिसंबर से 15 मार्च तक बंद रहते हैं। हालांकि महाशिवरात्रि के दिन विशेष रूप से मंदिर के कपाट खोले जाते हैं। इस दिन हजारों भक्त भगवान शिव के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। शिवरात्रि के अगले दिन दोबारा फिर कपाट बंद कर दिए जाते हैं।
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मंदिर कमेटी के कोषाध्यक्ष फतेह सिंह राणा ने कहा कि कपाट बंद के दौरान मंदिर परिसर में प्रवेश पूरी तरह वर्जित है। देव नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए जगह-जगह पोस्टर भी लगाए गए हैं। देवता बिजली महादेव के कारदार विनेंद्र जंबाल ने भी श्रद्धालुओं से देव परंपराओं का सम्मान करने और नियमों का पालन करने की अपील की है।