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चिट्टा सबसे बड़ा खतरा, जागरूकता ही बचाव : गिरधारी
Sat, 08 Aug 2026 10:35 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 08 Aug 2026 10:35 AM IST
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कुल्लू। जिला कल्याण अधिकारी गिरधारी लाल शर्मा ने कहा कि पारंपरिक नशों की तुलना में चिट्टा कहीं अधिक घातक है और यह युवाओं को बहुत कम समय में अपनी गिरफ्त में ले लेता है। जागरूकता ही इससे बचाव का तरीका है।
उन्होंने यह बात सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के जिला कल्याण विभाग और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त तत्वावधान में चलाए गए नशा मुक्त भारत अभियान के समापन अवसर पर कही।
अभियान के अंतिम चरण में गड़सा और भुंतर बस अड्डे पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान मन्नत कला मंच कुल्लू के कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक नशे को छोड़ जिंदगी की ओर प्रस्तुत कर लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिंथेटिक हेरोइन (चिट्टा) का बढ़ता प्रचलन गंभीर चिंता का विषय बन गया है। सरकारी रिपोर्टों के अनुसार, ड्रग्स से जुड़े मामलों में शिमला के बाद कुल्लू जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।
कुल्लू पुलिस मणिकर्ण, कसोल, भुंतर, मनाली और बंजार जैसे पर्यटन क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर प्रतिवर्ष करीब एक से 1.2 किलोग्राम शुद्ध चिट्टा और हेरोइन बरामद कर रही है, जिसकी आपूर्ति बाहरी राज्यों से होती है। बंजार क्षेत्र में एक अभियान के दौरान 78,820 से अधिक अवैध अफीम के पौधों को भी नष्ट किया गया।
उन्होंने कहा कि आनी सहित जिले के दुर्गम क्षेत्रों में चिट्टे की ओवरडोज के कारण 20 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की मौत के मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने आगाह किया कि चिट्टे का इंजेक्शन के माध्यम से सेवन करने से एचआईवी और हेपेटाइटिस जैसे गंभीर संक्रमण का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवन अपनाने और समाज को नशामुक्त बनाने में सहयोग करने की अपील की।
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उन्होंने यह बात सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के जिला कल्याण विभाग और सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के संयुक्त तत्वावधान में चलाए गए नशा मुक्त भारत अभियान के समापन अवसर पर कही।
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अभियान के अंतिम चरण में गड़सा और भुंतर बस अड्डे पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान मन्नत कला मंच कुल्लू के कलाकारों ने नुक्कड़ नाटक नशे को छोड़ जिंदगी की ओर प्रस्तुत कर लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
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उन्होंने कहा कि प्रदेश में सिंथेटिक हेरोइन (चिट्टा) का बढ़ता प्रचलन गंभीर चिंता का विषय बन गया है। सरकारी रिपोर्टों के अनुसार, ड्रग्स से जुड़े मामलों में शिमला के बाद कुल्लू जिला प्रदेश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है।
कुल्लू पुलिस मणिकर्ण, कसोल, भुंतर, मनाली और बंजार जैसे पर्यटन क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर प्रतिवर्ष करीब एक से 1.2 किलोग्राम शुद्ध चिट्टा और हेरोइन बरामद कर रही है, जिसकी आपूर्ति बाहरी राज्यों से होती है। बंजार क्षेत्र में एक अभियान के दौरान 78,820 से अधिक अवैध अफीम के पौधों को भी नष्ट किया गया।
उन्होंने कहा कि आनी सहित जिले के दुर्गम क्षेत्रों में चिट्टे की ओवरडोज के कारण 20 से 25 वर्ष आयु वर्ग के युवाओं की मौत के मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने आगाह किया कि चिट्टे का इंजेक्शन के माध्यम से सेवन करने से एचआईवी और हेपेटाइटिस जैसे गंभीर संक्रमण का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर स्वस्थ जीवन अपनाने और समाज को नशामुक्त बनाने में सहयोग करने की अपील की।