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Kullu News: देव शृंगा ऋषि के सम्मान में मनाया चार त्वार पर्व
Sat, 15 Feb 2025 10:37 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sat, 15 Feb 2025 10:37 PM IST
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बंजार के चैहनी कोठी में चार त्वार पर्व देवता श्रृंगा ऋषि देवलूओ के साथ।-ग्रामीण
बंजार घाटी में चल रहे फागली उत्सव का हुआ समापन
संवाद न्यूज एजेंसी
बंजार (कुल्लू)। उपमंडल बंजार के चैहणी में देवता शृंगा ऋषि के सम्मान में चार त्वार पर्व मनाया गया। इसका देव विधि के अनुसार पुरातन परंपराओं का निर्वाह करते हुए समापन हो गया।
गांव में सैकड़ों लोगों सहित बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी ने भी इसमें भाग लिया। त्वार पर्व के दौरान एक अनोखी परंपरा का निर्वाहन किया गया। इसमें बर्फ के साथ एक खेल भी खेला गया, जिसका दूरदराज क्षेत्रों से आए लोगों ने भी आनंद लिया।
देवता शृंगा ऋषि के पुजारी चन्नण शर्मा, इंद्र देव शर्मा, जितेंद्र शर्मा, हेम राज शर्मा और हरि शर्मा ने बताया कि चार त्वार पर्व विशेष रूप से देवता शृंगा ऋषि को समर्पित है। इसका आयोजन फाल्गुन संक्रांति के चौथे दिन किया जाता है। पांच कोठी सहित कई क्षेत्रों के लोग एकत्रित हुए। पूजा-अर्चना के बाद देवता के गूर से आशीर्वाद के तौर में सरसों के फूल लिए। उन्होंने बताया कि पर्व के दौरान एक विशेष खेल का आयोजन किया जाता है, जिसे लुहासरी कहा जाता है। इसमें हारियान देवता से आशीर्वाद स्वरूप छड़ी लेकर बर्फ में खेलते हैं। इसे शुभ माना जाता है। गौरतलब है कि 12 से 14 फरवरी तक बंजार क्षेत्र के कई गांवों विणी, बाहू, तांदी तीर्थन आदि में फागली उत्सव मनाया गया। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
बंजार (कुल्लू)। उपमंडल बंजार के चैहणी में देवता शृंगा ऋषि के सम्मान में चार त्वार पर्व मनाया गया। इसका देव विधि के अनुसार पुरातन परंपराओं का निर्वाह करते हुए समापन हो गया।
गांव में सैकड़ों लोगों सहित बंजार के विधायक सुरेंद्र शौरी ने भी इसमें भाग लिया। त्वार पर्व के दौरान एक अनोखी परंपरा का निर्वाहन किया गया। इसमें बर्फ के साथ एक खेल भी खेला गया, जिसका दूरदराज क्षेत्रों से आए लोगों ने भी आनंद लिया।
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देवता शृंगा ऋषि के पुजारी चन्नण शर्मा, इंद्र देव शर्मा, जितेंद्र शर्मा, हेम राज शर्मा और हरि शर्मा ने बताया कि चार त्वार पर्व विशेष रूप से देवता शृंगा ऋषि को समर्पित है। इसका आयोजन फाल्गुन संक्रांति के चौथे दिन किया जाता है। पांच कोठी सहित कई क्षेत्रों के लोग एकत्रित हुए। पूजा-अर्चना के बाद देवता के गूर से आशीर्वाद के तौर में सरसों के फूल लिए। उन्होंने बताया कि पर्व के दौरान एक विशेष खेल का आयोजन किया जाता है, जिसे लुहासरी कहा जाता है। इसमें हारियान देवता से आशीर्वाद स्वरूप छड़ी लेकर बर्फ में खेलते हैं। इसे शुभ माना जाता है। गौरतलब है कि 12 से 14 फरवरी तक बंजार क्षेत्र के कई गांवों विणी, बाहू, तांदी तीर्थन आदि में फागली उत्सव मनाया गया। संवाद
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