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Kullu News: यूपीआई पर शुल्क से बोझ ज्यादा, छूट हो सकती है कम

Thu, 17 Sep 2026 10:50 PM IST
शिमला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू Updated Thu, 17 Sep 2026 10:50 PM IST
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Burden of UPI charges is high; exemptions may be reduced.
कुल्लू। नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की ओर से यूपीआई ट्रांजेक्शन के लिए मर्चेंट डिस्काउंट रेट को लेकर किए गए एलान के बाद कुल्लू शहर के बड़े व्यापारियों में चिंता बढ़ गई है।
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व्यापारियों का कहना है कि दो हजार रुपये से अधिक के पर्सन-टू-मर्चेंट ऑनलाइन भुगतान पर 0.4 प्रतिशत शुल्क लगने से बड़े लेनदेन करने वाले दुकानदारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। इसका असर आने वाले समय में ग्राहकों को दी जाने वाली छूट पर भी पड़ सकता है।
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व्यापारियों के अनुसार मौजूदा समय में ग्राहकों को कई सामान पर छूट दी जाती है। यदि ऑनलाइन भुगतान पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है तो इसकी भरपाई के लिए छूट में कटौती करनी पड़ सकती है।
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वहीं, व्यापारी यूपीआई के बजाय ग्राहकों से नकद भुगतान लेने को प्राथमिकता दे सकते हैं। आज के दौर में बड़े भुगतान के लिए यूपीआई का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में दो हजार रुपये से अधिक के भुगतान पर लगने वाले 0.4 प्रतिशत शुल्क को लेकर बड़े कारोबारियों को अपनी लेनदेन व्यवस्था पर दोबारा विचार करना पड़ सकता है।
व्यापारियों ने कहा कि छोटे भुगतान पर इसका प्रभाव नहीं होगा लेकिन बड़े लेनदेन करने वाले व्यापारियों के लिए यह अतिरिक्त खर्च का कारण बन सकता है।

यूपीआई ट्रांजेक्शन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट जारी होने से दुकानदारों के साथ ग्राहकों पर भी असर पड़ने की आशंका है। यदि यूपीआई के माध्यम से भुगतान लेने पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ता है तो नुकसान से बचने के लिए नकद भुगतान को प्राथमिकता देनी पड़ सकती है। - प्रसुन शर्मा, व्यापारी, अखाड़ा बाजार निवासी


आज के दौर में अधिकांश व्यापारी सामान खरीदने और भुगतान करने के लिए ऑनलाइन यूपीआई का इस्तेमाल करते हैं। व्यापारियों का कहना है कि इस शुल्क का सीधा असर बड़े लेनदेन करने वाले व्यापारियों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा कि दो हजार रुपये से अधिक के यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत शुल्क लेना उचित नहीं है। व्यापारियों ने सरकार से इस शुल्क व्यवस्था पर दोबारा विचार करने की मांग उठाई है। - अनंत सूद, व्यापारी, भुंतर निवासी
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