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ब्लैक स्पॉट किए जाएं दुरुस्त, मजबूत हों क्रैश बैरियर : राठौर
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कुल्लू। जिले के पहाड़ी क्षेत्र को देखते हुए तीखे मोड़ों और गहरी खाइयों वाले स्थानों पर मजबूत क्रैश बैरियर लगाए जाएं। दुर्घटना संभावित स्थलों (ब्लैक स्पॉट) को चिह्नित कर वहां आवश्यक सुधार कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरे किए जाएं। इन स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, रिफ्लेक्टर और उचित संकेतक भी लगाए जाएं। ब्लैक स्पॉट में सुधार होने से सड़क हादसों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है। यह बात अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी (एडीएम) सुरजीत कुमार राठौर ने सोमवार को जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए कही।
बैठक में जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न उपायों पर चर्चा की गई। दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान, यातायात नियमों का कड़ाई से पालन, सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाने और सड़क सुधार कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया गया। एडीएम ने स्कूली बच्चों और आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
सर्दियों में कोहरे और बर्फबारी के कारण संभावित सड़क हादसों को रोकने के लिए सड़कों पर पर्याप्त रिफ्लेक्टर लगाने और एंटी-स्किड तकनीक का इस्तेमाल करने पर भी विशेष जोर दिया गया। उन्होंने आईआरएडी और ईआरएडी पोर्टल के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं का सटीक विश्लेषण करने तथा हादसों के बाद तकनीकी ऑडिट समय पर पूरा करने के लिए पोर्टल पर डाटा एंट्री में तेजी लाने को कहा। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनमोहन सिंह, सहायक आयुक्त जयबंती ठाकुर, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी आकांक्षा शर्मा, अधिशासी अभियंता बीसी नेगी, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुरेश उपस्थित रहे। संवाद
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बैठक में जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न उपायों पर चर्चा की गई। दुर्घटना संभावित स्थलों की पहचान, यातायात नियमों का कड़ाई से पालन, सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाने और सड़क सुधार कार्यों में तेजी लाने पर जोर दिया गया। एडीएम ने स्कूली बच्चों और आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए।
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सर्दियों में कोहरे और बर्फबारी के कारण संभावित सड़क हादसों को रोकने के लिए सड़कों पर पर्याप्त रिफ्लेक्टर लगाने और एंटी-स्किड तकनीक का इस्तेमाल करने पर भी विशेष जोर दिया गया। उन्होंने आईआरएडी और ईआरएडी पोर्टल के माध्यम से सड़क दुर्घटनाओं का सटीक विश्लेषण करने तथा हादसों के बाद तकनीकी ऑडिट समय पर पूरा करने के लिए पोर्टल पर डाटा एंट्री में तेजी लाने को कहा। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मनमोहन सिंह, सहायक आयुक्त जयबंती ठाकुर, क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी आकांक्षा शर्मा, अधिशासी अभियंता बीसी नेगी, जिला कार्यक्रम अधिकारी डॉ. सुरेश उपस्थित रहे। संवाद
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