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एचआईवी से जागरूकता ही बचाव : ममता
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राजकीय बहुतकनीकी संस्थान सेउबाग में गंभीर रोगों पर प्रशिक्षुओं को किया जागरूक
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। एचआईवी एड्स से बचाव केवल जागरूकता से ही हो सकता है। एड्स एक जानलेवा बीमारी है। अकसर देखा जाता है कि जानकारी के अभाव में लोग इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। यह बात स्वास्थ्य खंड नग्गर की स्वास्थ्य शिक्षक ममता ने कही। स्वास्थ्य विभाग ने राजकीय बहुतकनीकी संस्थान सेउबाग में मंगलवार को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें प्रशिक्षुओं को गंभीर बीमारियों एचआईवी एड्स, क्षय रोग तथा स्वास्थ्य पोषण पर जागरूक किया गया। कार्यक्रम संस्थान के रेड रिबन क्लब ने किया।
स्वास्थ्य शिक्षक ममता ने कहा कि एचआईवी से बचाव और जागरूकता के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एकीकृत अभियान चलाया है। इसमें शिक्षण संस्थानों, सार्वजनिक कार्यक्रमों में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा विभाग टीबी मुक्त पंचायत अभियान भी चला रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश को साल 2025 तक क्षय रोग मुक्त बनाना है। इसके लिए घरद्वार पर आशा कार्यकर्ताओं की ओर से क्षय रोगियों की पहचान की जा रही है।
मरीजों में क्षय रोग के लक्षण दिखने पर उनके सैंपल लिए जा रहे हैं। यदि कोई मरीज क्षय रोग पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसका समय पर उपचार किया जा रहा है। स्वास्थ्य काउंसलर घनश्याम ने प्रशिक्षुओं को दिनचर्या में बदलाव कर स्वस्थ रहने का संदेश दिया। कहा कि शरीर को रोग मुक्त रखने के लिए पौष्टिक आहार लेना अनिवार्य है। कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं की पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता भी करवाई गई। प्रतियोगिता में विजेता प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान संस्थान के प्रधानाचार्य नीरज उप्पल, सतीश मालपा, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी खुशलता ठाकुर आदि उपस्थित रहे। संवाद
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। एचआईवी एड्स से बचाव केवल जागरूकता से ही हो सकता है। एड्स एक जानलेवा बीमारी है। अकसर देखा जाता है कि जानकारी के अभाव में लोग इस जानलेवा बीमारी की चपेट में आ जाते हैं। यह बात स्वास्थ्य खंड नग्गर की स्वास्थ्य शिक्षक ममता ने कही। स्वास्थ्य विभाग ने राजकीय बहुतकनीकी संस्थान सेउबाग में मंगलवार को जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इसमें प्रशिक्षुओं को गंभीर बीमारियों एचआईवी एड्स, क्षय रोग तथा स्वास्थ्य पोषण पर जागरूक किया गया। कार्यक्रम संस्थान के रेड रिबन क्लब ने किया।
स्वास्थ्य शिक्षक ममता ने कहा कि एचआईवी से बचाव और जागरूकता के लिए स्वास्थ्य विभाग ने एकीकृत अभियान चलाया है। इसमें शिक्षण संस्थानों, सार्वजनिक कार्यक्रमों में लोगों को जागरूक किया जा रहा है। इसके अलावा विभाग टीबी मुक्त पंचायत अभियान भी चला रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य प्रदेश को साल 2025 तक क्षय रोग मुक्त बनाना है। इसके लिए घरद्वार पर आशा कार्यकर्ताओं की ओर से क्षय रोगियों की पहचान की जा रही है।
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मरीजों में क्षय रोग के लक्षण दिखने पर उनके सैंपल लिए जा रहे हैं। यदि कोई मरीज क्षय रोग पॉजिटिव पाया जाता है, तो उसका समय पर उपचार किया जा रहा है। स्वास्थ्य काउंसलर घनश्याम ने प्रशिक्षुओं को दिनचर्या में बदलाव कर स्वस्थ रहने का संदेश दिया। कहा कि शरीर को रोग मुक्त रखने के लिए पौष्टिक आहार लेना अनिवार्य है। कार्यक्रम में प्रशिक्षुओं की पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता भी करवाई गई। प्रतियोगिता में विजेता प्रशिक्षुओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान संस्थान के प्रधानाचार्य नीरज उप्पल, सतीश मालपा, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी खुशलता ठाकुर आदि उपस्थित रहे। संवाद
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