हिमाचल: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने निहारी अटल टनल रोहतांग, मनाली मालरोड पर की खरीदारी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को रोहतांग स्थित अटल टनल का दौरा किया और इसकी इंजीनियरिंग की सराहना की। उन्होंने सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों और जवानों के समर्पण व मेहनत की प्रशंसा करते हुए टनल को भारत की तकनीकी क्षमता और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में संपर्क सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता का प्रमाण बताया। राष्ट्रपति के हिमाचल दौरे के कार्यक्रम में 7 अक्टूबर को अटल सुरंग का दौरा निर्धारित था।
विस्तार
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुधवार को रोहतांग स्थित अटल टनल का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने टनल की इंजीनियरिंग और इसके निर्माण में सीमा सड़क संगठन (BRO) के अधिकारियों तथा जवानों के योगदान की सराहना की। राष्ट्रपति ने अटल टनल को वैश्विक मानकों की इंजीनियरिंग का अद्भुत उदाहरण बताया।
President Droupadi Murmu visited the Atal Tunnel, Rohtang, Himachal Pradesh. The strategically significant Atal Tunnel which connects Manali to the Lahaul-Spiti valley throughout the year was inaugurated in 2020 by Prime Minister Shri Narendra Modi. The President said that the Atal Tunnel is an engineering marvel of global standards, constructed with exemplary dedication by the Border Roads Organisation. This iconic infrastructure stands as a testament to India’s technological prowess, determination and commitment to ensuring seamless connectivity in the most challenging terrains.
— President of India (@rashtrapatibhvn) October 7, 2026विज्ञापन
राष्ट्रपति ने टनल के निर्माण में जुटे बीआरओ के अधिकारियों और जवानों के समर्पण तथा मेहनत की सराहना की। पहाड़ की कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में तैयार की गई यह सुरंग मनाली और लाहौल-स्पीति क्षेत्र के बीच संपर्क का महत्वपूर्ण माध्यम बनी है। राष्ट्रपति ने बुधवार शाम को मनाली मालरोड की सैर की। 10 मिनट तक मालरोड पर घूमने के बाद राष्ट्रपति मुर्मू होटल लाैट गईं। उन्होंने मालरोड पर तिब्बतन एम्पोरियम में जाकर खरीदारी भी की।
अटल टनल के निर्माण से मनाली और लाहौल-स्पीति के बीच सालभर सड़क संपर्क उपलब्ध हुआ। इससे स्थानीय लोगों के साथ-साथ पर्यटकों के लिए भी क्षेत्र तक पहुंच आसान हुई है। वहीं, सीमा से जुड़े क्षेत्रों तक संपर्क मजबूत होने के कारण यह परियोजना सामरिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। राष्ट्रपति की यह यात्रा ऐसे समय हुई है जब वह 6 से 8 अक्टूबर तक हिमाचल प्रदेश के दौरे पर हैं। उनके आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार 6 अक्टूबर को उन्होंने बिलासपुर में एम्स के प्रथम दीक्षांत समारोह में हिस्सा लिया, जबकि 7 अक्टूबर को रोहतांग स्थित अटल सुरंग का दौरा निर्धारित था।
अटल टनल का निर्माण बेहद चुनौतीपूर्ण हिमालयी परिस्थितियों में किया गया। इसके उद्घाटन के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी टनल की इंजीनियरिंग और निर्माण में बीआरओ के सामने आई चुनौतियों का उल्लेख किया था। उन्होंने इसे इंजीनियरिंग और कार्य संस्कृति की दृष्टि से विशिष्ट परियोजना बताते हुए देश-विदेश के विद्यार्थियों के लिए केस स्टडी के रूप में उपयोग करने की बात कही थी। राष्ट्रपति के दौरे से एक बार फिर अटल टनल की इंजीनियरिंग क्षमता, सामरिक उपयोगिता और हिमाचल के दुर्गम क्षेत्रों को वर्षभर जोड़ने वाली इसकी भूमिका चर्चा में आई है।