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खुमानी रिकॉर्डतोड़ 60 रुपये किलो बिकी
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू/खराहल। जिला कुल्लू की सब्जी मंडियों में इस साल खुमानी को रिकॉर्डतोड़ दाम मिल रहे हैं। इस बार न केवल जिले में खुमानी की फसल बंपर है, बल्कि बागवानों को पहली बार खुमानी का रेट 60 रुपये किलो मिला है। इससे पूर्व खुमानी 35 से 40 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिकती रही है। स्थानीय मंडी भुंतर और बंदरोल में खुमानी के रेट बेहतर मिलने से उत्पादकों के चेहरों पर रौनक आ गई है।
जिला कुल्लू में प्लम के साथ कई बागवान खुमानी का उत्पादन कर अच्छी आमदनी अर्जित कर रहे हैं। विटामिन सी से भरपूर खुमानी की इस साल अच्छी फसल है। खुमानी की फसल सूबे के ऊंचे पर्वतीय, मध्य पर्वतीय और शुष्क पर्वतीय क्षेत्रों में तैयार होती है। इस साल सूखे की वजह से थोड़ा फलों का आकार प्रभावित हुआ है, लेकिन सिंचाई वाले क्षेत्रों में फल का साइज और गुणवत्ता काफी अच्छी है। घाटी के बागवान अमित, चमन, अखिल ठाकुर, ज्ञान ठाकुर अशोक ठाकुर, वेद, प्रताप पठानिया का कहना है कि जिले में बागवानों ने कुछ नई किस्म भी तैयार की है। भुंतर मंडी में फल व्यापारी सिंदू सागर शर्मा ने कहा कि भुंतर में खुमानी पहली बार 60 रुपये किलो बिकी है।
निचले क्षेत्रों में अधिक पैदावार
फलोत्पादक मंडल कुल्लू के प्रधान महेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि जिला कुल्लू में बागवानों ने अपने बगीचों में किनारों पर कुछ पेड़ लगाए हैं। कुल्लू के निचले इलाकोें में खुमानी की पैदावार अधिक होती है। अब कई नई वैरारयटी आने से इनके बाजार में अच्छे दाम मिल रहे है। व्यवसाय की दृष्टि से बागवान अब इन पौधों को अधिक संख्या में लगा रहे हैं।
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इन किस्मों का हो रहा उत्पादन
जिले में अभी कैशा, नगटसफेदा, चारमग्ज, शक्करपारा, अर्ली शिप्ले तथा ऐमा आदि किस्म की खुमानी तैयार हो रही है। शुष्क पर्वतीय क्षेत्रों में सुखाई जाने वाली किस्में अधिक तैयार होती है।
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कुल्लू/खराहल। जिला कुल्लू की सब्जी मंडियों में इस साल खुमानी को रिकॉर्डतोड़ दाम मिल रहे हैं। इस बार न केवल जिले में खुमानी की फसल बंपर है, बल्कि बागवानों को पहली बार खुमानी का रेट 60 रुपये किलो मिला है। इससे पूर्व खुमानी 35 से 40 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिकती रही है। स्थानीय मंडी भुंतर और बंदरोल में खुमानी के रेट बेहतर मिलने से उत्पादकों के चेहरों पर रौनक आ गई है।
जिला कुल्लू में प्लम के साथ कई बागवान खुमानी का उत्पादन कर अच्छी आमदनी अर्जित कर रहे हैं। विटामिन सी से भरपूर खुमानी की इस साल अच्छी फसल है। खुमानी की फसल सूबे के ऊंचे पर्वतीय, मध्य पर्वतीय और शुष्क पर्वतीय क्षेत्रों में तैयार होती है। इस साल सूखे की वजह से थोड़ा फलों का आकार प्रभावित हुआ है, लेकिन सिंचाई वाले क्षेत्रों में फल का साइज और गुणवत्ता काफी अच्छी है। घाटी के बागवान अमित, चमन, अखिल ठाकुर, ज्ञान ठाकुर अशोक ठाकुर, वेद, प्रताप पठानिया का कहना है कि जिले में बागवानों ने कुछ नई किस्म भी तैयार की है। भुंतर मंडी में फल व्यापारी सिंदू सागर शर्मा ने कहा कि भुंतर में खुमानी पहली बार 60 रुपये किलो बिकी है।
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निचले क्षेत्रों में अधिक पैदावार
फलोत्पादक मंडल कुल्लू के प्रधान महेंद्र उपाध्याय बताते हैं कि जिला कुल्लू में बागवानों ने अपने बगीचों में किनारों पर कुछ पेड़ लगाए हैं। कुल्लू के निचले इलाकोें में खुमानी की पैदावार अधिक होती है। अब कई नई वैरारयटी आने से इनके बाजार में अच्छे दाम मिल रहे है। व्यवसाय की दृष्टि से बागवान अब इन पौधों को अधिक संख्या में लगा रहे हैं।
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इन किस्मों का हो रहा उत्पादन
जिले में अभी कैशा, नगटसफेदा, चारमग्ज, शक्करपारा, अर्ली शिप्ले तथा ऐमा आदि किस्म की खुमानी तैयार हो रही है। शुष्क पर्वतीय क्षेत्रों में सुखाई जाने वाली किस्में अधिक तैयार होती है।