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जरा सी चूक बागवानों पर पड़ सकती है भारी
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कुल्लू में सेब को बॉक्स में पैक करते हुए।
- फोटो : Kullu
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कुल्लू। जिला में सेब सीजन को लेकर बागवानों की परेशानी बढ़ती जा रही है। इस बार बागवानों को मजदूर नहीं मिल रहे, जो बाहर से आ रहे, उनसे कोरोना फैलने का डर सता रहा है। जिला की स्थानीय सब्जी मंडियों में बाहरी राज्यों से कई मजदूर व व्यापारी सेब सीजन के लिए पहुंच चुके हैं। ऐसे में बागवानों को बाहर से आए इन व्यापारियों व मजदूरों से कोरोना का डर सताने लगा है। सब्जी मंडियों में जरा सी चूक बागवानों को जोखिम में डाल सकती है।
सीजन में अधिक एहतियात बरतने की जरूरत है। हालांकि आढ़ती एसोसिएशन मंडियों में पुख्ता इंतजाम होने का दावा कर रही है। लेकिन तीन दिन पहले भी बंदरोल सब्जी मंडी में एक व्यापारी बिना क्वारंटीन हुए सेब खरीदता पाया गया था। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है। गौर रहे जिला में सब्जी मंडी बंदरोल, सब्जी मंडी भुंतर, सब्जी मंडी शाट, सब्जी मंडी पतलीकूहल, सब्जी मंडी बंजार और आनी की खेगसू में सेब की अर्ली वैरायटी आनी शुरू हो गई है। रॉयल वैरायटी की खेप अगस्त से शुरू हो जाएगी। मंडियों में सेब खरीदने के लिए बाहरी राज्यों से व्यापारी आए हैं। मंडी में सेब क्रेट को इधर-उधर ले जाने के लिए काफी संख्या में बाहरी मजदूर भी इन्हीं व्यापारियों की ओर से लाए गए हैं। मंडियों में काम करने वाले 90 फीसदी प्रवासी हैं। ऐसे में कोरोना का खतरा बना हुआ है। प्रदेश में हर दिन कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए घाटी के बागवानों को भी डर है कि सेब बेचने के लिए जा रहे बागवान वापसी में साथ कोरोना लेकर आ सकते हैं। पिछले दिनों भी आनी में सब्जी मंडी में काम करने के लिए आए मजदूर कोरोना संक्रमित निकले थे। हर दिन बढ़ते कोरोना के मामलों को लेकर बागवान चिंतित हैं।
क्वारंटीन के बाद मंडी में भेजे जा रहे व्यापारी
फल एवं सब्जी उत्पादक संगठन के महासचिव सुनील राणा ने कहा कि संगठन वर्तमान स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बंदरोल सब्जी मंडी आढ़ती यूनियन के प्रधान मोहन ठाकुर ने कहा कि व्यापारियों को 14 दिन क्वारंटीन करने के बाद ही मंडी में भेजा जा रहा है। पुलिस के जवानों के साथ मिलकर किसानों-बागवानों और आढ़तियों को सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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सीजन में अधिक एहतियात बरतने की जरूरत है। हालांकि आढ़ती एसोसिएशन मंडियों में पुख्ता इंतजाम होने का दावा कर रही है। लेकिन तीन दिन पहले भी बंदरोल सब्जी मंडी में एक व्यापारी बिना क्वारंटीन हुए सेब खरीदता पाया गया था। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है। गौर रहे जिला में सब्जी मंडी बंदरोल, सब्जी मंडी भुंतर, सब्जी मंडी शाट, सब्जी मंडी पतलीकूहल, सब्जी मंडी बंजार और आनी की खेगसू में सेब की अर्ली वैरायटी आनी शुरू हो गई है। रॉयल वैरायटी की खेप अगस्त से शुरू हो जाएगी। मंडियों में सेब खरीदने के लिए बाहरी राज्यों से व्यापारी आए हैं। मंडी में सेब क्रेट को इधर-उधर ले जाने के लिए काफी संख्या में बाहरी मजदूर भी इन्हीं व्यापारियों की ओर से लाए गए हैं। मंडियों में काम करने वाले 90 फीसदी प्रवासी हैं। ऐसे में कोरोना का खतरा बना हुआ है। प्रदेश में हर दिन कोरोना के मामले बढ़ते जा रहे हैं। कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए घाटी के बागवानों को भी डर है कि सेब बेचने के लिए जा रहे बागवान वापसी में साथ कोरोना लेकर आ सकते हैं। पिछले दिनों भी आनी में सब्जी मंडी में काम करने के लिए आए मजदूर कोरोना संक्रमित निकले थे। हर दिन बढ़ते कोरोना के मामलों को लेकर बागवान चिंतित हैं।
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क्वारंटीन के बाद मंडी में भेजे जा रहे व्यापारी
फल एवं सब्जी उत्पादक संगठन के महासचिव सुनील राणा ने कहा कि संगठन वर्तमान स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। बंदरोल सब्जी मंडी आढ़ती यूनियन के प्रधान मोहन ठाकुर ने कहा कि व्यापारियों को 14 दिन क्वारंटीन करने के बाद ही मंडी में भेजा जा रहा है। पुलिस के जवानों के साथ मिलकर किसानों-बागवानों और आढ़तियों को सोशल डिस्टेंसिंग, मास्क पहनने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
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