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Kullu News: एनजीटी में बिजली महादेव रोपवे की सुनवाई पर टिकी निगाहें
Wed, 29 Oct 2025 06:39 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 29 Oct 2025 06:39 AM IST
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कुल्लू। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) में बिजली महादेव रोपवे को लेकर होने वाली सुनवाई पर सबकी नजरें टिकी हैं। 30 अक्तूबर को एनजीटी के बेंच में बिजली महादेव रोपवे के संबंध में सुनवाई होनी है। बिजली महादेव रोपवे के विरोध में अब दो याचिकाएं दर्ज की गई हैं।
इससे पहले रोपवे के विरोध में एक ही याचिका दायर थी। अक्तूबर महीने में एक ओर याचिका को एनजीटी ने मंजूर किया। यह याचिका बिजली महादेव मंदिर कमेटी की ओर से लगाई गई थी। एक सुनवाई 17 अक्तूबर को हो चुकी है। अब दूसरी सुनवाई 30 अक्तूबर को होनी है। इसमें प्रदेश सरकार की ओर से बिजली महादेव रोपवे में काटे गए हरे पेड़ों और एफसीए आदि को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की जाएगी। रोपवे के लिए काटे गए हरे पेड़ों के बाद सरकार अब तक एनजीटी में अपना कोई ठोस पक्ष नहीं रख सकी है। ऐसे में 284 करोड़ की परियोजना घिरती हुई नजर आ रही है।
रोपवे निर्माण कार्य करने वाली एजेंसी ने पेच्छा गांव से लेकर बिजली महादेव की पहाड़ी तक कायल के 67 हरे पेड़ों को काट दिया था। हरे पेड़ों को काटने के बाद खराहल घाटी की जनता और महिलाओं ने न केवल मौके पर पहुंचकर काम बंद करवाया बल्कि काटे गए पेड़ों की लकड़ी को भी ले जाने नहीं दिया। बिजली महादेव मंदिर कमेटी के कोषाध्यक्ष फतेह सिंह राणा ने कहा कि अगली सुनवाई 30 अक्तूबर को होनी है। इसमें सरकार ने अपना जवाब देना है। उन्होंने कहा कि बिजली महादेव रोपवे के खिलाफ हर मोर्चे पर लड़ाई जारी रहेगी।
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इससे पहले रोपवे के विरोध में एक ही याचिका दायर थी। अक्तूबर महीने में एक ओर याचिका को एनजीटी ने मंजूर किया। यह याचिका बिजली महादेव मंदिर कमेटी की ओर से लगाई गई थी। एक सुनवाई 17 अक्तूबर को हो चुकी है। अब दूसरी सुनवाई 30 अक्तूबर को होनी है। इसमें प्रदेश सरकार की ओर से बिजली महादेव रोपवे में काटे गए हरे पेड़ों और एफसीए आदि को लेकर अपनी स्थिति स्पष्ट की जाएगी। रोपवे के लिए काटे गए हरे पेड़ों के बाद सरकार अब तक एनजीटी में अपना कोई ठोस पक्ष नहीं रख सकी है। ऐसे में 284 करोड़ की परियोजना घिरती हुई नजर आ रही है।
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रोपवे निर्माण कार्य करने वाली एजेंसी ने पेच्छा गांव से लेकर बिजली महादेव की पहाड़ी तक कायल के 67 हरे पेड़ों को काट दिया था। हरे पेड़ों को काटने के बाद खराहल घाटी की जनता और महिलाओं ने न केवल मौके पर पहुंचकर काम बंद करवाया बल्कि काटे गए पेड़ों की लकड़ी को भी ले जाने नहीं दिया। बिजली महादेव मंदिर कमेटी के कोषाध्यक्ष फतेह सिंह राणा ने कहा कि अगली सुनवाई 30 अक्तूबर को होनी है। इसमें सरकार ने अपना जवाब देना है। उन्होंने कहा कि बिजली महादेव रोपवे के खिलाफ हर मोर्चे पर लड़ाई जारी रहेगी।
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