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Kullu News: घोषणाओं की चकाचौंध में सूने पड़े खाते, 27 परिवार अब भी खाली हाथ
Fri, 13 Feb 2026 10:33 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Fri, 13 Feb 2026 10:33 PM IST
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सीएम की घोषणा के बाद भी बंदल और शरची के प्रभावितों को नहीं मिली मुआवजा राशि
प्रभावित लोगों के घरों में रहने को मजबूर, बोले- होटलों और गेस्ट हाउस में रखा है सामान
सता रही चिंता- पर्यटन सीजन शुरू होने के चलते अब कहां रखेंगे अपना सामान
गौरीशंकर
कुल्लू। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की बड़ी घोषणा के बावजूद बंदल और शरची के 27 आपदा प्रभावित अब भी खाली हाथ हैं। 81 करोड़ की राहत राशि के तहत उनके खातों में पैसा नहीं पहुंचा जिससे घर बनाने का काम ठहरा हुआ है।
कई परिवारों ने अपना सामान होटल और गेस्ट हाउस में रखा है लेकिन पर्यटन सीजन शुरू होने के साथ अब यह भी परेशानी बन गया है कि अपना सामान कहां सुरक्षित रखा जाए।
मंडी स्थित पड्डल मैदान में आयोजित जलसे में मुख्यमंत्री ने प्रभावितों के खाते में पैसे डालने की घोषणा की थी। उन्होंने कुल्लू, मंडी और बिलासपुर जिले के 4914 प्रभावितों के लिए 81.28 करोड़ की राशि जारी की थी लेकिन जिले के बंदल और शरची के 27 प्रभावितों के खातों में एक रुपये की राशि नहीं पड़ी है। प्रभावित प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर काटने को मजबूर हैं। प्रभावितों ने कहा कि वे घर बनाने का काम शुरू नहीं कर पा रहे हैं।
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होटलों और रेस्ट हाउस में रखा है सामान
प्रभावित दिनेश्वर प्रसाद, उदय शर्मा, पॉपी शर्मा, तापे राम ने कहा कि उनके घर तबाह हुए हैं। जमीन धंस गई है। अपना सामान लोगों के होटल और रेस्टोरेंट में रखा है। अब पर्यटन सीजन शुरू हो गया है। इस कारण होटल, रेस्टहाउस से सामान निकालना होगा। इसे कहां रखें समझ नहीं आ रहा है।
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साल 2023 में आई थीं दरारें
प्रभावित उदय शर्मा ने कहा कि वर्ष 2023 की आपदा के दौरान उनके बंदल गांव में बने घरों में दरारें आ गई थीं। सरकार ने उन्हें उस समय 1-1 लाख रुपये देकर पल्ला झाड़ लिया था। इसके बाद 2025 में वह दरारें तबाही का कारण बन गईं। हमारा सबकुछ तबाह हो गया। तबाही के बाद क्षेत्र के अध्ययन के लिए वैज्ञानिकों की टीम भी आई थी लेकिन उनकी रिपोर्ट में क्या निकला इसे भी सार्वजनिक नहीं किया गया।
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सड़क के पानी ने मचाई तबाही
प्रभावितों ने कहा कि बंदल गांव पूरा खिसक गया है। इसके लिए सड़क में निकासी नाली का उचित प्रबंध न होना है। सड़क में जमा होने वाला पानी जमीन में रिस गया। इस कारण क्षेत्र खिसकने लगा और लोगों के जमीन और घर तबाह हो गए। इस त्रासदी के बाद भी विभाग सड़क की निकास नाली का प्रबंध करता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है।
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बंदल और शरची के करीब 27 प्रभावित लोगों के केस स्वीकृत कर कोष कार्यालय को भेजे गए हैं जहां से उनके खातों में पैसा पडे़गा। प्रशासन की ओर से इसकी सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई है। ऐसे में उम्मीद है जल्द ही उनके खातों में यह राशि पड़ जाएगी। - पंकज शर्मा, उपमंडल अधिकारी बंजार
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प्रभावित लोगों के घरों में रहने को मजबूर, बोले- होटलों और गेस्ट हाउस में रखा है सामान
सता रही चिंता- पर्यटन सीजन शुरू होने के चलते अब कहां रखेंगे अपना सामान
गौरीशंकर
कुल्लू। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की बड़ी घोषणा के बावजूद बंदल और शरची के 27 आपदा प्रभावित अब भी खाली हाथ हैं। 81 करोड़ की राहत राशि के तहत उनके खातों में पैसा नहीं पहुंचा जिससे घर बनाने का काम ठहरा हुआ है।
कई परिवारों ने अपना सामान होटल और गेस्ट हाउस में रखा है लेकिन पर्यटन सीजन शुरू होने के साथ अब यह भी परेशानी बन गया है कि अपना सामान कहां सुरक्षित रखा जाए।
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मंडी स्थित पड्डल मैदान में आयोजित जलसे में मुख्यमंत्री ने प्रभावितों के खाते में पैसे डालने की घोषणा की थी। उन्होंने कुल्लू, मंडी और बिलासपुर जिले के 4914 प्रभावितों के लिए 81.28 करोड़ की राशि जारी की थी लेकिन जिले के बंदल और शरची के 27 प्रभावितों के खातों में एक रुपये की राशि नहीं पड़ी है। प्रभावित प्रशासनिक अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर काटने को मजबूर हैं। प्रभावितों ने कहा कि वे घर बनाने का काम शुरू नहीं कर पा रहे हैं।
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होटलों और रेस्ट हाउस में रखा है सामान
प्रभावित दिनेश्वर प्रसाद, उदय शर्मा, पॉपी शर्मा, तापे राम ने कहा कि उनके घर तबाह हुए हैं। जमीन धंस गई है। अपना सामान लोगों के होटल और रेस्टोरेंट में रखा है। अब पर्यटन सीजन शुरू हो गया है। इस कारण होटल, रेस्टहाउस से सामान निकालना होगा। इसे कहां रखें समझ नहीं आ रहा है।
साल 2023 में आई थीं दरारें
प्रभावित उदय शर्मा ने कहा कि वर्ष 2023 की आपदा के दौरान उनके बंदल गांव में बने घरों में दरारें आ गई थीं। सरकार ने उन्हें उस समय 1-1 लाख रुपये देकर पल्ला झाड़ लिया था। इसके बाद 2025 में वह दरारें तबाही का कारण बन गईं। हमारा सबकुछ तबाह हो गया। तबाही के बाद क्षेत्र के अध्ययन के लिए वैज्ञानिकों की टीम भी आई थी लेकिन उनकी रिपोर्ट में क्या निकला इसे भी सार्वजनिक नहीं किया गया।
सड़क के पानी ने मचाई तबाही
प्रभावितों ने कहा कि बंदल गांव पूरा खिसक गया है। इसके लिए सड़क में निकासी नाली का उचित प्रबंध न होना है। सड़क में जमा होने वाला पानी जमीन में रिस गया। इस कारण क्षेत्र खिसकने लगा और लोगों के जमीन और घर तबाह हो गए। इस त्रासदी के बाद भी विभाग सड़क की निकास नाली का प्रबंध करता हुआ दिखाई नहीं दे रहा है।
बंदल और शरची के करीब 27 प्रभावित लोगों के केस स्वीकृत कर कोष कार्यालय को भेजे गए हैं जहां से उनके खातों में पैसा पडे़गा। प्रशासन की ओर से इसकी सारी औपचारिकताएं पूरी कर ली गई है। ऐसे में उम्मीद है जल्द ही उनके खातों में यह राशि पड़ जाएगी। - पंकज शर्मा, उपमंडल अधिकारी बंजार