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Kullu News: मानतलाई जोत में साधु की मौत, ट्रैकरों ने भेड़पालकों की मदद से दफनाया शव
Fri, 11 Jul 2025 10:30 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Fri, 11 Jul 2025 10:30 PM IST
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पुलिस को भी दी सूचना, साधु को लाने जा रही रेस्क्यू टीम भी मणिकर्ण लौटी
पुलिस ने लिए ट्रैकरों के बयान, चल रही जांच, गुजरात का रहने वाला था साधु
ट्रैकर बोले- मानतलाई जोत में फंसा था साधु, बर्फ लगने से सड़क गए थे पांव
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। पिन पार्वती घाटी के ट्रैकिंग रूट पर एक साधु की मौत हो गई है। उसे ट्रैकरों ने भेड़ पालकों की मदद से दफना दिया है। पुलिस ने ट्रैकरों के बयान दर्ज किए हैं। मामले की जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार मणिकर्ण के जरी के दमकल विभाग को 7 जुलाई को कुछ ट्रैकरों से सूचना मिली थी कि एक साधु मानतलाई जोत में एक महीने से फंसा है। साधु के पांव बर्फ से खराब हो गए हैं। वह चलने में असमर्थ है। उसकी मदद की जाए। सूचना के बाद जरी दमकल विभाग से दो कर्मचारी और छापे राम नेगी की अगवाई में 15 सदस्यीय रेस्क्यू टीम मौके के लिए रवाना हुई। नौ जुलाई को टीम मणिकर्ण के बरशैणी से आगे टुंडाभुज पहुंची तो उन्हें ट्रैकर कार्तिकेय पुत्र अमिताभ निवासी रानीमंडी इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश एक अन्य साथी के साथ मिले। उन्होंने रेस्क्यू टीम को बताया कि जिस साधु को रेस्क्यू करने जा रहे हैं, उसका निधन हो गया है। उसके शव को मणिकर्ण लाना बहुत मुश्किल था। ऐसे में उन्होंने स्थानीय भेड़पालकों की मदद से साधु के शव को दफना दिया है। इसके बाद रेस्क्यू टीम वापस मणिकर्ण लौट आई। थाना मणिकर्ण में पुलिस ने ट्रैकरों के बयान दर्ज किए हैं। साधु की पहचान महात्मा गिरी, निवासी सोमनाथ, जूनागढ़ गुजरात के रूप में हुई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुल्लू संजीव चौहान ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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पुलिस ने लिए ट्रैकरों के बयान, चल रही जांच, गुजरात का रहने वाला था साधु
ट्रैकर बोले- मानतलाई जोत में फंसा था साधु, बर्फ लगने से सड़क गए थे पांव
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। पिन पार्वती घाटी के ट्रैकिंग रूट पर एक साधु की मौत हो गई है। उसे ट्रैकरों ने भेड़ पालकों की मदद से दफना दिया है। पुलिस ने ट्रैकरों के बयान दर्ज किए हैं। मामले की जांच की जा रही है।
जानकारी के अनुसार मणिकर्ण के जरी के दमकल विभाग को 7 जुलाई को कुछ ट्रैकरों से सूचना मिली थी कि एक साधु मानतलाई जोत में एक महीने से फंसा है। साधु के पांव बर्फ से खराब हो गए हैं। वह चलने में असमर्थ है। उसकी मदद की जाए। सूचना के बाद जरी दमकल विभाग से दो कर्मचारी और छापे राम नेगी की अगवाई में 15 सदस्यीय रेस्क्यू टीम मौके के लिए रवाना हुई। नौ जुलाई को टीम मणिकर्ण के बरशैणी से आगे टुंडाभुज पहुंची तो उन्हें ट्रैकर कार्तिकेय पुत्र अमिताभ निवासी रानीमंडी इलाहाबाद, उत्तर प्रदेश एक अन्य साथी के साथ मिले। उन्होंने रेस्क्यू टीम को बताया कि जिस साधु को रेस्क्यू करने जा रहे हैं, उसका निधन हो गया है। उसके शव को मणिकर्ण लाना बहुत मुश्किल था। ऐसे में उन्होंने स्थानीय भेड़पालकों की मदद से साधु के शव को दफना दिया है। इसके बाद रेस्क्यू टीम वापस मणिकर्ण लौट आई। थाना मणिकर्ण में पुलिस ने ट्रैकरों के बयान दर्ज किए हैं। साधु की पहचान महात्मा गिरी, निवासी सोमनाथ, जूनागढ़ गुजरात के रूप में हुई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कुल्लू संजीव चौहान ने कहा कि पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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