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Kullu News: माहिली गांव को बचाने के लिए ब्यास के किनारे लगेगी सुरक्षा दीवार
Sun, 07 Dec 2025 05:39 AM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Sun, 07 Dec 2025 05:39 AM IST
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...विकास की बात
भूस्खलन जोखिम शमन योजना के तहत सरकार को भेजा है प्रस्ताव
हर साल बरसात के मौसम में बाढ़ के कारण खतरे में पड़ जाता है गांव
संवाद न्यूज एजेंसी
पतलीकूहल (कुल्लू)। जिला मुख्यालय और पर्यटन नगरी मनाली के बीच बसे पतलीकूहल में हर बार बरसात के मौसम में ब्यास कहर बरपा देती है। इससे नदी के किनारे वामतट पर बसे माहिली गांव को बहने का खतरा बन जाता है, लेकिन अब इस गांव को खतरे से बचाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने पहल की है।
विभाग ने क्षेत्र का निरीक्षण कर भूस्खलन जोखिम शमन योजना के तहत आरसीसी दीवार लगाने का फैसला लिया है। योजना के तहत विभाग ने सरकार को सुरक्षा दीवार लगाने का प्रस्ताव भेजा है। इसमें दो करोड़ का बजट खर्च करने का प्रावधान रहेगा। सरकार से मंजूरी मिलते ही सुरक्षा दीवार लगाने का कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।
गौर रहे कि ब्यास की भयंकर बाढ़ ने साल 2023 में नग्गर पुल के आसपास काफी कहर बरपाया था। वामतट से सटे माहिली गांव में बाढ़ के कारण छह से अधिक घर बह गए थे और कई परिवार बेघर हो गए थे। इस वर्ष भी बरसात में हालात कम भयावह नहीं रहे। नग्गर पुल के वामतट पर बनी सड़क बह गई, जिससे पतलीकूहल-नग्गर के बीच आवाजाही पर बड़ा असर पड़ा।
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वहीं, बागवानों को सेब की फसल को समय पर मार्केट में पहुंचाने में परेशानी हुई। माहिली गांव के ठीक सामने पहाड़ी से मलबा रुक-रुक कर गिर रहा है। इससे गांव को जोखिम बना हुआ है और आसपास के ढलानों पर आई नई दरारें चिंता बढ़ा रही हैं। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अनूप शर्मा ने कहा कि भूस्खलन और तटीय कटान रोकने के लिए नदी किनारे आरसीसी दीवार लगाने की योजना है। इससे गांव और पुल दोनों को सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने कहा कि भूस्खलन जोखिम शमन योजना के तहत दो करोड़ रुपये का प्राक्कलन तैयार कर सरकार को भेजा गया है।
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भूस्खलन जोखिम शमन योजना के तहत सरकार को भेजा है प्रस्ताव
हर साल बरसात के मौसम में बाढ़ के कारण खतरे में पड़ जाता है गांव
संवाद न्यूज एजेंसी
पतलीकूहल (कुल्लू)। जिला मुख्यालय और पर्यटन नगरी मनाली के बीच बसे पतलीकूहल में हर बार बरसात के मौसम में ब्यास कहर बरपा देती है। इससे नदी के किनारे वामतट पर बसे माहिली गांव को बहने का खतरा बन जाता है, लेकिन अब इस गांव को खतरे से बचाने के लिए लोक निर्माण विभाग ने पहल की है।
विभाग ने क्षेत्र का निरीक्षण कर भूस्खलन जोखिम शमन योजना के तहत आरसीसी दीवार लगाने का फैसला लिया है। योजना के तहत विभाग ने सरकार को सुरक्षा दीवार लगाने का प्रस्ताव भेजा है। इसमें दो करोड़ का बजट खर्च करने का प्रावधान रहेगा। सरकार से मंजूरी मिलते ही सुरक्षा दीवार लगाने का कार्य आरंभ कर दिया जाएगा।
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गौर रहे कि ब्यास की भयंकर बाढ़ ने साल 2023 में नग्गर पुल के आसपास काफी कहर बरपाया था। वामतट से सटे माहिली गांव में बाढ़ के कारण छह से अधिक घर बह गए थे और कई परिवार बेघर हो गए थे। इस वर्ष भी बरसात में हालात कम भयावह नहीं रहे। नग्गर पुल के वामतट पर बनी सड़क बह गई, जिससे पतलीकूहल-नग्गर के बीच आवाजाही पर बड़ा असर पड़ा।
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वहीं, बागवानों को सेब की फसल को समय पर मार्केट में पहुंचाने में परेशानी हुई। माहिली गांव के ठीक सामने पहाड़ी से मलबा रुक-रुक कर गिर रहा है। इससे गांव को जोखिम बना हुआ है और आसपास के ढलानों पर आई नई दरारें चिंता बढ़ा रही हैं। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता अनूप शर्मा ने कहा कि भूस्खलन और तटीय कटान रोकने के लिए नदी किनारे आरसीसी दीवार लगाने की योजना है। इससे गांव और पुल दोनों को सुरक्षा मिलेगी। उन्होंने कहा कि भूस्खलन जोखिम शमन योजना के तहत दो करोड़ रुपये का प्राक्कलन तैयार कर सरकार को भेजा गया है।