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Kullu News: त्रिलोकनाथ से श्रद्धालुओं का जत्था मणिमहेश रवाना
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फोटो सहित ...
शिव का जयघोष करते निकला 150 श्रद्धालुओं का जत्था
16,800 फुट ऊंचे कुगती जोतकर होकर छहे दिन मणिमहेश पहुंचेंगे भक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। राज्य स्तरीय पोरी मेले के अंतिम दिन त्रिलोकनाथ से श्रद्धालुओं का एक जत्था मणिमहेश के लिए रवाना हो गया। शिव के जयघोष से पूरा माहौल गूंज उठा। छड़ी यात्रा के रवाना होने से पहले मणिमहेश जाने वाले सभी श्रद्धालु एक स्थान पर एकत्रित हुए। जयघोष होने लगा तो देवी-देवताओं के चेलों को खेल आई।
रविवार सुबह करीब 150 श्रद्धालु भगवान त्रिलोकीनाथ से आशीर्वाद लेकर मणिमहेश रवाना हुए। इसमें 40 से अधिक महिलाएं शामिल हैं। यह जत्था 16,800 फुट ऊंचे कुगती जोत से होकर पांच दिन बाद पवित्र झील मणिमहेश पहुंचेगा। श्रद्धालु करीब 90 किमी की पथयात्रा में ऊबड़ खाबड़ रास्तों से गुजरेंगे।
जत्थे का पहला रात्रि पड़ाव थिरोट के समीप होगा। 19 अगस्त को रापे गांव की कुछ दूरी पर तो 20 अगस्त को तीसरा रात्रि पड़ाव खोलड़ु पधर से एक किमी आगे होगा। 21 अगस्त को केलिंग मंदिर और 22 अगस्त को अलियास, 23 को छठे दिन यह जत्था पवित्र झील मणिमहेश पहुंचेगा। हिंसा गांव के बुजुर्ग नागचंद ने बताया कि पथयात्रा से मणिमहेश की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं की मन्नतें अवश्य पूरी होती हैं। सीपीएस सुंदर सिंह ठाकुर और विधायक अनुराधा राणा ने मणिमहेश की ओर निकले श्रद्धालुओं को मंगल यात्रा की शुभकामनाएं दीं।
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सितंबर से जोबरंग-मणिमहेश कुगती पास के रास्ते जाना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। श्रद्धालुओं को इस रूट पर 16,800 फुट ऊंचे कुगती जोत लांघकर मणिमहेश झील की ओर आवाजाही करनी पड़ती है। इस तरफ की पहाड़ियों में मौसम खराब होते ही बर्फबारी शुरू हो जाती है।
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शिव का जयघोष करते निकला 150 श्रद्धालुओं का जत्था
16,800 फुट ऊंचे कुगती जोतकर होकर छहे दिन मणिमहेश पहुंचेंगे भक्त
संवाद न्यूज एजेंसी
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। राज्य स्तरीय पोरी मेले के अंतिम दिन त्रिलोकनाथ से श्रद्धालुओं का एक जत्था मणिमहेश के लिए रवाना हो गया। शिव के जयघोष से पूरा माहौल गूंज उठा। छड़ी यात्रा के रवाना होने से पहले मणिमहेश जाने वाले सभी श्रद्धालु एक स्थान पर एकत्रित हुए। जयघोष होने लगा तो देवी-देवताओं के चेलों को खेल आई।
रविवार सुबह करीब 150 श्रद्धालु भगवान त्रिलोकीनाथ से आशीर्वाद लेकर मणिमहेश रवाना हुए। इसमें 40 से अधिक महिलाएं शामिल हैं। यह जत्था 16,800 फुट ऊंचे कुगती जोत से होकर पांच दिन बाद पवित्र झील मणिमहेश पहुंचेगा। श्रद्धालु करीब 90 किमी की पथयात्रा में ऊबड़ खाबड़ रास्तों से गुजरेंगे।
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जत्थे का पहला रात्रि पड़ाव थिरोट के समीप होगा। 19 अगस्त को रापे गांव की कुछ दूरी पर तो 20 अगस्त को तीसरा रात्रि पड़ाव खोलड़ु पधर से एक किमी आगे होगा। 21 अगस्त को केलिंग मंदिर और 22 अगस्त को अलियास, 23 को छठे दिन यह जत्था पवित्र झील मणिमहेश पहुंचेगा। हिंसा गांव के बुजुर्ग नागचंद ने बताया कि पथयात्रा से मणिमहेश की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं की मन्नतें अवश्य पूरी होती हैं। सीपीएस सुंदर सिंह ठाकुर और विधायक अनुराधा राणा ने मणिमहेश की ओर निकले श्रद्धालुओं को मंगल यात्रा की शुभकामनाएं दीं।
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सितंबर से जोबरंग-मणिमहेश कुगती पास के रास्ते जाना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है। श्रद्धालुओं को इस रूट पर 16,800 फुट ऊंचे कुगती जोत लांघकर मणिमहेश झील की ओर आवाजाही करनी पड़ती है। इस तरफ की पहाड़ियों में मौसम खराब होते ही बर्फबारी शुरू हो जाती है।