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Kullu News: माइनस 15 डिग्री तापमान के बीच लगाई आस्था की डुबकी
Wed, 14 Jan 2026 10:36 PM IST
शिमला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
संवाद न्यूज एजेंसी, कुल्लू
Updated Wed, 14 Jan 2026 10:36 PM IST
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मकर संक्रांति के पावन अवसर पर लाहौल में गौशाल के जितेंद्र ने माइनस 15 डिग्री में चंद्रभागा संगम
गौशाल गांव के युवक जितेंद्र ने चंद्रभागा नदी में किया पवित्र स्नान
लाहौल में मनाया उत्तना पर्व, तीन माह तक बंद रहेंगे मदिरों के कपाट
संक्रांति पर पारंपरिक व्यंजनों से महक उठी लाहौल घाटी
संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग (लाहौल-स्पीति)। शीत मरुस्थल लाहौल-स्पीति की पट्टन घाटी में नववर्ष के उपलक्ष्य पर उत्तना पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर गौशाल गांव के युवक जितेंद्र ने माइनस 15 डिग्री में चंद्रभागा संगम में आस्था की डुबकी लगाई।
मान्यता है कि इस पर्व के बाद लाहौल की विभिन्न घाटियों में शीत ऋतु में मनाए जाने वाले त्योहार शुरू हो जाते हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियां, जनजीवन, भाषा, संस्कृति, परंपराएं, खान-पान, रीति-रिवाज और वेशभूषा हर त्योहार को आकर्षक और अनुपम बनाती हैं जबकि उत्तना पर्व के दिन घाटी के लोग सत्तू का बना टोटू (स्थानीय व्यंजन) बनाकर अपने-अपने ईष्ट देवताओं को चढ़ाकर पूजा-अर्चना करते हैं। चंद्रभागा संगम में इस बार एक ही युवक ने शून्य से 15 डिग्री नीचे तापमान में आस्था की डुबकी लगाने की हिम्मत जुटाई। गोशाल के ग्रामीणों ने पारंपरिक स्वादिष्ट व्यंजनों का आदान-प्रदान भी किया।
गौरतलब है कि पट्टन घाटी में देवी-देवताओं के मंदिरों के कपाट तीन महीने के लिए बंद हो गए हैं। अब चैत्र महीना शुरू होने के बाद ही इन मंदिरों के कपाट खुलेंगे। ग्रामीण हरि ठाकुर, राजू, विमल, प्रेमलाल, दोरजे, राम पाल ने कहा कि घाटी वासियों ने उत्तना पर्व को मिल-जुलकर मनाया। इस दौरान घाटी में खुशहाली और समृद्धि की देवी-देवताओं से मंगल कामना भी की गई। घाटी के मालंग, मेलिग, शांशा, सिस्सू, उदयपुर मारबल, जालमा, त्रिलोकनाथ, गोंधला और सिस्सू में आगामी दो माह में उत्सवों की धूम रहेगी। घाटी वासी हर्षोल्लास से हालडा, फागली, लोसर तथा योर जैसे उत्सवों को मनाएंगे।
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लाहौल में मनाया उत्तना पर्व, तीन माह तक बंद रहेंगे मदिरों के कपाट
संक्रांति पर पारंपरिक व्यंजनों से महक उठी लाहौल घाटी
संवाद न्यूज एजेंसी
केलांग (लाहौल-स्पीति)। शीत मरुस्थल लाहौल-स्पीति की पट्टन घाटी में नववर्ष के उपलक्ष्य पर उत्तना पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस मौके पर गौशाल गांव के युवक जितेंद्र ने माइनस 15 डिग्री में चंद्रभागा संगम में आस्था की डुबकी लगाई।
मान्यता है कि इस पर्व के बाद लाहौल की विभिन्न घाटियों में शीत ऋतु में मनाए जाने वाले त्योहार शुरू हो जाते हैं। कठिन भौगोलिक परिस्थितियां, जनजीवन, भाषा, संस्कृति, परंपराएं, खान-पान, रीति-रिवाज और वेशभूषा हर त्योहार को आकर्षक और अनुपम बनाती हैं जबकि उत्तना पर्व के दिन घाटी के लोग सत्तू का बना टोटू (स्थानीय व्यंजन) बनाकर अपने-अपने ईष्ट देवताओं को चढ़ाकर पूजा-अर्चना करते हैं। चंद्रभागा संगम में इस बार एक ही युवक ने शून्य से 15 डिग्री नीचे तापमान में आस्था की डुबकी लगाने की हिम्मत जुटाई। गोशाल के ग्रामीणों ने पारंपरिक स्वादिष्ट व्यंजनों का आदान-प्रदान भी किया।
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गौरतलब है कि पट्टन घाटी में देवी-देवताओं के मंदिरों के कपाट तीन महीने के लिए बंद हो गए हैं। अब चैत्र महीना शुरू होने के बाद ही इन मंदिरों के कपाट खुलेंगे। ग्रामीण हरि ठाकुर, राजू, विमल, प्रेमलाल, दोरजे, राम पाल ने कहा कि घाटी वासियों ने उत्तना पर्व को मिल-जुलकर मनाया। इस दौरान घाटी में खुशहाली और समृद्धि की देवी-देवताओं से मंगल कामना भी की गई। घाटी के मालंग, मेलिग, शांशा, सिस्सू, उदयपुर मारबल, जालमा, त्रिलोकनाथ, गोंधला और सिस्सू में आगामी दो माह में उत्सवों की धूम रहेगी। घाटी वासी हर्षोल्लास से हालडा, फागली, लोसर तथा योर जैसे उत्सवों को मनाएंगे।
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