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देवसदन में सजी शाम-ए-गजल की महफिल
Kullu
Updated Fri, 14 Nov 2014 05:30 AM IST
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संगीत संगोष्ठी का महेश्वर ने किया आगाज
कई कलाकारों और विद्वानों ने बांधा खूब समां
कुल्लू। देवसदन कुल्लू में राष्ट्रीय संगीत संगोष्ठी का आगाज हो गया। संगोष्ठी का शुभारंभ कुल्लू के विधायक महेश्वर सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि लोक संगीत हमें संस्कार और सदाचार का पाठ पढ़ाता है। इसलिए, लोक संगीत को बचाए रखने की जरूरत है। महेश्वर सिंह ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए ऐच्छिक निधि से बीस हजार रुपये देने की घोषणा भी की। संगीत मासिक पत्रिका के संपादक एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ. मुकेश गर्ग ने कहा कि लोक संगीत और शास्त्रीय संगीत की पौधशाला है। लोक संगीत की धुनों को शास्त्रीय संगीत में पिरोया गया है। समारोह में राजकीय वरिष्ठ महाविद्यालय हरिपुर के प्राचार्य डॉ. पीपी कायस्था ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से नई चीजों को सीखने का मौका मिलता है। संगोष्ठी की संध्या वेला में शाम-ए-गजल के विद्वानों और कलाकारों ने गजल गायकी से सबका जमकर मनोरंजन किया। शाम-ए-गजल महफिल की अध्यक्षता डॉ. चमन वर्मा ने की जबकि, इस दौरान सहायक आयुक्त सिद्धार्थ आचार्य भी मौजूद रहे। इस दौरान लोकसंगीत पर हमीरपुर के प्रो. अनुपमा शर्मा, मंडी के डॉ. मधुर स्वर, डॉ. बलवंत ठाकुर, डॉ. शिव राम, बंजार कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय शर्मा, गाजियाबाद के डॉ. रमा सिंह, डॉ. कश्मीर सिंह, डॉ. रवि प्रकाश तथा डॉ. लाल चंद ने शोध पत्र पढे़।
कई कलाकारों और विद्वानों ने बांधा खूब समां
कुल्लू। देवसदन कुल्लू में राष्ट्रीय संगीत संगोष्ठी का आगाज हो गया। संगोष्ठी का शुभारंभ कुल्लू के विधायक महेश्वर सिंह ने किया। उन्होंने कहा कि लोक संगीत हमें संस्कार और सदाचार का पाठ पढ़ाता है। इसलिए, लोक संगीत को बचाए रखने की जरूरत है। महेश्वर सिंह ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए ऐच्छिक निधि से बीस हजार रुपये देने की घोषणा भी की। संगीत मासिक पत्रिका के संपादक एवं दिल्ली विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के अध्यक्ष डॉ. मुकेश गर्ग ने कहा कि लोक संगीत और शास्त्रीय संगीत की पौधशाला है। लोक संगीत की धुनों को शास्त्रीय संगीत में पिरोया गया है। समारोह में राजकीय वरिष्ठ महाविद्यालय हरिपुर के प्राचार्य डॉ. पीपी कायस्था ने बताया कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से नई चीजों को सीखने का मौका मिलता है। संगोष्ठी की संध्या वेला में शाम-ए-गजल के विद्वानों और कलाकारों ने गजल गायकी से सबका जमकर मनोरंजन किया। शाम-ए-गजल महफिल की अध्यक्षता डॉ. चमन वर्मा ने की जबकि, इस दौरान सहायक आयुक्त सिद्धार्थ आचार्य भी मौजूद रहे। इस दौरान लोकसंगीत पर हमीरपुर के प्रो. अनुपमा शर्मा, मंडी के डॉ. मधुर स्वर, डॉ. बलवंत ठाकुर, डॉ. शिव राम, बंजार कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अजय शर्मा, गाजियाबाद के डॉ. रमा सिंह, डॉ. कश्मीर सिंह, डॉ. रवि प्रकाश तथा डॉ. लाल चंद ने शोध पत्र पढे़।