{"_id":"21-65595","slug":"Kullu-65595-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"डैम के अंदर ही बना दी डंपिंग साइट ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
डैम के अंदर ही बना दी डंपिंग साइट
Kullu
Updated Fri, 31 Oct 2014 05:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जरी (कुल्लू)। एवरेस्ट मलणा-2 का डैम कभी भी कहर बरपा सकता है। वजह, परियोजना प्रबंधन ने डैम से निकलने वाले मलबे को डैम के अंदर ही अंतिम छोर में डपिंग साइट नंबर दो में डंप कर दिया है। इससे दरारें पड़ने पर कभी भी तबाही हो सकती है।
उल्लेखनीय है कि मलाणा नदी के मुहाने पर पानी के बहाव को रोककर एवरेस्ट पावर चरण-2 में सौ मेगावाट का प्रोजेक्ट बनाया गया है। इसमें तीन किलोमीटर लंबी टनल से पानी निकालकर विद्युत उत्पादन किया जा रहा है, लेकिन मलाणा नदी कभी भी तबाही मचा सकती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक तबाही के लिए मलाणा की नदी विख्यात है। तीन महीने पूर्व परियोजना के जर्जर शॉफ्ट में रॉक खिसकने से एडिट फटने के कारण तबाही मच गई थी। चूंकि, यह डैम मलाणा नदी के मुहाने पर बना है। वहीं, डैम से निकलने वाले मलबे को डैम के अंदर ही अंतिम छोर में डंपिंग साइट नंबर दो में डंप किया गया है, जिसमें दरारें आ चुकी हैं। इसके फटने से दूसरे प्रोजेक्टों को भी नुकसान हो सकता है। स्थानीय लोगों दोत राम, महिंद्र सिंह, तारा चंद, हेमंत कुमार आदि ने बताया कि मलाणा पॉवर परियोजना-2 का डैम बनाते समय अनियमितता बरती गई थी। वहीं, क्वालिटी का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट में कई जगह लीकेज, शॉफ्ट में रॉक खिसकने तथा एडिट-3 इसका उदाहरण हैं। एवरेस्ट पॉवर मलाणा-2 के महाप्रबंधक दिनेश सिंह ने बताया कि प्रोजेक्ट के कार्य में कोई अनियमितता नहीं बरती गई है। उन्होंने कहा कि सभी चीजाें का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
विज्ञापन
उल्लेखनीय है कि मलाणा नदी के मुहाने पर पानी के बहाव को रोककर एवरेस्ट पावर चरण-2 में सौ मेगावाट का प्रोजेक्ट बनाया गया है। इसमें तीन किलोमीटर लंबी टनल से पानी निकालकर विद्युत उत्पादन किया जा रहा है, लेकिन मलाणा नदी कभी भी तबाही मचा सकती है। स्थानीय लोगों के मुताबिक तबाही के लिए मलाणा की नदी विख्यात है। तीन महीने पूर्व परियोजना के जर्जर शॉफ्ट में रॉक खिसकने से एडिट फटने के कारण तबाही मच गई थी। चूंकि, यह डैम मलाणा नदी के मुहाने पर बना है। वहीं, डैम से निकलने वाले मलबे को डैम के अंदर ही अंतिम छोर में डंपिंग साइट नंबर दो में डंप किया गया है, जिसमें दरारें आ चुकी हैं। इसके फटने से दूसरे प्रोजेक्टों को भी नुकसान हो सकता है। स्थानीय लोगों दोत राम, महिंद्र सिंह, तारा चंद, हेमंत कुमार आदि ने बताया कि मलाणा पॉवर परियोजना-2 का डैम बनाते समय अनियमितता बरती गई थी। वहीं, क्वालिटी का बिल्कुल ध्यान नहीं रखा गया है। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट में कई जगह लीकेज, शॉफ्ट में रॉक खिसकने तथा एडिट-3 इसका उदाहरण हैं। एवरेस्ट पॉवर मलाणा-2 के महाप्रबंधक दिनेश सिंह ने बताया कि प्रोजेक्ट के कार्य में कोई अनियमितता नहीं बरती गई है। उन्होंने कहा कि सभी चीजाें का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
विज्ञापन