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तो जनता को फिर कौन देगा राहत
Kullu
Updated Mon, 23 Jul 2012 12:00 PM IST
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मनाली। पर्यटन नगरी मनाली में कुछ मीट विक्रेता मनमाने दाम वसूल रहे हैं। लोगों का कहना है कि जिला प्रशासन कुल्लू की तरफ से हर साल खाने पीने की चीजों के दाम तो तय किए जाते हैं लेकिन उस पर अमल नहीं होता। लोगों का कहना है कि इस बारे में जब एक विभाग से शिकायत की जाती है तो वह दूसरे विभाग में करने की बात कहता है। परिणाम यह रहता है कि कोई भी विभाग अपनी जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं।
साल 2012 में डीसी कुल्लू ने मनाली में मीट के दाम 180 रुपये तथा चिकन 130 रुपये प्रति किलो निर्धारित किए हैं। लेकिन मनाली में मीट 260 और चिकन 200 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। कुछ मीट विक्रेता निर्धारित दाम से अधिक पैसे वसूल रहे हैं। इससे लोगों में रोष है। मनाली निवासी प्रीतम और राहुल ने बताया कि मीट विक्रेता मनाली में मनमाने दाम वसूल रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब विक्रेताओं से बिल मांगा जाता है तो उन्हें बिल भी नहीं दिए जाते।
फूड इंस्पेक्टर बबीता टंडन ने बताया कि ओवर चार्जिंग देखने का कार्य आबकारी एवं कराधान विभाग का है। वहीं आबकारी विभाग के ईटीओ हरीश छात्रे ने इस बारे एसडीएम मनाली से पूछने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंने आबकारी विभाग के एटीओ से पूछने की सलाह दी। एटीओ आबकारी कुल्लू श्रीचंद ने दोबारा खाद्य आपूर्ति से बात करने को कहा। विभागों की आपसी खींचतान का ही नतीजा है कि मनाली में कुछ दुकानदार मनमाने दाम वसूल रहे हैं।
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साल 2012 में डीसी कुल्लू ने मनाली में मीट के दाम 180 रुपये तथा चिकन 130 रुपये प्रति किलो निर्धारित किए हैं। लेकिन मनाली में मीट 260 और चिकन 200 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। कुछ मीट विक्रेता निर्धारित दाम से अधिक पैसे वसूल रहे हैं। इससे लोगों में रोष है। मनाली निवासी प्रीतम और राहुल ने बताया कि मीट विक्रेता मनाली में मनमाने दाम वसूल रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब विक्रेताओं से बिल मांगा जाता है तो उन्हें बिल भी नहीं दिए जाते।
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फूड इंस्पेक्टर बबीता टंडन ने बताया कि ओवर चार्जिंग देखने का कार्य आबकारी एवं कराधान विभाग का है। वहीं आबकारी विभाग के ईटीओ हरीश छात्रे ने इस बारे एसडीएम मनाली से पूछने के लिए कहा। इसके बाद उन्होंने आबकारी विभाग के एटीओ से पूछने की सलाह दी। एटीओ आबकारी कुल्लू श्रीचंद ने दोबारा खाद्य आपूर्ति से बात करने को कहा। विभागों की आपसी खींचतान का ही नतीजा है कि मनाली में कुछ दुकानदार मनमाने दाम वसूल रहे हैं।
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