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ट्रैकरों पर पुलिस की कड़ी नजर
Kullu
Updated Tue, 01 May 2012 12:00 PM IST
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उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। घाटी के दुर्गम ट्रैकिंग रूटों पर पुलिस को सूचित किए बिना ट्रैकर आगे नहीं बढ़ सकते। देश विदेश में विख्यात म्याड़ घाटी का 26 किलोमीटर लंबा कांगला ग्लेशियर सबसे दुर्गम एवं खतरनाक ट्रैकिंग रूट माना जाता है। यह ग्लेशियर कई विदेशी ट्रैकरों की जान भी ले चुका है। हर साल अधिकतर ट्रैकर बिना पंजीकरण और पुलिस को सूचित किए बिना ट्रैकिंग पर निकल जाते हैं।
लिहाजा पुलिस तंत्र चौकन्ना हो गया है। लाहौल-स्पीति जिला के पुलिस उपाधीक्षक खजाना राम ने बताया कि संबंधित थानों और चौकियों को अलर्ट कर दिया है। ट्रैकरों पर नजर रखने के दिशानिर्देश जारी किए हैं। उपाधीक्षक ने बताया कि 15 मई को म्याड़ घाटी के टिंगरेट सहित दारजा सुरचु और स्पीति घाटी के लोसर में पुलिस पोस्ट अपना काम करना शुरू कर देगी।
घाटी के अंदरूनी हिस्सों में बर्फ पिघलने के साथ जनजीवन सामान्य हो गया है। तांदी- किलाड़- पनसारी नाला सड़क मार्ग के जरिए लाहौल जम्मू से जुड़ गया है। 13050 फुट ऊंचे रोहतांग दर्रा भी छोटे वाहनों के लिए खुल चुका है। अब घाटी के ट्रैकिंग रूटों पर कदम ताल के लिए ट्रैकर चंद दिनों में यहां पहुंचना शुरू हो जाएंगे।
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जिला में दारचा से पदम लामा यूरू, कांगला गलेशियर से जंसकर, योचे से ढम्फूला, बारालाचा से हामटा पास, बातल से चंद्रताल, ब्रेडी नाला से जसकर, मोरिंग से नीलकंठ, जोबरंग से मणिमहेश आदि प्रमुख ट्रैकिंग रूट हैं। ट्रैकरों ने ट्रेवल एजेंसियों में पंजीकरण कराना शुरू कर दिया है। इसे देखते हुए पुलिस तंत्र अलर्ट हो गया है। पुलिस उप अधीक्षक खजाना राम ने बताया कि ट्रैकरों को बिना पंजीकरण तथा अनुमति लिए बिना ट्रैकिंग पर जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
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लिहाजा पुलिस तंत्र चौकन्ना हो गया है। लाहौल-स्पीति जिला के पुलिस उपाधीक्षक खजाना राम ने बताया कि संबंधित थानों और चौकियों को अलर्ट कर दिया है। ट्रैकरों पर नजर रखने के दिशानिर्देश जारी किए हैं। उपाधीक्षक ने बताया कि 15 मई को म्याड़ घाटी के टिंगरेट सहित दारजा सुरचु और स्पीति घाटी के लोसर में पुलिस पोस्ट अपना काम करना शुरू कर देगी।
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घाटी के अंदरूनी हिस्सों में बर्फ पिघलने के साथ जनजीवन सामान्य हो गया है। तांदी- किलाड़- पनसारी नाला सड़क मार्ग के जरिए लाहौल जम्मू से जुड़ गया है। 13050 फुट ऊंचे रोहतांग दर्रा भी छोटे वाहनों के लिए खुल चुका है। अब घाटी के ट्रैकिंग रूटों पर कदम ताल के लिए ट्रैकर चंद दिनों में यहां पहुंचना शुरू हो जाएंगे।
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जिला में दारचा से पदम लामा यूरू, कांगला गलेशियर से जंसकर, योचे से ढम्फूला, बारालाचा से हामटा पास, बातल से चंद्रताल, ब्रेडी नाला से जसकर, मोरिंग से नीलकंठ, जोबरंग से मणिमहेश आदि प्रमुख ट्रैकिंग रूट हैं। ट्रैकरों ने ट्रेवल एजेंसियों में पंजीकरण कराना शुरू कर दिया है। इसे देखते हुए पुलिस तंत्र अलर्ट हो गया है। पुलिस उप अधीक्षक खजाना राम ने बताया कि ट्रैकरों को बिना पंजीकरण तथा अनुमति लिए बिना ट्रैकिंग पर जाने की इजाजत नहीं दी जाएगी।