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कुल्लू अस्पताल में व्हील चेयर पर हो रहा उपचार
Updated Tue, 27 Mar 2018 05:47 PM IST
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मेडिकल वार्ड में एक बेड पर दो-दो मरीज भर्ती
कुल्लू अस्पताल में व्हील चेयर पर हो रहा उपचार
अस्पताल में गायनी विशेषज्ञ न होने बढ़ीं मुश्किलें
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। चार जिलों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने वाले क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हो गई हैं। अस्पताल में व्हील चेयर पर मरीजों का उपचार किया जा रहा है। अस्पताल के मेडिकल महिला वार्ड में एक बेड पर दो-दो मरीज उपचाराधीन हैं। ऐसे में क्षेत्रीय अस्पताल में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में गायनी विशेषज्ञों के करीब तीन माह पद पिछले काफी समय से खाली चल रहे हैं। जिससे सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को आ रही है। हालांकि आपातकाल में पीपीपी मोड पर स्त्री रोग विशेषज्ञ अस्पताल में बुलाए जाते हैं। अस्पताल के मेडिकल वार्ड में उपचाराधीन मरीज नीमू देवी ने कहा कि उन्हें सोमवार रात को पेट में जोरदार दर्द हुआ। जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए कुल्लू अस्पताल में लाया गया। देर रात पहुंचने के बावजूद उन्हें बिस्तर मुहैया नहीं किया गया। हालांकि महिला के परिजनों ने अस्पताल के मेडिकल वार्ड में मौजूद स्टाफ से अपना बिस्तर लाने के लिए कहा लेकिन वार्ड में मौजूद स्टाफ ने अलग से बेड लगाने की इजाजत नहीं दी। उसे अस्पताल में पहले से दाखिल एक महिला सुंदरा देवी के साथ बेड पर बिठा दिया। जिसके कारण उसे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। महिला ने रात फर्श पर बिस्तर बिछा कर काटी।
वहीं लाहौल स्पीति की एक महिला को सुबह उपचार के लिए कुल्लू लाया गया। महिला को बेड मुहैया करवाने के बावजूद दोपहर दो बजे तक महिला को व्हील चेयर पर ही उपचार होता रहा। उधर इस संबंध में सीएमओ डॉ सुशील चंद्र ने कहा कि अस्पताल में मरीजों के लिए पर्याप्त बिस्तर हैं। बेड कम पड़ने पर अतिरिक्त बेड लगाए जाते हैं।
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चार जिलों के मरीज पहुंचते हैं अस्पताल
कुल्लू जिला के अलावा सीमांत जिला लाहौल-स्पीति, चंबा के पांगी और मंडी के स्नोर वैली के मरीज कुल्लू अस्पताल इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं। रोजाना करीब एक हजार से अधिक ओपीडी रहती है। 300 बेड की क्षमता वाले अस्पताल में अब मरीजों को दिक्कतें पेश आ रही हैं।
विधानसभा में भी गूंज चुका है मुद्दा
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू की खस्ता हालत का मामला कुल्लू सदर से कांग्रेस विधायक सुंदर सिंह ठाकुर विधानसभा में उठा चुके हैं। वे यहां पेश आ रही दिक्कतों को सदन में रख चुके हैं। भाजपा सरकार बनने के तीन माह बाद भी कुल्लू अस्पताल में परिस्थितियां नहीं बदल पाई हैं।
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कुल्लू अस्पताल में व्हील चेयर पर हो रहा उपचार
अस्पताल में गायनी विशेषज्ञ न होने बढ़ीं मुश्किलें
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। चार जिलों के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा मुहैया करवाने वाले क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में स्वास्थ्य सेवाएं बदहाल हो गई हैं। अस्पताल में व्हील चेयर पर मरीजों का उपचार किया जा रहा है। अस्पताल के मेडिकल महिला वार्ड में एक बेड पर दो-दो मरीज उपचाराधीन हैं। ऐसे में क्षेत्रीय अस्पताल में मरीजों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू में गायनी विशेषज्ञों के करीब तीन माह पद पिछले काफी समय से खाली चल रहे हैं। जिससे सबसे अधिक परेशानी महिलाओं को आ रही है। हालांकि आपातकाल में पीपीपी मोड पर स्त्री रोग विशेषज्ञ अस्पताल में बुलाए जाते हैं। अस्पताल के मेडिकल वार्ड में उपचाराधीन मरीज नीमू देवी ने कहा कि उन्हें सोमवार रात को पेट में जोरदार दर्द हुआ। जिसके बाद उन्हें उपचार के लिए कुल्लू अस्पताल में लाया गया। देर रात पहुंचने के बावजूद उन्हें बिस्तर मुहैया नहीं किया गया। हालांकि महिला के परिजनों ने अस्पताल के मेडिकल वार्ड में मौजूद स्टाफ से अपना बिस्तर लाने के लिए कहा लेकिन वार्ड में मौजूद स्टाफ ने अलग से बेड लगाने की इजाजत नहीं दी। उसे अस्पताल में पहले से दाखिल एक महिला सुंदरा देवी के साथ बेड पर बिठा दिया। जिसके कारण उसे काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। महिला ने रात फर्श पर बिस्तर बिछा कर काटी।
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वहीं लाहौल स्पीति की एक महिला को सुबह उपचार के लिए कुल्लू लाया गया। महिला को बेड मुहैया करवाने के बावजूद दोपहर दो बजे तक महिला को व्हील चेयर पर ही उपचार होता रहा। उधर इस संबंध में सीएमओ डॉ सुशील चंद्र ने कहा कि अस्पताल में मरीजों के लिए पर्याप्त बिस्तर हैं। बेड कम पड़ने पर अतिरिक्त बेड लगाए जाते हैं।
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चार जिलों के मरीज पहुंचते हैं अस्पताल
कुल्लू जिला के अलावा सीमांत जिला लाहौल-स्पीति, चंबा के पांगी और मंडी के स्नोर वैली के मरीज कुल्लू अस्पताल इलाज करवाने के लिए पहुंचते हैं। रोजाना करीब एक हजार से अधिक ओपीडी रहती है। 300 बेड की क्षमता वाले अस्पताल में अब मरीजों को दिक्कतें पेश आ रही हैं।
विधानसभा में भी गूंज चुका है मुद्दा
क्षेत्रीय अस्पताल कुल्लू की खस्ता हालत का मामला कुल्लू सदर से कांग्रेस विधायक सुंदर सिंह ठाकुर विधानसभा में उठा चुके हैं। वे यहां पेश आ रही दिक्कतों को सदन में रख चुके हैं। भाजपा सरकार बनने के तीन माह बाद भी कुल्लू अस्पताल में परिस्थितियां नहीं बदल पाई हैं।