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बर्फबारी और बारिश से बागवानों के खिले चेहरे
Updated Mon, 12 Feb 2018 09:49 PM IST
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snowfall
- फोटो : amarujala
खराहल (कुल्लू)। बर्फबारी और बारिश होने से बागवानों और किसानों के चेहरों पर रौनक आ गई है। लंबे समय से चले आ रहे सूखे से बागवानी और कृषि को राहत मिली है। ऊंचाई वाले बगीचों में बर्फबारी होने से तापमान में काफी गिरावट आ गई है। ऐसे में सेब के लिए चिलिंग ऑवर्स में सुधार हो सकता है।
वहीं, कृषि और बागवानी के अटके कार्य भी समय पर पूरे हो जाएंगे। कुल्लू समेत प्रदेश में बारिश व बर्फबारी का क्रम सोमवार शाम तक जारी रहा। जिससे तापमान में गिरावट आने से ठंड का प्रकोप भी बढ़ गया है। जिसके कारण सेब के लिए चिंलिग ऑवर्स पूरे आने की उम्मीद है। अगर फरवरी माह में मौसम का मिजाज ठीक रहा तो सेब की फसल उम्दा हो सकती है। इस साल फरवरी माह में सेब के ऊंचाई वाले बगीचों बर्फ पहुंची है, लेकिन लोअर क्षेत्र के बगीचों में अभी बर्फ नहीं पहुंच पाई है।
घाटी के बागवान अमित, चमन, राजकिशोर, कमल, अमन, राजेश, कर्म चंद, ज्ञान ठाकुर, सेस राम और अशोक ठाकुर आदि ने कहा कि बर्फबारी और बारिश से निश्चित ही चिलिंग ऑवर्स को संजीवनी मिल गई है। साथ ही कृषि और बागवानी के रुके कार्य भी समय पर होंगे। कुल्लू फलोत्पादक मंडल के अध्यक्ष राजगीर महंत कहते हैं कि बर्फबारी सेब के लिए आवश्यक चिलिंग ऑवर्स के लिए सहायक सिद्ध होगी। इस बार लंबे समय तक सूखे से कृषि और बागवानी प्रभावित हुई थी, लेकिन अब बर्फबारी और बारिश से राहत मिली है। बागवानी अनुसंधान केंद्र सेउबाग प्रभारी डॉ. किशोर खोसला के अनुसार बर्फबारी और बारिश समय पर न होने से चिलिंग ऑवर्स अभी तक 50 प्रतिशत पूरे हुए हैं। अगर फरवरी और मार्च माह में मौसम अनुकूल रहा तो फिर भी चिलिंग ऑवर्स पूरे होने अब असंभव हैं। ऐसे में फ्लावरिंग के समय इसका असर पड़ सकता है।
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वहीं, कृषि और बागवानी के अटके कार्य भी समय पर पूरे हो जाएंगे। कुल्लू समेत प्रदेश में बारिश व बर्फबारी का क्रम सोमवार शाम तक जारी रहा। जिससे तापमान में गिरावट आने से ठंड का प्रकोप भी बढ़ गया है। जिसके कारण सेब के लिए चिंलिग ऑवर्स पूरे आने की उम्मीद है। अगर फरवरी माह में मौसम का मिजाज ठीक रहा तो सेब की फसल उम्दा हो सकती है। इस साल फरवरी माह में सेब के ऊंचाई वाले बगीचों बर्फ पहुंची है, लेकिन लोअर क्षेत्र के बगीचों में अभी बर्फ नहीं पहुंच पाई है।
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घाटी के बागवान अमित, चमन, राजकिशोर, कमल, अमन, राजेश, कर्म चंद, ज्ञान ठाकुर, सेस राम और अशोक ठाकुर आदि ने कहा कि बर्फबारी और बारिश से निश्चित ही चिलिंग ऑवर्स को संजीवनी मिल गई है। साथ ही कृषि और बागवानी के रुके कार्य भी समय पर होंगे। कुल्लू फलोत्पादक मंडल के अध्यक्ष राजगीर महंत कहते हैं कि बर्फबारी सेब के लिए आवश्यक चिलिंग ऑवर्स के लिए सहायक सिद्ध होगी। इस बार लंबे समय तक सूखे से कृषि और बागवानी प्रभावित हुई थी, लेकिन अब बर्फबारी और बारिश से राहत मिली है। बागवानी अनुसंधान केंद्र सेउबाग प्रभारी डॉ. किशोर खोसला के अनुसार बर्फबारी और बारिश समय पर न होने से चिलिंग ऑवर्स अभी तक 50 प्रतिशत पूरे हुए हैं। अगर फरवरी और मार्च माह में मौसम अनुकूल रहा तो फिर भी चिलिंग ऑवर्स पूरे होने अब असंभव हैं। ऐसे में फ्लावरिंग के समय इसका असर पड़ सकता है।
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