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गजल में वनीता, लोकगीत में पल्लवी अव्वल
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अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। राजकीय महाविद्यालय कुल्लू में आयोजित दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम सृजन का शुक्रवार को समापन हुआ। कार्यक्रम में उप प्राचार्य चेतन राणा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। अंतिम दिन लोकनृत्य, लोकगीत, गजल और हिप हॉप प्रतियोगिता में छात्रों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
गजल में वनीता पहले, मोहित दूसरे, लोकगीत में पल्लवी पहले, धनेश दूसरे, संजय तीसरे, हिप हॉप में आंचल पहले, सुरेश ने दूसरा स्थान हासिल किया। गजल में बालकृष्ण, खेम सिंह, गोपाल, शीला, बनीता, तुषार, मोहित, सितंबर पाल ने दमदार प्रस्तुतियां दी। लोकगीत में सुरेश नेमहादेउ री ए हेसाणिए, धनेश ने धूपा लागा उड़दा धारा, सुरेश ने झुरी री बोला आखटी गीत पर दर्शकों को नचाया। हिप हॉप नृत्य में देवेंद्र, मुकेश, अमित, आंचल, वैभव, सुरेश ने शानदार नृत्य किया। लोकनृत्य में रेंबो ग्रुप, कल्चर क्लब, शिमला नाटी ग्रुप, रोवर्स रेंजर्स, एनएसएस और एनसीसी आर्मी विंग की प्रस्तुतियां सराहनीय रही। भजन में आंजनेय पहले, सुशील दूसरे स्थान पर रहे। फिल्मी गीत में बालकृष्ण पहले, बनीता दूसरे, उप शास्त्रीय नृत्य में पुरुषोत्तम पहले, पल्लवी दूसरे शगुन तीसरे, फिल्मी नृत्य फ्यूजन ग्रुप पहले, दीक्षा ग्रुप दूसरे स्थान पर रहा। इस दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता रहे खिलाड़ियों को पुरस्कारों से भी नवाजा गया। उप प्राचार्य चेतन राणा ने कहा कि एक विद्यार्थी में अच्छे संस्कार के लिए माता-पिता और शिक्षकों की अहम भूमिका रहती है। विद्यार्थियों के लिए शिक्षा ही साधाना है। साधना के लिए शिष्टाचार, आत्मसनुशासन, एकाग्रता, आशावादी आदि गुणों का होना आवश्यक है। इस दौरान रजनी, गीताजंलि, कुसुमलता, रजनी राणा, यामिनी, अलीजा, होतमे राम, गीता, डॉ. अशोक कुमार, अनूप कुमार आदि मौजूद रहे।
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कुल्लू। राजकीय महाविद्यालय कुल्लू में आयोजित दो दिवसीय सांस्कृतिक कार्यक्रम सृजन का शुक्रवार को समापन हुआ। कार्यक्रम में उप प्राचार्य चेतन राणा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। अंतिम दिन लोकनृत्य, लोकगीत, गजल और हिप हॉप प्रतियोगिता में छात्रों ने अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
गजल में वनीता पहले, मोहित दूसरे, लोकगीत में पल्लवी पहले, धनेश दूसरे, संजय तीसरे, हिप हॉप में आंचल पहले, सुरेश ने दूसरा स्थान हासिल किया। गजल में बालकृष्ण, खेम सिंह, गोपाल, शीला, बनीता, तुषार, मोहित, सितंबर पाल ने दमदार प्रस्तुतियां दी। लोकगीत में सुरेश नेमहादेउ री ए हेसाणिए, धनेश ने धूपा लागा उड़दा धारा, सुरेश ने झुरी री बोला आखटी गीत पर दर्शकों को नचाया। हिप हॉप नृत्य में देवेंद्र, मुकेश, अमित, आंचल, वैभव, सुरेश ने शानदार नृत्य किया। लोकनृत्य में रेंबो ग्रुप, कल्चर क्लब, शिमला नाटी ग्रुप, रोवर्स रेंजर्स, एनएसएस और एनसीसी आर्मी विंग की प्रस्तुतियां सराहनीय रही। भजन में आंजनेय पहले, सुशील दूसरे स्थान पर रहे। फिल्मी गीत में बालकृष्ण पहले, बनीता दूसरे, उप शास्त्रीय नृत्य में पुरुषोत्तम पहले, पल्लवी दूसरे शगुन तीसरे, फिल्मी नृत्य फ्यूजन ग्रुप पहले, दीक्षा ग्रुप दूसरे स्थान पर रहा। इस दौरान विभिन्न प्रतियोगिताओं में विजेता रहे खिलाड़ियों को पुरस्कारों से भी नवाजा गया। उप प्राचार्य चेतन राणा ने कहा कि एक विद्यार्थी में अच्छे संस्कार के लिए माता-पिता और शिक्षकों की अहम भूमिका रहती है। विद्यार्थियों के लिए शिक्षा ही साधाना है। साधना के लिए शिष्टाचार, आत्मसनुशासन, एकाग्रता, आशावादी आदि गुणों का होना आवश्यक है। इस दौरान रजनी, गीताजंलि, कुसुमलता, रजनी राणा, यामिनी, अलीजा, होतमे राम, गीता, डॉ. अशोक कुमार, अनूप कुमार आदि मौजूद रहे।
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