कुल्लू/खराहल। गुठलीदार फलों के पौधों में ट्री ऑयल के छिड़काव करने का आजकल उचित समय चल रहा है। लिहाजा, बागवानों को अपने बगीचों में इन पौधों में ट्री ऑयल की स्प्रे समय रहते करना चाहिए। इन दिनों गुठलीदार फलों में रस चढ़ने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। फूल खिलने से पहले ट्री ऑयल का छिड़काव बागवानों को करना चाहिए। बागवानी विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय पौधों में रस चढ़ने का क्रम शुरू हो गया है। बागवानों को सैन-होज स्केल नामक कीट से निजात पाने के लिए समय रहते एस ऑयल का छिड़काव बागवानी विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार करना चाहिए। बागवानी विभाग की ओर से अनुमोदित ट्री ऑयल का छिड़काव ही अपने बगीचे में बागवानों को करने की सलाह दी गई है। जब पौधों में रस चढ़ने लगता है तो ये कीडे़ भी सक्रिय होने लगते हैं और फूल खिलने तक जवान हो जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ये कीडे़ वृक्ष के तने या छाल पर ही रहते हैं और पौधों का रस चूसते रहते हैं। ये कीडे़ एक वर्ष में दो या छह पीढ़ियां पैदा कर सकते हैं। गर्म और सूखे साल में एक मादा कीडे़ से तीन करोड़ कीड़े पैदा हो सकते हैं। अत्यधिक कीड़े के प्रकोप से पौधे सूख जाते हैं। घाटी के बागवान अमित, राकेश, अमन, चमन, अशोक, अखिल ठाकुर, नवीन, चुनी लाल, कैलाश ठाकुर, देव राज, सेस राम आदि का कहना है कि इन दिनों गुठलीदार फलों के पौधों पर रस चढ़ना आरंभ हो गया है। ऐसे में बागवान अपने गुठलीदार फलों के पेड़ों पर ट्री ऑयल के छिड़काव करने में जुटे हैं। बागवानी विभाग के विषयवाद विशेषज्ञ उत्तम पराशर बताते हैं कि गुठलीदार फलों के पौधों में ट्री ऑयल का छिड़काव रस चढ़ने की अवस्था में करना चाहिए। उन्होंने कहा कि बागवान विशेषज्ञों की सलाह के अनुसार छिड़काव करें।