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बारिश से जिला में एक दर्जन से अधिक सड़कें प्रभावित
Updated Tue, 03 Jul 2018 09:48 PM IST
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बारिश से जिला में एक दर्जन से अधिक सड़कें, रास्ते बाधित
भूस्खलन के जरिये से संवेदनशील रूटों पर नहीं भेजी जा रही निगम की बसें
ब्यास के साथ अन्य नदी-नाले उफान पर, जिला प्रशासन का अलर्ट जारी
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला कुल्लू में दो दिन से हो रही लगातार बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। कई जगहों पर भूस्खलन से सड़कें और पैदल रास्ते बाधित हो गए हैं। ब्यास समेत घाटी के नदी नालों का जलस्तर उफान पर है। प्रशासन ने पर्यटकों और आम लोगों को नदी के किनारे और संवदेनशील इलाकों की ओर न जाने की हिदायत दी है।
मंगलवार को भी बारिश का दौर जारी रहने से जिला कुल्लू के एक दर्जन से अधिक बस रूटों पर बसें गंतव्य तक नहीं जा सकीं। हालांकि मौसम विभाग की चेतावनी के बाद एचआरटीसी ने भी भूस्खलन वाले संवेदनशील रूटों में निगम की बसों को गंतव्य तक न ले जाने की हिदायत दी है। जिला मुख्यालय को जोड़ने वाले हाईवे-305 पर भी बारिश से जगह-जगह भूस्खलन का खतरा बना है। कोटनाला और माशनूनाला में रुक-रुक कर हो रहे भूस्खलन से निगम की बसें देरी से जिला मुख्यालय पहुंच रही हैं। इसके अलावा सजवाड़, बंजार-शरची, बंजार-पेखड़ी, बंजार-जौरी, बंजार-तांदी, बंजार-ग्रांहो, रोहचाला, करशाला, खौली, छमाहण, बस्तोरी, मलाणा, बरशैणी, कोठी आदि सड़कों पर निगम की बसों की आवाजाही प्रभावित है। इससे आम लोगों के साथ घाटी के किसान-बागवानों को अपना उत्पाद को मंडियों में पहुंचाने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। प्रेम सिंह, ध्यान सिंह, झाबे राम, निक्का राम, छपे राम, हेत राम, चुनी लाल, अमर सिंह गोविंद सिंह का कहना है कि बरसात के चलते निगम की बसें गंतव्य तक नहीं आ रही हैं और लोगों को मीलों तक पैदल चलना पड़ रहा है। झमाझम बारिश से ब्यास के साथ जिला के अन्य नदी नालों का जलस्तर उफान पर है। एचआरटीसी कुल्लू के आरएम डीके नारंग ने कहा कि मौसम को देखते हुए निगम भी अलर्ट के आधार पर बसों का संचालन कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक मौसम खुल नहीं जाता बसों को एहतियात के तहत ही चलाया जाएगा।
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भूस्खलन के जरिये से संवेदनशील रूटों पर नहीं भेजी जा रही निगम की बसें
ब्यास के साथ अन्य नदी-नाले उफान पर, जिला प्रशासन का अलर्ट जारी
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। जिला कुल्लू में दो दिन से हो रही लगातार बारिश से जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है। कई जगहों पर भूस्खलन से सड़कें और पैदल रास्ते बाधित हो गए हैं। ब्यास समेत घाटी के नदी नालों का जलस्तर उफान पर है। प्रशासन ने पर्यटकों और आम लोगों को नदी के किनारे और संवदेनशील इलाकों की ओर न जाने की हिदायत दी है।
मंगलवार को भी बारिश का दौर जारी रहने से जिला कुल्लू के एक दर्जन से अधिक बस रूटों पर बसें गंतव्य तक नहीं जा सकीं। हालांकि मौसम विभाग की चेतावनी के बाद एचआरटीसी ने भी भूस्खलन वाले संवेदनशील रूटों में निगम की बसों को गंतव्य तक न ले जाने की हिदायत दी है। जिला मुख्यालय को जोड़ने वाले हाईवे-305 पर भी बारिश से जगह-जगह भूस्खलन का खतरा बना है। कोटनाला और माशनूनाला में रुक-रुक कर हो रहे भूस्खलन से निगम की बसें देरी से जिला मुख्यालय पहुंच रही हैं। इसके अलावा सजवाड़, बंजार-शरची, बंजार-पेखड़ी, बंजार-जौरी, बंजार-तांदी, बंजार-ग्रांहो, रोहचाला, करशाला, खौली, छमाहण, बस्तोरी, मलाणा, बरशैणी, कोठी आदि सड़कों पर निगम की बसों की आवाजाही प्रभावित है। इससे आम लोगों के साथ घाटी के किसान-बागवानों को अपना उत्पाद को मंडियों में पहुंचाने में दिक्कतें पेश आ रही हैं। प्रेम सिंह, ध्यान सिंह, झाबे राम, निक्का राम, छपे राम, हेत राम, चुनी लाल, अमर सिंह गोविंद सिंह का कहना है कि बरसात के चलते निगम की बसें गंतव्य तक नहीं आ रही हैं और लोगों को मीलों तक पैदल चलना पड़ रहा है। झमाझम बारिश से ब्यास के साथ जिला के अन्य नदी नालों का जलस्तर उफान पर है। एचआरटीसी कुल्लू के आरएम डीके नारंग ने कहा कि मौसम को देखते हुए निगम भी अलर्ट के आधार पर बसों का संचालन कर रहा है। उन्होंने कहा कि जब तक मौसम खुल नहीं जाता बसों को एहतियात के तहत ही चलाया जाएगा।
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