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कांग्रेस के 13 सदस्य भाजपा के 19 सदस्यों पर पड़े भारी
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कुल्लू। ब्लॉक समिति कुल्लू अध्यक्ष की कुर्सी पर एक बार फिर कांग्रेस का कब्जा हो गया है। कांग्रेस समर्थित विनोद कुमार तीन मतों से विजयी रहे। लेकिन भाजपा के पास बहुमत होने के बावजूद गुटबाजी के कारण उसे निराशा ही हाथ लगी है।
कांग्रेस के 13 पंचायत समिति सदस्य ही भाजपा के 19 सदस्यों पर भारी पड़ गए। कुल्लू ब्लॉक अध्यक्ष पद के चुनावों में भाजपा की गुटबाजी खुलकर सामने आई है, जिसका परिणाम उसे भुगतना पड़ा है। कांग्रेस ने महज 13 सदस्यों के साथ ही कुर्सी पर कब्जा किया। भाजपा की ओर से दो प्रत्याशी अध्यक्ष पद की दौड़ में थे। लेखपाल सिंह ने 10 और यादविरेंद्र ने 9 मत हासिल किए। कुल मिलाकर भाजपा के हिस्से में 19 वोट पड़े। लेकिन ब्लॉक समिति अध्यक्ष की कुर्सी को हासिल करने की भाजपा की उम्मीदों पर कांग्रेस ने पानी फेर दिया। बताया जा रहा है कि भाजपा के दो गुटों से यह उम्मीदवार खड़े किए गए थेे। इन दोनों प्रत्याशियों के पीछे बड़े नेताओं का हाथ था। गुटबाजी के चलते दोनों प्रत्याशियों में आपसी सहमति नहीं बन पाई। इसके चलते भाजपा को यह सीट गंवानी पड़ी है। अगर भाजपा के सभी सदस्य एक तरफ वोट करते और एक प्रत्याशी मैदान में होता तो कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव निष्क्रिय नहीं होता। कुल्लू विधानसभा में इसे कांग्रेस की बड़ी जीत माना जा रहा है, जबकि भाजपा की गुटबाजी के चलते अध्यक्ष की कुर्सी गंवाने पर खूब किरकिरी हो रही है। कुल्लू में मिली इस जीत के बाद कांग्रेसी गदगद है। हालांकि कांग्रेस को मनाली में नगर परिषद अध्यक्ष की कुर्सी गंवानी पड़ी है। कुल्लू सदर विधायक सुंदर ठाकुर ने भी इसे षड्यंत्र करार देते हुए लोकतंत्र पर हमला करार दिया है। बरहाल कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी के दोबारा कुर्सी पर काबिज होने पर पूर्व बागवानी मंत्री सत्य प्रकाश ठाकुर और सदर विधायक सुंदर सिंह कुल्लू ब्लॉक पंचायत समिति अध्यक्ष को बधाई देने पहुंचे।
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कांग्रेस के 13 पंचायत समिति सदस्य ही भाजपा के 19 सदस्यों पर भारी पड़ गए। कुल्लू ब्लॉक अध्यक्ष पद के चुनावों में भाजपा की गुटबाजी खुलकर सामने आई है, जिसका परिणाम उसे भुगतना पड़ा है। कांग्रेस ने महज 13 सदस्यों के साथ ही कुर्सी पर कब्जा किया। भाजपा की ओर से दो प्रत्याशी अध्यक्ष पद की दौड़ में थे। लेखपाल सिंह ने 10 और यादविरेंद्र ने 9 मत हासिल किए। कुल मिलाकर भाजपा के हिस्से में 19 वोट पड़े। लेकिन ब्लॉक समिति अध्यक्ष की कुर्सी को हासिल करने की भाजपा की उम्मीदों पर कांग्रेस ने पानी फेर दिया। बताया जा रहा है कि भाजपा के दो गुटों से यह उम्मीदवार खड़े किए गए थेे। इन दोनों प्रत्याशियों के पीछे बड़े नेताओं का हाथ था। गुटबाजी के चलते दोनों प्रत्याशियों में आपसी सहमति नहीं बन पाई। इसके चलते भाजपा को यह सीट गंवानी पड़ी है। अगर भाजपा के सभी सदस्य एक तरफ वोट करते और एक प्रत्याशी मैदान में होता तो कांग्रेस समर्थित अध्यक्ष के खिलाफ लाया गया अविश्वास प्रस्ताव निष्क्रिय नहीं होता। कुल्लू विधानसभा में इसे कांग्रेस की बड़ी जीत माना जा रहा है, जबकि भाजपा की गुटबाजी के चलते अध्यक्ष की कुर्सी गंवाने पर खूब किरकिरी हो रही है। कुल्लू में मिली इस जीत के बाद कांग्रेसी गदगद है। हालांकि कांग्रेस को मनाली में नगर परिषद अध्यक्ष की कुर्सी गंवानी पड़ी है। कुल्लू सदर विधायक सुंदर ठाकुर ने भी इसे षड्यंत्र करार देते हुए लोकतंत्र पर हमला करार दिया है। बरहाल कांग्रेस समर्थित प्रत्याशी के दोबारा कुर्सी पर काबिज होने पर पूर्व बागवानी मंत्री सत्य प्रकाश ठाकुर और सदर विधायक सुंदर सिंह कुल्लू ब्लॉक पंचायत समिति अध्यक्ष को बधाई देने पहुंचे।
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