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झमाझम बारिश बनी सेब फसल के लिए संजीवनी
Updated Thu, 28 Jun 2018 10:16 PM IST
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झमाझम बारिश बनी सेब
फसल के लिए संजीवनी
बारिश से फल की गुणवत्ता और आकार बढ़ेगा
अब फल का रंग भी होगा काफी बेहतर: विशेषज्ञ
उमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/खराहल। जिला में भी दक्षिण पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी है। मानसून के पहुंचते ही मौसम सुहावना हो गया है। इस साल पिछले वर्ष की अपेक्षा चार दिन पहले ही मानसून प्रदेश में पहुंची है। ऐसे में सूखे से जूझ रहे किसानों और बागवानों को राहत मिली है। बारिश की रिमझिम फुहारें नकदी फसल सेब के लिए संजीवनी लेकर आई हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार घाटी में हो रही बारिश सेब और नाशपाती के साथ अन्य फसल के लिए फायदेमंद साबित होगी। अब सेब के रंग, आकार तथा गुणवत्ता में अप्रत्याशित बढ़ोतरी होगी। मानसून की पहली बारिश सूखे से किसानों और बागवानों को निजात मिली है। पेयजल की कमी भी दूर हो जाएगी। बागवानों का कहना है कि बारिश का क्रम इसी तरह जारी रहता है तो सेब का आकार तेजी से वृद्धि होगी और इसका रंग भी उम्दा होगा। जिला में बडे़ पैमाने पर सेब और नाशपाती का उत्पादन होता है। इस साल पहले ओलावृष्टि और बाद में सूखे से फसल की ड्रॉपिंग से नुकसान बागवानों को झेलना पड़ा है। ऐसे में इस साल 40 लाख पेटियों का उत्पादन होने की संभावना है।
नाशपाती की फसल तो बहुत ही कम है। घाटी के प्रगतिशील बागवान अमित ठाकुर, चंदेराम, चमन ठाकुर, चुनी लाल, कैलाश ठाकुर, देवराज नेगी, सुरेश कुमार, देव राज, ज्ञान ठाकुर और जयचंद आदि का कहना है कि झमाझम बारिश सेब फसल के लिए बेहतर है। बागवानी अनुसंधान केंद्र सेउबाग के प्रभारी डॉ किशोर खोसला कहते हैं कि बारिश से सेब का आकार तेजी से बढ़ेगा। रस और मिठास में बढ़ोतरी के साथ रंग भी चोखा आएगा। उन्होंने बागवानों को समय-समय पर शेडयूल के अनुसार स्प्रे करने की सलाह दी है।
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फसल के लिए संजीवनी
बारिश से फल की गुणवत्ता और आकार बढ़ेगा
अब फल का रंग भी होगा काफी बेहतर: विशेषज्ञ
उमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/खराहल। जिला में भी दक्षिण पश्चिम मानसून ने दस्तक दे दी है। मानसून के पहुंचते ही मौसम सुहावना हो गया है। इस साल पिछले वर्ष की अपेक्षा चार दिन पहले ही मानसून प्रदेश में पहुंची है। ऐसे में सूखे से जूझ रहे किसानों और बागवानों को राहत मिली है। बारिश की रिमझिम फुहारें नकदी फसल सेब के लिए संजीवनी लेकर आई हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार घाटी में हो रही बारिश सेब और नाशपाती के साथ अन्य फसल के लिए फायदेमंद साबित होगी। अब सेब के रंग, आकार तथा गुणवत्ता में अप्रत्याशित बढ़ोतरी होगी। मानसून की पहली बारिश सूखे से किसानों और बागवानों को निजात मिली है। पेयजल की कमी भी दूर हो जाएगी। बागवानों का कहना है कि बारिश का क्रम इसी तरह जारी रहता है तो सेब का आकार तेजी से वृद्धि होगी और इसका रंग भी उम्दा होगा। जिला में बडे़ पैमाने पर सेब और नाशपाती का उत्पादन होता है। इस साल पहले ओलावृष्टि और बाद में सूखे से फसल की ड्रॉपिंग से नुकसान बागवानों को झेलना पड़ा है। ऐसे में इस साल 40 लाख पेटियों का उत्पादन होने की संभावना है।
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नाशपाती की फसल तो बहुत ही कम है। घाटी के प्रगतिशील बागवान अमित ठाकुर, चंदेराम, चमन ठाकुर, चुनी लाल, कैलाश ठाकुर, देवराज नेगी, सुरेश कुमार, देव राज, ज्ञान ठाकुर और जयचंद आदि का कहना है कि झमाझम बारिश सेब फसल के लिए बेहतर है। बागवानी अनुसंधान केंद्र सेउबाग के प्रभारी डॉ किशोर खोसला कहते हैं कि बारिश से सेब का आकार तेजी से बढ़ेगा। रस और मिठास में बढ़ोतरी के साथ रंग भी चोखा आएगा। उन्होंने बागवानों को समय-समय पर शेडयूल के अनुसार स्प्रे करने की सलाह दी है।
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