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लाहौल में हो अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शांति सम्मेलन: सुलेखा
Updated Wed, 30 May 2018 07:52 PM IST
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लाहौल में हो बौद्ध शांति सम्मेलन : सुलेखा
कहा-घाटी में पर्यटन की अपार संभावनाएं
संचार व्यवस्था सुचारु रखने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य सुलेखा कुम्भारे ने जिला मुख्यालय केलांग में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों से जिले के मठों का दौरा करने तथा उनकी समस्याओं का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लाहौल-स्पीति में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैैं, जिसके लिए प्रचार और प्रसार की आवश्यकता है। घाटी में पर्यटन को और बढ़ावा देने के लिए घाटी में अगले वर्ष अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शांति सम्मेलन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इसके लिए भारत तथा दूसरे बौद्ध देशों से भी अतिथियों को आमंत्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन जिला में बौद्ध धर्म के लोगों के लिए अल्पसंख्यक प्रमाण-प्रत्र बनाने के लिए ग्रामीण स्तर पर शिविरों का आयोजन करे तथा भोटी भाषा को स्कूलों में लागू किया जाए। उन्होंने भारत संचार निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे घाटी में संचार व्यवस्था को सुचारु करे। पूर्वोत्तर भारत तथा लद्दाख की तर्ज पर जनजातीय क्षेत्रों में कार्य करने वाले कर्मचारियों को आयकर में छूट प्रदान करने का मामला सरकार के समक्ष आयोग के माध्यम से उठाया जाएगा। उन्होंने अल्पसंख्यकों के लिए सरकार की ओर से शुरू की गई योजनाओं का प्रचार-प्रसार ग्रामीण स्तर पर करने की भी अपील की। उपमंडल अधिकारी नागरिक केलांग अमर नेगी ने प्रशासन की ओर से आयोग की सदस्य को सम्मानित किया। बैठक में पूर्व विधायक रवि ठाकुर, जनजातीय सलाहकार समिति सदस्य नवांग उपासक, जिला परिषद सदस्य छिमेद, पुलिस उप अधीक्षक हरीश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बौद्घ भिक्षु उपस्थित रहे।
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कहा-घाटी में पर्यटन की अपार संभावनाएं
संचार व्यवस्था सुचारु रखने के दिए निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
केलांग (लाहौल-स्पीति)। राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग की सदस्य सुलेखा कुम्भारे ने जिला मुख्यालय केलांग में जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने अधिकारियों से जिले के मठों का दौरा करने तथा उनकी समस्याओं का निपटारा प्राथमिकता के आधार पर करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि लाहौल-स्पीति में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैैं, जिसके लिए प्रचार और प्रसार की आवश्यकता है। घाटी में पर्यटन को और बढ़ावा देने के लिए घाटी में अगले वर्ष अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शांति सम्मेलन जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएं। इसके लिए भारत तथा दूसरे बौद्ध देशों से भी अतिथियों को आमंत्रित किया जाए। उन्होंने कहा कि प्रशासन जिला में बौद्ध धर्म के लोगों के लिए अल्पसंख्यक प्रमाण-प्रत्र बनाने के लिए ग्रामीण स्तर पर शिविरों का आयोजन करे तथा भोटी भाषा को स्कूलों में लागू किया जाए। उन्होंने भारत संचार निगम के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे घाटी में संचार व्यवस्था को सुचारु करे। पूर्वोत्तर भारत तथा लद्दाख की तर्ज पर जनजातीय क्षेत्रों में कार्य करने वाले कर्मचारियों को आयकर में छूट प्रदान करने का मामला सरकार के समक्ष आयोग के माध्यम से उठाया जाएगा। उन्होंने अल्पसंख्यकों के लिए सरकार की ओर से शुरू की गई योजनाओं का प्रचार-प्रसार ग्रामीण स्तर पर करने की भी अपील की। उपमंडल अधिकारी नागरिक केलांग अमर नेगी ने प्रशासन की ओर से आयोग की सदस्य को सम्मानित किया। बैठक में पूर्व विधायक रवि ठाकुर, जनजातीय सलाहकार समिति सदस्य नवांग उपासक, जिला परिषद सदस्य छिमेद, पुलिस उप अधीक्षक हरीश शर्मा सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा बौद्घ भिक्षु उपस्थित रहे।