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देवता खुडीजल का 11 दिवसीय देवता मेला शुरू
Updated Tue, 08 Aug 2017 09:40 PM IST
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कुल्लू। देवता खुडीजल का 11 दिवसीय देवता मेला शुरू हो गया है। रक्षा बंधन के दिन दोपहर बाद देवता खुडीजल और देवता खौला की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। जिसमें रघुपुर घाटी के साथ सीमांत लगते मंडी जिला के सैकड़ों लोगों ने मेले में भाग लिया। हालांकि मेले का विधिवत शुभारंभ 11 जुलाई से पलेच के साथ होगा। इस दिन घाटी के अन्य देवी देवताओं के भी शामिल होने की उम्मीद है।
देवता खुडीजल और देवता खौला की अपने वास स्थल देहुरी में करीब एक किलोमीटर के दायरे में परिक्रमा स्वरूप निकाली गई शोभायात्रा आकर्षक का केंद्र रही। ढोल-नगाड़ों व नरसिंगों की स्वरलहरियों के साथ देवता की शोभायात्रा को शान के साथ निकला गया। इस मौके पर रघुपुर क्षेत्र के चार गांव के साथ 90 मुजारों तथा मंडी जिला के देवलुओं ने भी भाग लिया।
सैकड़ों लोगों ने अधिष्ठाता खुडीजल से घाटी में हो रही मूसलाधार बारिश को रोकने की भी गुहार लगाई है। देवता खुडीजल के कारदार शेर सिंह ने कहा कि देवता खुडीजल का 11 दिवसीय मेलेा ही श्रावण माह में शुरू होता है। मेले का अंतिम मेला 17 अगस्त को होगा। 11 अगस्त को बालू गांव के ग्रामीणों की ओर से देव परंपरानुसार पलेई लाई जाएगी और इसी दिन देवता खुडीजल अपनी शक्ति का भी परीक्षण देंगे। उधर, घाटी के बनाला, छलाच, कांडीबाग, देहुरी, कमांद, कोट, बालू, करशाला, फनौटी, जुहड़, कोलथा आदि गांव के ग्रामीणों में मेले को लेकर खुशी का माहौल है।
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देवता खुडीजल और देवता खौला की अपने वास स्थल देहुरी में करीब एक किलोमीटर के दायरे में परिक्रमा स्वरूप निकाली गई शोभायात्रा आकर्षक का केंद्र रही। ढोल-नगाड़ों व नरसिंगों की स्वरलहरियों के साथ देवता की शोभायात्रा को शान के साथ निकला गया। इस मौके पर रघुपुर क्षेत्र के चार गांव के साथ 90 मुजारों तथा मंडी जिला के देवलुओं ने भी भाग लिया।
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सैकड़ों लोगों ने अधिष्ठाता खुडीजल से घाटी में हो रही मूसलाधार बारिश को रोकने की भी गुहार लगाई है। देवता खुडीजल के कारदार शेर सिंह ने कहा कि देवता खुडीजल का 11 दिवसीय मेलेा ही श्रावण माह में शुरू होता है। मेले का अंतिम मेला 17 अगस्त को होगा। 11 अगस्त को बालू गांव के ग्रामीणों की ओर से देव परंपरानुसार पलेई लाई जाएगी और इसी दिन देवता खुडीजल अपनी शक्ति का भी परीक्षण देंगे। उधर, घाटी के बनाला, छलाच, कांडीबाग, देहुरी, कमांद, कोट, बालू, करशाला, फनौटी, जुहड़, कोलथा आदि गांव के ग्रामीणों में मेले को लेकर खुशी का माहौल है।
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