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मंडी में भूस्खलन से 12 घंटे बसों में फंसे रहे 360 यात्री
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नेशनल हाइवे तीन के बंद होने के कारण बजौरा में लगी गाड़ियों की लंबी कतार से लोगों को बारिश में परेश?
- फोटो : Kullu
संवाद न्यूज एजेंसी
कुल्लू। मनाली-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंडी जिले के सात मील में बार-बार पहाड़ी से भूस्खलन हो रहा है। इसके चलते सड़क पर वाहनों के पहिये थम रहे हैं। सात मील और दयोड़ में सोमवार देर रात 3:00 बजे भूस्खलन हुआ, जिससे एचआरटीसी कुल्लू डिपो की 12 बसें भी फंस गई थी। इन बसों में करीब 360 यात्री 12 घंटे तक फंसे रहे।
मनाली से दिल्ली और दिल्ली से मनाली आ रही चार वोल्वो बसें अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाई। चंडीगढ़, हरिद्वार, जम्मू, जालंधर और शिमला से आने-जाने वाली आठ बसें भी यहीं फंसी रही। भूस्खलन होने के कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि निगम ने 12 बसें पहले ही फंसने के बाद अन्य लंबे रूटों पर जानी वाली बसों को वाया कटौला-मंडी होते हुए भेजा।
निगम की सात वोल्वो, चार साधारण और एक सेमी डीलक्स बस सात मील में फंसी रही। हर एक बस में 30 से अधिक सवारियां थी। भूस्खलन के कारण लंबा जाम लगा रहा, जिसके कारण इन बसों को वैकल्पिक मार्ग कुल्लू-मंडी वाया कटौला से भी संचालित नहीं किया जा सका। रात को बंद हुए राष्ट्रीय राजमार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए दोपहर 3:00 बजे बहाल किया गया। इसके बाद कई बसें मंगलवार देर शाम गंतव्य तक पहुंची। इस संबंध में बस अड्डा प्रभारी कुल्लू टेकचंद शर्मा ने कहा कि कुल्लू डिपो की मनाली-दिल्ली रूट की चार, मनाली-हरिद्वार की एक, मनाली-चंडीगढ़ की दो वोल्वो समेत जम्मू, जालंधर, शिमला तथा हरिद्वार रूट की चार साधारण और एक डीलक्स बस जाम में फंसी रहीं। इन सभी बसों में 360 से अधिक सवारियां थीं।
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कुल्लू। मनाली-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर मंडी जिले के सात मील में बार-बार पहाड़ी से भूस्खलन हो रहा है। इसके चलते सड़क पर वाहनों के पहिये थम रहे हैं। सात मील और दयोड़ में सोमवार देर रात 3:00 बजे भूस्खलन हुआ, जिससे एचआरटीसी कुल्लू डिपो की 12 बसें भी फंस गई थी। इन बसों में करीब 360 यात्री 12 घंटे तक फंसे रहे।
मनाली से दिल्ली और दिल्ली से मनाली आ रही चार वोल्वो बसें अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पाई। चंडीगढ़, हरिद्वार, जम्मू, जालंधर और शिमला से आने-जाने वाली आठ बसें भी यहीं फंसी रही। भूस्खलन होने के कारण यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि निगम ने 12 बसें पहले ही फंसने के बाद अन्य लंबे रूटों पर जानी वाली बसों को वाया कटौला-मंडी होते हुए भेजा।
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निगम की सात वोल्वो, चार साधारण और एक सेमी डीलक्स बस सात मील में फंसी रही। हर एक बस में 30 से अधिक सवारियां थी। भूस्खलन के कारण लंबा जाम लगा रहा, जिसके कारण इन बसों को वैकल्पिक मार्ग कुल्लू-मंडी वाया कटौला से भी संचालित नहीं किया जा सका। रात को बंद हुए राष्ट्रीय राजमार्ग वाहनों की आवाजाही के लिए दोपहर 3:00 बजे बहाल किया गया। इसके बाद कई बसें मंगलवार देर शाम गंतव्य तक पहुंची। इस संबंध में बस अड्डा प्रभारी कुल्लू टेकचंद शर्मा ने कहा कि कुल्लू डिपो की मनाली-दिल्ली रूट की चार, मनाली-हरिद्वार की एक, मनाली-चंडीगढ़ की दो वोल्वो समेत जम्मू, जालंधर, शिमला तथा हरिद्वार रूट की चार साधारण और एक डीलक्स बस जाम में फंसी रहीं। इन सभी बसों में 360 से अधिक सवारियां थीं।
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