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पावर स्प्रे से आग पर पाया काबू, 51 घर जलने से बचाए

Mon, 25 Feb 2019 07:18 PM IST
pooja awasthi pooja awasthi
Updated Mon, 25 Feb 2019 07:18 PM IST
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पावर स्प्रे से आग पर पाया काबू, 51 घर जलने से बचाए
अाग - फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
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कुल्लू। जिला मुख्यालय के साथ लगते फलाण पंचायत के अंतर्गत जिंदी गांव में भीषण अग्निकांड को काबू पाने के लिए पावर स्प्रे की अहम भूमिका रही। आग की ऊंची लपटों को ठंडा करने के लिए सहमे ग्रामीणों ने अपने-अपने घरों से करीब एक दर्जन से अधिक पावर स्प्रे निकाल कर आग बुझाने का काम किया।
दोपहर करीब 12 बजे लगी आग की सूचना जैसे ही आसपास के गांवों को लगी तो लगभग एक दर्जन गांवों के लोग मौके के लिए दौड़ पड़े। लोगों ने पानी के साथ मिट्टी फेंक कर आग बुझाने का प्रयास किया। जानकारी के अनुसार फलाण गांव के अलावा शिल्हाग्रां, शालंग, कालंग, बग्गी तथा ग्रामंग समेत करीब एक दर्जन गांव के ग्रामीणों की मुस्तैदी से एक बड़ा हादसा टल गया है। अन्यथा करीब 60 घरों वाले गांव में भारी नुकसान हो सकता था। ग्रामीणों ने आग बुझाने के लिए करीब एक किलोमीटर लंबी चैन बनाई और नाले से पाइप के साथ केनी और बाल्टी से पानी आग बुझाने के लिए पहुंचाया। शिक्षक रविंद्र ठाकुर, महेंद्र, राम लाल, धर्म सिंह तथा तारा चंद ने बताया कि जिस समय गांव में आग लगी उस समय तेज हवाएं चल रही थी, जिससे काष्ठकुणी शैली के बने मकानों में ऊंची-ऊंची लपटें उठ रही थी। गांव में घरों पर रखे घास से अधिक नुकसान हुआ है। इससे आग तेजी से फैली और ग्रामीणों की आंखों के सामने जल रहे थे। ऐसे में आग पर काबू पाना आसान नहीं था। उन्होंने कहा कि बिना अग्निशमन की मदद से पावर स्प्रे तथा आसपास के ग्रामीणों की ओर से बनाई चैन ने अहम भूमिका निभाई है।
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सड़क न होने से गांव से तीन किमी पीछे रुका वाहन
कुल्लू। सड़क सुविधा से वंचित जिंदी गांव में लगी आग को काबू पाने के लिए प्रशासन की टीम और अग्निशमन विभाग को तीन किलोमीटर तक पैदल ही जाना पड़ा। हालांकि आग की सूचना पाकर अग्निशमन विभाग पूरी तैयारियों के साथ गया था। लेकिन सड़क नहीं होने से उनकी गाड़ियों तीन किलोमीटर पीछे ही रुक गई। इससे अग्निशमन टीम की मुश्किलें बढ़ी और उन्हें मौके पर पहुंचने के लिए करीब एक घंटे का समय लगा। स्थानीय निवासी रविंद्र ठाकुर, महेंद्र सिंह तथा राम लाल ने कहा कि अगर गांव तक सड़क होती तो शायद आग पर समय रहते काबू पाया जा सकता था और नुकसान से बच सकते थे।
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