{"_id":"5bd0a61dbdec2269ab3a073b","slug":"21540400669-kullu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"200 किमी पैदल चल कुल्लू पहुंचे देवता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
200 किमी पैदल चल कुल्लू पहुंचे देवता
Updated Wed, 24 Oct 2018 10:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुल्लू। जिला कुल्लू के आउटर सराज निरमंड क्षेत्र के देवी-देवताओं ने बुधवार को अपने अस्थायी शिविर के बाहर देव मिलन किया। दशहरा में निरमंड क्षेत्र के सात देवी-देवता भाग ले रहे हैं। 200 किलोमीटर का लंबा सफर पैदल तय कर पहुंचे देवी-देवताओं के भव्य देव मिलन को पर्यटकों व अन्य लोगों ने अपने कैमरे में कैद किया। जबकि देवताओं के हारियान और देवलु भावुक हो गए।
उत्सव में निरमंड घाटी के देवता शरशाई नाग, देवता चंभू, उर्टू से चंभू, भुवनेश्वरी माता दुराह, देवता चंभू कशौली, सप्तऋषि तथा कुईकांडा नाग घाटू दशहरा की शोभा को बढ़ा रहे हैं। कारदार नीत राम, देवी सिंह, लीला चंद तथा राम दास को कहना है कि भगवान रघुनाथ के मोहल्ला उत्सव से पहले निरमंड के सभी सात देवी-देवताओं ने अपने अस्थायी शिविर के बाहर देव मिलन किया है। इस देव मिलन को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी उमड़ी और देव रथों के मिलन के दौरान लोग नतमस्तक हो गए। उल्लेखनीय है कि निरमंड क्षेत्र से आने वाले उपरोक्त सभी सात देवी देवताओं का ठहराव लाल चंद प्रार्थी कलाकेंद्र के पीछे होता है। कारदार राम दास तथा लीला चंद ने कहा कि निरमंड के देवी देवताओं की दशहरा में भागीदारी सैकड़ों साल पुरानी है। इस साल भी क्षेत्र से सात देवी देवता शिरकत कर रहे हैं।
विज्ञापन
उत्सव में निरमंड घाटी के देवता शरशाई नाग, देवता चंभू, उर्टू से चंभू, भुवनेश्वरी माता दुराह, देवता चंभू कशौली, सप्तऋषि तथा कुईकांडा नाग घाटू दशहरा की शोभा को बढ़ा रहे हैं। कारदार नीत राम, देवी सिंह, लीला चंद तथा राम दास को कहना है कि भगवान रघुनाथ के मोहल्ला उत्सव से पहले निरमंड के सभी सात देवी-देवताओं ने अपने अस्थायी शिविर के बाहर देव मिलन किया है। इस देव मिलन को देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी उमड़ी और देव रथों के मिलन के दौरान लोग नतमस्तक हो गए। उल्लेखनीय है कि निरमंड क्षेत्र से आने वाले उपरोक्त सभी सात देवी देवताओं का ठहराव लाल चंद प्रार्थी कलाकेंद्र के पीछे होता है। कारदार राम दास तथा लीला चंद ने कहा कि निरमंड के देवी देवताओं की दशहरा में भागीदारी सैकड़ों साल पुरानी है। इस साल भी क्षेत्र से सात देवी देवता शिरकत कर रहे हैं।
विज्ञापन