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परिवार के लोगों की आंखों सामने राख हुई जीवनभर की पूंजी
Updated Mon, 26 Feb 2018 06:52 PM IST
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आंखों के सामने स्वाह गो गई जीवनभर की पूंजी
अचानक भड़की आग से कोई सामान नहीं बचा पाए परिजन
रोशन ठाकुर
कुल्लू। जिले की दियार पंचायत के लोअर भोसा गांव में परिवार के सामने ही उनका घर जलकर राख हो गया। दो परिवार के लोग खेतों में मटर की निराई में व्यस्त थे। जबकि, बच्चे स्कूल के लिए निकल गए थे। घर में कोई नहीं होने से अचानक घर के एक कोने में आग भड़क गई और देखते ही देखते काष्ठकुणी शैली का बना ढाई मंजिला दस कमरों का मकान आग की चपेट में आ गया। आग से आसपास के घरों के साथ पड़ोसी गांव के लोगों में भी अफरा-तफरी मच गई।
आग की सूचना जब गांव के दूसरे लोगों ने फोन से परिवार वालों को दी, तब तक बहुत देर हो गई थी और खेतों से दौड़े-दौड़े पहुंचे परिजनों का सामने मकान धू-धू कर जल गया। मकान में रहने वाले दोनों परिवार के लोग कुछ भी नहीं बचा पाए। हालांकि, घर की गौशाला में बंधे पशुओं को ग्रामीणों की मदद से बचाया गया। जबकि, छह भेड़-बकरियां जिंदा जल गई हैं। मकान में भड़की आग को देखकर आसपास के लोग भी मदद के लिए दौड़े, लेकिन भयानक आग ने पूरे मकान को देखते ही देखते स्वाह कर दिया। पंचायत प्रधान मनोरमा ठाकुर ने कहा कि अचानक आग लगने से परिवार के लोग कोई भी सामान बचा नहीं पाए हैं। मकान में अधिकतर लकड़ी का प्रयोग होने से आग ने भयानक रूप धारण किया। रही कसर हवा ने पूरा कर दी। सड़क से कोसों दूर होने से अग्निशमन विभाग मौके पर नहीं पहुंच पाया उधर, प्रभावित परिवार के लोग जाड़े के सर्द मौसम में खुले आसमान में नीचे आ गए हैं। एडीएम कुल्लू अक्षय सूद ने कहा कि आग से प्रभावित परिवारों की नियमावली के तहत हर संभव मदद की जाएगी।
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अचानक भड़की आग से कोई सामान नहीं बचा पाए परिजन
रोशन ठाकुर
कुल्लू। जिले की दियार पंचायत के लोअर भोसा गांव में परिवार के सामने ही उनका घर जलकर राख हो गया। दो परिवार के लोग खेतों में मटर की निराई में व्यस्त थे। जबकि, बच्चे स्कूल के लिए निकल गए थे। घर में कोई नहीं होने से अचानक घर के एक कोने में आग भड़क गई और देखते ही देखते काष्ठकुणी शैली का बना ढाई मंजिला दस कमरों का मकान आग की चपेट में आ गया। आग से आसपास के घरों के साथ पड़ोसी गांव के लोगों में भी अफरा-तफरी मच गई।
आग की सूचना जब गांव के दूसरे लोगों ने फोन से परिवार वालों को दी, तब तक बहुत देर हो गई थी और खेतों से दौड़े-दौड़े पहुंचे परिजनों का सामने मकान धू-धू कर जल गया। मकान में रहने वाले दोनों परिवार के लोग कुछ भी नहीं बचा पाए। हालांकि, घर की गौशाला में बंधे पशुओं को ग्रामीणों की मदद से बचाया गया। जबकि, छह भेड़-बकरियां जिंदा जल गई हैं। मकान में भड़की आग को देखकर आसपास के लोग भी मदद के लिए दौड़े, लेकिन भयानक आग ने पूरे मकान को देखते ही देखते स्वाह कर दिया। पंचायत प्रधान मनोरमा ठाकुर ने कहा कि अचानक आग लगने से परिवार के लोग कोई भी सामान बचा नहीं पाए हैं। मकान में अधिकतर लकड़ी का प्रयोग होने से आग ने भयानक रूप धारण किया। रही कसर हवा ने पूरा कर दी। सड़क से कोसों दूर होने से अग्निशमन विभाग मौके पर नहीं पहुंच पाया उधर, प्रभावित परिवार के लोग जाड़े के सर्द मौसम में खुले आसमान में नीचे आ गए हैं। एडीएम कुल्लू अक्षय सूद ने कहा कि आग से प्रभावित परिवारों की नियमावली के तहत हर संभव मदद की जाएगी।
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