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विष्णु नारायण ने हारियानों संग की परिक्रमा
Updated Wed, 14 Feb 2018 10:04 PM IST
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devta
- फोटो : अमर उजाला
बंजार (कुल्लू)। उपमंडल बंजार में देवता विष्णु नारायण के सम्मान में विणी, चैहणी, वेहलो, बाहू, चैहणी, देउठा, चेडा, फरियाड़ी, शिल्ली, पेखड़ी, चेथर, नरांहा, वलौन, कलवारी, चिपणी, हिड़व, खमारड़ा, परवाड़ी, गरूली, मोहणी व चेत्थर में फागली उत्सव आरंभ हो गया है। उत्सव में विष्णु नारायण के कृण्ण अवतार की रास लीलाओं की गाथाओं का गुणगान स्थानीय लोग पहाड़ी परंपरागत तरीके से ढोल नगाड़े के साथ कर रहे हैं।
मान्यता है कि फागली उत्सव भगवान विष्णु नारायण के दस अवतारों की गाथाओं के साथ, बुराई पर अच्छाई की, पाप पर पुण्य की और अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस संबंध मेें देवलु ठाकुर चंद महंत, सत्यदेव नेगी, तुलसी राम, संगत राम, रमेश शर्मा, विनोद कुमार, विरेंद्र कुमार, रमेश चंद, मुरारी लाल शर्मा, टेक राम, ख्याली राम शर्मा, धर्मदास, मान सिंह, पूर्ण चंद, लाल चंद और धनी राम शर्मा ने कहा कि फागली उत्सव में अश्लील गालियां देकर आसुरी शक्तियों को दूर भगाया गया। वहीं देवता देवालयों से बाहर निकलकर अपने मंदिरों में परंपरागत पालकियों, रथों और बीठ रूप में अपने हारियान क्षेत्र की परिक्रमा करेंगे। मुखौटों को पहन ग्रामीणों की टोलियां भी घर-घर जाकर दस्तक देंगी। शाम होने पर बीठ रूपी गुलदस्ते को सैकड़ों हारियानों के हुजूम में फेंका जाएगा। मान्यता के मुताबिक बीठ पकड़ने वाले व्यक्ति की मनोकामना पूरी होती है। उपमंडल में फागली उत्सव की धूम मची है।
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मान्यता है कि फागली उत्सव भगवान विष्णु नारायण के दस अवतारों की गाथाओं के साथ, बुराई पर अच्छाई की, पाप पर पुण्य की और अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। इस संबंध मेें देवलु ठाकुर चंद महंत, सत्यदेव नेगी, तुलसी राम, संगत राम, रमेश शर्मा, विनोद कुमार, विरेंद्र कुमार, रमेश चंद, मुरारी लाल शर्मा, टेक राम, ख्याली राम शर्मा, धर्मदास, मान सिंह, पूर्ण चंद, लाल चंद और धनी राम शर्मा ने कहा कि फागली उत्सव में अश्लील गालियां देकर आसुरी शक्तियों को दूर भगाया गया। वहीं देवता देवालयों से बाहर निकलकर अपने मंदिरों में परंपरागत पालकियों, रथों और बीठ रूप में अपने हारियान क्षेत्र की परिक्रमा करेंगे। मुखौटों को पहन ग्रामीणों की टोलियां भी घर-घर जाकर दस्तक देंगी। शाम होने पर बीठ रूपी गुलदस्ते को सैकड़ों हारियानों के हुजूम में फेंका जाएगा। मान्यता के मुताबिक बीठ पकड़ने वाले व्यक्ति की मनोकामना पूरी होती है। उपमंडल में फागली उत्सव की धूम मची है।
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