फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Kullu News ›   मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करेेंगे मुआवजा

मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करेेंगे मुआवजा

Wed, 30 Jan 2019 07:30 PM IST
pooja awasthi pooja awasthi
Updated Wed, 30 Jan 2019 07:30 PM IST
विज्ञापन
मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करेेंगे मुआवजा
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

कोकसर (लाहौल-स्पीति)। जिला लाहौल-स्पीति में सितंबर में भारी बर्फबारी से हुए नुकसान का मुआवजा किसानों-बागवानों ने मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करने का फैसला किया है। घाटी के दस फीसदी किसानों के खाते में मात्र 25 रुपये और 20 फीसदी को 500 रुपये मुआवजा मिला है। इस कम राशि से आहत जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति के किसानों ने मुआवजा राशि को मुख्यमंत्री राहत कोष में डालने का फैसला लिया है।

लाहौल प्रधान संघ के पूर्व अध्यक्ष सुरेश कुमार ने बताया कि राजस्व विभाग की ओर से एक बीघा पर मात्र 500 रुपये सहायता राशि का आकलन करना कहां तक तर्क संगत है। आज के दौर में एक किसान को एक बीघा पर मटर और गोभी की फसल उगाने में ही हजारों रुपये का खर्चा आता है। ऐसे में उनके साथ भद्दा मजाक किया जा रहा है। कोकसर पंचायत के वार्ड सदस्य अमन आनंद ने कहा कि प्रशासन ने किस मापदंड को अपना कर मात्र 500 रुपये प्रति बीघा राहत राशि तय की है। कोकसर पंचायत के पूर्व उप प्रधान दोरजे अंगरूप ने कहा है कि सरकार ने लाहौल-स्पीति के किसानों के साथ भद्दा मजाक किया है। उन्होंने कहा वह इस राशि को मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा करेंगे। किसान ज्ञान चंद, सुनील, रिगजिन, टशी नोरबू और सुरेश आदि ने किसानों ने भी राहत राशि को मुख्यमंत्री राहत कोष में डालने का फैसला लिया है। सिस्सू पंचायत के पूर्व प्रधान जगदीश कटोच ने कहा कि नए सिरे से आकलन कर किसानों के साथ न्याय किया जाए और उचित राहत राशि दी जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed