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रोहतांग दर्रा की बहाली पर देश दुनिया की टिकी नजरें
Updated Mon, 02 Apr 2018 06:11 PM IST
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रोहतांग दर्रा की बहाली में हो रही देरी पर रोष
लाहौल पंचायत प्रधान संघ ने दी जन आंदोलन की धमकी
बीआरओ के कमांडर बोले, जल्द ही बहाल होगा रोहतांग
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। रोहतांग दर्रे की जल्द बहाली को लेकर देश दुनिया की नजरें टिकी हैं। वहीं दर्रा कब तक बहाल होगा, इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। रोहतांग दर्रा को पैदल लांघने वाले लोगों का कहना है कि बीआरओ लक्ष्य के करीब है, बावजूद इसके अभी तक काम की गति नहीं दिख रही है।
बीआरओ के अधिकारी इसी सप्ताह रोहतांग दर्रा बहाल किए जाने का दावा कर रहे हैं। रोहतांग दर्रे की बहाली में हो रही देरी पर लाहौल पंचायत प्रधान संघ एवं घाटी के जनप्रतिनिधियों के तेवर सख्त हो गए हैं। पंचायत प्रधान संघ लाहौल ने बीआरओ को चेतावनी दी है कि तीन दिन के भीतर दर्रे को बहाल नहीं किया गया तो घाटी के तमाम जनप्रतिनिधि सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। इस बाबत राज्य और केंद्र सरकार को भी पत्र प्रेषित किया जाएगा।
इस बार विगत वर्षों के मुकाबले लाहौल सहित रोहतांग दर्रे में कम बर्फबारी के चलते दर्रा जल्द बहाल होने की संभावनाएं थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। समुद्र सतह से 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा लेट खुलने पर पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है। तापमान में हो रही दिन प्रतिदिन बढ़ोतरी से उस ओर बर्फ अधिक समय तक टिक नहीं पाएगी। लिहाजा पर्यटन कारोबार से जुड़े लोग अच्छी कमाई नहीं कर सकेंगे। वहीं, पर्यटकों को भी बर्फ से अठखेलियां करने को दूर निकलना पड़ेगा। रोहतांग दर्रे के आर-पार बैठे लाहौल घाटी के लोग रोहतांग दर्रा जल्द बहाल होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
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लाहौल पंचायत प्रधान संघ के अध्यक्ष सत प्रकाश के अनुसार बीआरओ न जाने किस बात को लेकर रोहतांग की बहाली में लेटलतीफी कर रहा है। बीआरओ अपने लक्ष्य के करीब है लेकिन काम को गति नहीं दे रहा है। वहीं इस संबंध में 38 बीआरटीएफ के कमांडर कर्नल एके अवस्थी ने बताया कि काम प्रगति पर है। इसी सप्ताह के भीतर रोहतांग को यातायात के लिए बहाल किया जाएगा।
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लाहौल पंचायत प्रधान संघ ने दी जन आंदोलन की धमकी
बीआरओ के कमांडर बोले, जल्द ही बहाल होगा रोहतांग
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। रोहतांग दर्रे की जल्द बहाली को लेकर देश दुनिया की नजरें टिकी हैं। वहीं दर्रा कब तक बहाल होगा, इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है। रोहतांग दर्रा को पैदल लांघने वाले लोगों का कहना है कि बीआरओ लक्ष्य के करीब है, बावजूद इसके अभी तक काम की गति नहीं दिख रही है।
बीआरओ के अधिकारी इसी सप्ताह रोहतांग दर्रा बहाल किए जाने का दावा कर रहे हैं। रोहतांग दर्रे की बहाली में हो रही देरी पर लाहौल पंचायत प्रधान संघ एवं घाटी के जनप्रतिनिधियों के तेवर सख्त हो गए हैं। पंचायत प्रधान संघ लाहौल ने बीआरओ को चेतावनी दी है कि तीन दिन के भीतर दर्रे को बहाल नहीं किया गया तो घाटी के तमाम जनप्रतिनिधि सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे। इस बाबत राज्य और केंद्र सरकार को भी पत्र प्रेषित किया जाएगा।
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इस बार विगत वर्षों के मुकाबले लाहौल सहित रोहतांग दर्रे में कम बर्फबारी के चलते दर्रा जल्द बहाल होने की संभावनाएं थी लेकिन ऐसा नहीं हुआ है। समुद्र सतह से 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रा लेट खुलने पर पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है। तापमान में हो रही दिन प्रतिदिन बढ़ोतरी से उस ओर बर्फ अधिक समय तक टिक नहीं पाएगी। लिहाजा पर्यटन कारोबार से जुड़े लोग अच्छी कमाई नहीं कर सकेंगे। वहीं, पर्यटकों को भी बर्फ से अठखेलियां करने को दूर निकलना पड़ेगा। रोहतांग दर्रे के आर-पार बैठे लाहौल घाटी के लोग रोहतांग दर्रा जल्द बहाल होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
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लाहौल पंचायत प्रधान संघ के अध्यक्ष सत प्रकाश के अनुसार बीआरओ न जाने किस बात को लेकर रोहतांग की बहाली में लेटलतीफी कर रहा है। बीआरओ अपने लक्ष्य के करीब है लेकिन काम को गति नहीं दे रहा है। वहीं इस संबंध में 38 बीआरटीएफ के कमांडर कर्नल एके अवस्थी ने बताया कि काम प्रगति पर है। इसी सप्ताह के भीतर रोहतांग को यातायात के लिए बहाल किया जाएगा।