{"_id":"5ad22e6c4f1c1b9b098b48fb","slug":"191523723884-kullu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"रस्सी के सहारे पहाड़ी से जिया पहुंचे बिजली महादेव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रस्सी के सहारे पहाड़ी से जिया पहुंचे बिजली महादेव
Updated Sat, 14 Apr 2018 10:08 PM IST
विज्ञापन
रस्सी के सहारे पहाड़ी से
जिया पहुंचे बिजली महादेव
देवता के जिया गांव पहुंचने पर शुरू हुआ बिरशु मेला
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। बैसाख संक्रांति से जिला कुल्लू में देवी-देवताओं के मेलों का शुभारंभ हो गया है। इसी कड़ी में जिला के आराध्य देवता बिजली महादेव लाव-लश्कर के साथ शनिवार को एक सीधी पहाड़ी से रस्सी के सहारे भ्रैंण गांव से जिया पहुंचे। भ्रैंण गांव में बिरशु मेले की धूम रही और दर्जनों महिलाओं ने लालड़ी नृत्य किया। देवता बिजली महादेव ने भी महिलाओं संग देव नृत्य किया।
इसके बाद देवता को विदाई देने के लिए गांव के सैकड़ों लोग रास्ते तक आए। भ्रैंण गांव के समीप एक सीधी पहाड़ी से देवता के रथ को सैकड़ों हारियानों और देवलुओं की मदद से उतारा गया। इस नजारे को देखने के लिए भारी संख्या में लोगों का हुजूम उमड़ा। देर शाम देवता जिया गांव पहुंचे। जहां पर बिजली महादेव का फूलमालाओं से स्वागत किया। देवता ने खेतों में छुपकर बैठे छोटे बच्चों को भी ढूंढ निकाला। महादेव के कारदार अमरनाथ नेगी ने कहा कि सीधी पहाड़ी से देवता के जिया गांव में उतरने का नजारा बेहद ही रोमांचक होता है। बिजली महादेव का रथ अन्य देवताओं से बड़ा है और रथ की सुरक्षा के लिए इसे रस्से के सहारे उतारा जाता है।
विज्ञापन
जिया पहुंचे बिजली महादेव
देवता के जिया गांव पहुंचने पर शुरू हुआ बिरशु मेला
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। बैसाख संक्रांति से जिला कुल्लू में देवी-देवताओं के मेलों का शुभारंभ हो गया है। इसी कड़ी में जिला के आराध्य देवता बिजली महादेव लाव-लश्कर के साथ शनिवार को एक सीधी पहाड़ी से रस्सी के सहारे भ्रैंण गांव से जिया पहुंचे। भ्रैंण गांव में बिरशु मेले की धूम रही और दर्जनों महिलाओं ने लालड़ी नृत्य किया। देवता बिजली महादेव ने भी महिलाओं संग देव नृत्य किया।
इसके बाद देवता को विदाई देने के लिए गांव के सैकड़ों लोग रास्ते तक आए। भ्रैंण गांव के समीप एक सीधी पहाड़ी से देवता के रथ को सैकड़ों हारियानों और देवलुओं की मदद से उतारा गया। इस नजारे को देखने के लिए भारी संख्या में लोगों का हुजूम उमड़ा। देर शाम देवता जिया गांव पहुंचे। जहां पर बिजली महादेव का फूलमालाओं से स्वागत किया। देवता ने खेतों में छुपकर बैठे छोटे बच्चों को भी ढूंढ निकाला। महादेव के कारदार अमरनाथ नेगी ने कहा कि सीधी पहाड़ी से देवता के जिया गांव में उतरने का नजारा बेहद ही रोमांचक होता है। बिजली महादेव का रथ अन्य देवताओं से बड़ा है और रथ की सुरक्षा के लिए इसे रस्से के सहारे उतारा जाता है।
विज्ञापन