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ब्यास में दिनदहाड़े हो रहा अवैध खनन
Updated Mon, 15 Oct 2018 07:00 PM IST
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खनन
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। सदानीरा ब्यास नदी पर खनन माफिया फिर सक्रिय हो गया है। दिनदहाड़े ही नदी के बीचोंबीच बिना किसी डर के अवैध रूप से पत्थर निकालने का काम चल रहा है। पतलीकूहल के आसपास सोमवार को ब्यास नदी में दो-दो जेसीबी पत्थरों को निकालती रही। अवैध खनन को रोकने वाला कोई नहीं है।
पिछले सितंबर माह में ब्यास नदी में आई भारी बाढ़ से खनन माफिया ने सबक नहीं लिया है। इस क्षेत्र में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी। नदी में किए जा रहे अवैध खनन के चलते कई जगहों पर बाढ़ ने रुख बदलते हुए पुलों और सड़कों को अधिक नुकसान पहुंचाया था। इससे कुल्लू- मनाली के बीच कई दिनों तक संपर्क कटा रहा। बताया जा रहा है कि ब्यास नदी के किनारे पत्थरों को किसी पुल निर्माण के लिए निकाला जा रहा। हिमालयन पर्यावरण संगठन के अध्यक्ष अभिषेक राय ने कहा कि ब्यास नदी में हो रहे अवैध खनन से ही बाढ़ की आशंका अधिक रहती है। एनजीटी ने भी ब्यास की स्वच्छता, अवैध खनन व अन्य गतिविधियों पर रोक लगाई है। उधर, जिला खनन अधिकारी सुरेश कुमार ने कहा कि ब्यास में आई बाढ़ से सड़कों व पुलों को हुए नुकसान को रिस्टोर करने के लिए पत्थर निकाले गए। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से खनन करने पर विभाग सतर्क है और इस पर नजर रख रहे।
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कुल्लू। सदानीरा ब्यास नदी पर खनन माफिया फिर सक्रिय हो गया है। दिनदहाड़े ही नदी के बीचोंबीच बिना किसी डर के अवैध रूप से पत्थर निकालने का काम चल रहा है। पतलीकूहल के आसपास सोमवार को ब्यास नदी में दो-दो जेसीबी पत्थरों को निकालती रही। अवैध खनन को रोकने वाला कोई नहीं है।
पिछले सितंबर माह में ब्यास नदी में आई भारी बाढ़ से खनन माफिया ने सबक नहीं लिया है। इस क्षेत्र में बाढ़ ने भारी तबाही मचाई थी। नदी में किए जा रहे अवैध खनन के चलते कई जगहों पर बाढ़ ने रुख बदलते हुए पुलों और सड़कों को अधिक नुकसान पहुंचाया था। इससे कुल्लू- मनाली के बीच कई दिनों तक संपर्क कटा रहा। बताया जा रहा है कि ब्यास नदी के किनारे पत्थरों को किसी पुल निर्माण के लिए निकाला जा रहा। हिमालयन पर्यावरण संगठन के अध्यक्ष अभिषेक राय ने कहा कि ब्यास नदी में हो रहे अवैध खनन से ही बाढ़ की आशंका अधिक रहती है। एनजीटी ने भी ब्यास की स्वच्छता, अवैध खनन व अन्य गतिविधियों पर रोक लगाई है। उधर, जिला खनन अधिकारी सुरेश कुमार ने कहा कि ब्यास में आई बाढ़ से सड़कों व पुलों को हुए नुकसान को रिस्टोर करने के लिए पत्थर निकाले गए। उन्होंने कहा कि अवैध रूप से खनन करने पर विभाग सतर्क है और इस पर नजर रख रहे।
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