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अब मनरेगा में संपर्क मार्गो से हटा सकेंगे बर्फ
Updated Fri, 22 Dec 2017 10:30 PM IST
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अब मनरेगा में संपर्क मार्गों से हटा सकेंगे बर्फ
जनजातीय क्षेत्र के बेरोजगारों को मिलेगी राहत
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय क्षेत्र के बेरोजगार लोगों के लिए राहत की खबर है। अब सर्दी के मौसम में भी महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा ) के तहत अपनी जेबें गर्म कर सकते हैं। घाटी में बर्फबारी से बंद पड़े संपर्क मार्गों से बर्फ को मनरेगा के तहत हटाई जाएगा। इसके लिए पंचायत को उक्त कार्य के लिए शेल्फ में रखना होगा। इस खबर की भनक लगते ही लाहौल घाटी के बेरोजगार लोगों में खुशी है। पंचायत प्रतिनिधियों को इस कार्यों को अंजाम देने की सिफारिश शुरू हो गई है। अक्सर बर्फबारी के दिनों जनजातीय क्षेत्र लाहौल-स्पीति, चंबा जिला के पांगी, भरमौर और किन्नौर के लोग चार-पांच माह तक बेरोजगार रहते हैं। बर्फबारी के चलते यहां कोई भी कार्य नहीं हो पाता है। ऐसे में मनरेगा में अपने संपर्क मार्गों से बर्फ हटाने और रखरखाव का यह कार्य बेरोजगार लोगों के लिए काफी फायदेमंद है। खासकर शीत मरुस्थल जिला लाहौल-स्पीति के साथ पांगी, भरमौर और किन्नौर के लोग इसका भरपूर लाभ उठा सकेंगे। सर्दी के मौसम में इन इलाकों में बर्फबारी होने से खेत खलियानों में कामकाज ठप हो जाता है, लेकिन अब मनरेगा से सड़कों पर बिछी बर्फ हटाकर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं। पट्टन घाटी की रजनी देवी, पलमों, प्रेम प्यारी तथा टशी पलकी का कहना है कि सर्दी के दिनों लाहौल-स्पीति जिला सहित अन्य जनजातीय क्षेत्रों में बर्फबारी
के चलते कोई काम नहीं रहता है। ऐसे में बेरोजगार लोगों के लिए सुनहरा अवसर है। डीआरडीए केलांग के परियोजना अधिकारी डॉ. हीरा नंद ने बताया कि मनरेगा में संपर्क मार्गों से बर्फ हटाने के साथ ही रखरखाव के कार्य का प्रावधान है। लेकिन, इस कार्यों को शुरू करने से पहले इसे शेल्फ में डालना अनिवार्य होगा।
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जनजातीय क्षेत्र के बेरोजगारों को मिलेगी राहत
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। जनजातीय क्षेत्र के बेरोजगार लोगों के लिए राहत की खबर है। अब सर्दी के मौसम में भी महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा ) के तहत अपनी जेबें गर्म कर सकते हैं। घाटी में बर्फबारी से बंद पड़े संपर्क मार्गों से बर्फ को मनरेगा के तहत हटाई जाएगा। इसके लिए पंचायत को उक्त कार्य के लिए शेल्फ में रखना होगा। इस खबर की भनक लगते ही लाहौल घाटी के बेरोजगार लोगों में खुशी है। पंचायत प्रतिनिधियों को इस कार्यों को अंजाम देने की सिफारिश शुरू हो गई है। अक्सर बर्फबारी के दिनों जनजातीय क्षेत्र लाहौल-स्पीति, चंबा जिला के पांगी, भरमौर और किन्नौर के लोग चार-पांच माह तक बेरोजगार रहते हैं। बर्फबारी के चलते यहां कोई भी कार्य नहीं हो पाता है। ऐसे में मनरेगा में अपने संपर्क मार्गों से बर्फ हटाने और रखरखाव का यह कार्य बेरोजगार लोगों के लिए काफी फायदेमंद है। खासकर शीत मरुस्थल जिला लाहौल-स्पीति के साथ पांगी, भरमौर और किन्नौर के लोग इसका भरपूर लाभ उठा सकेंगे। सर्दी के मौसम में इन इलाकों में बर्फबारी होने से खेत खलियानों में कामकाज ठप हो जाता है, लेकिन अब मनरेगा से सड़कों पर बिछी बर्फ हटाकर रोजगार के अवसर प्राप्त कर सकते हैं। पट्टन घाटी की रजनी देवी, पलमों, प्रेम प्यारी तथा टशी पलकी का कहना है कि सर्दी के दिनों लाहौल-स्पीति जिला सहित अन्य जनजातीय क्षेत्रों में बर्फबारी
के चलते कोई काम नहीं रहता है। ऐसे में बेरोजगार लोगों के लिए सुनहरा अवसर है। डीआरडीए केलांग के परियोजना अधिकारी डॉ. हीरा नंद ने बताया कि मनरेगा में संपर्क मार्गों से बर्फ हटाने के साथ ही रखरखाव के कार्य का प्रावधान है। लेकिन, इस कार्यों को शुरू करने से पहले इसे शेल्फ में डालना अनिवार्य होगा।
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