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पेड़ों पर ही फटने लगा मैरीपोजा प्लम
Updated Tue, 04 Jul 2017 10:39 PM IST
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खराहल (कुल्लू)। घाटी के बागवानों के लिए अत्यधिक बारिश भी मुसीबत बन गई है। पहले ओलावृष्टि और अंधड़ से फलों को नुकसान पहुंचा है, लेकिन अब अधिक बारिश के कारण मैरीपोजा प्लम पेड़ों पर ही फटने लगा है। ऐसे फटे हुए फलों को उचित कीमत नहीं मिल पाती है। इससे बागवानों को आर्थिक तौर पर नुकसान उठाना पड़ रहा है। कुल्लू के कई इलाकों में यह किस्म पैदा की जा रही है। यहां पर पकने से पहले ही अधिकतर फल फटने शुरू हो गए हैं और बागीचों में 10 से 15 फीसदी फसल को नुकसान का अनुमान है। खराब फलों की मांग मंडियों में न के बराबर होती है। घाटी के मैरीपोजा प्लम उत्पादक तेज सिंह ठाकुर, देवी सिंह, चमन ठाकुर, महेंद्र ठाकुर, तीर्थ राम, अमित, कर्म चंद, नवीन, अनिश, अखिल राणा तथा जितेंद्र ठाकुर आदि के अनुसार अत्यधिक बारिश के कारण मैरीपोजा प्लम तैयार होने से पहले ही पेड़ों पर ही फटने लगा है। इससे फसल को 10 से 15 फीसदी का नुकसान हुआ है। अगर बारिश का क्रम जारी रहा तो फसल को और अधिक नुकसान हो सकता है। इस वैरायटी के प्लम मंडी में 70 से 85 रुपये तक बिक रहा है। उद्यान विभाग के विकास अधिकारी डॉ. उत्तम पराशर ने बताया कि जब फल पर थोड़ी रंग की धारी पड़नी शुरू हो जाती है तो इस अवस्था में बरोन दवा की स्प्रे करनी चाहिए। इससे थोड़ा फल सुरक्षित रह सकता है। उन्होंने कहा कि अधिक बारिश के चलते इस वैरायटी के प्लम में यह समस्या देखने को मिलती है और जहां पर अधिक नमी और रोपे वाली जमीन में पानी अधिक ठहरता है, वहां ज्यादा नुकसान होता है।
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