{"_id":"5c96394bbdec2260e22ac75d","slug":"171553348939-kullu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जान जोखिम में डालकर रात को पार किया रोहतांग दर्रा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जान जोखिम में डालकर रात को पार किया रोहतांग दर्रा
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
कोकसर (लाहौल स्पीति)। जनजातीय क्षेत्र के लोगों को समय पर हवाई सेवा नहीं मिलने से अब लोग जान जोखिम में डालकर 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रे को लांघकर मनाली पहुंच रहे हैं। सिस्सू पंचायत के चार लोगों ने शनिवार को 10 घंटों तक पैदल सफर कर 20 फीट बर्फ की मोटी दीवार के ऊपर रास्ता बनाया और पलचान होते हुए मनाली पहुंचे।
सिस्सू पंचायत के उप प्रधान मनोज कुमार ने पलचान पहुंचने पर कहा कि देर रात करीब दो बजे वह और उसके तीन सहयोगी तेलिंग से चले और शनिवार दोपहर 12 बजे पलचान पहुंचे। वहां से मनाली तक उन्होंने टैक्सी में सफर किया। पलचान पहुंचने में उन्हें 10 घंटे का समय लगा। कहा कि रोहतांग में बर्फीली हवाओं के बीच गुजरना मुश्किल लग रहा था। जैसे-तैसे उन्होंने रोहतांग दर्रा पार कर लिया। उनके अन्य तीन सहयोगी अशोक, महेश और प्रदीप सभी सिस्सू पंचायत निवासी सिस्सू हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर सुविधा नहीं मिलने आहत हैं। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को सिस्सू से छह किलोमीटर दूर तेलिंग गांव में रात काटी और रात्रि दो बजे उठकर बर्फ पर रास्ता बनाकर मनाली की ओर रवाना हुए। सिस्सू हेलीपैड से 70 लोगों को जरूरी काम से कुल्लू पहुंचना है। अगर हेलीकॉप्टर का बंदोबस्त नहीं हो रहा तो सरकार को कोकसर और मढ़ी में समय पर बचाव दल स्थापित करना चाहिए। उन्होंने बताया कि अगर दो चार दिन तक सिस्सू हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर नहीं उड़ा तो कुछ और लोग जान जोखिम में डाल रोहतांग को पैदल लांघ सकते हैं। मूलभूत सुविधाएं जैसे फोन, सड़क और हवाई सेवा नियमित नहीं होने से चंद्रा घाटी की चारों पंचायतों ने चुनाव बहिष्कार किया है। उधर, एसडीएम केलांग अमर नेगी ने कहा कि पर्वतारोहण संस्थान मनाली के सहयोग से कोकसर और मढ़ी में बचाव चौकी स्थापित की जाएंगी। लोग जान जोखिम में न डालें। बचाव चौकियां स्थापित होने के बाद ही दर्रा आर-पार करें।
विज्ञापन
कोकसर (लाहौल स्पीति)। जनजातीय क्षेत्र के लोगों को समय पर हवाई सेवा नहीं मिलने से अब लोग जान जोखिम में डालकर 13050 फीट ऊंचे रोहतांग दर्रे को लांघकर मनाली पहुंच रहे हैं। सिस्सू पंचायत के चार लोगों ने शनिवार को 10 घंटों तक पैदल सफर कर 20 फीट बर्फ की मोटी दीवार के ऊपर रास्ता बनाया और पलचान होते हुए मनाली पहुंचे।
सिस्सू पंचायत के उप प्रधान मनोज कुमार ने पलचान पहुंचने पर कहा कि देर रात करीब दो बजे वह और उसके तीन सहयोगी तेलिंग से चले और शनिवार दोपहर 12 बजे पलचान पहुंचे। वहां से मनाली तक उन्होंने टैक्सी में सफर किया। पलचान पहुंचने में उन्हें 10 घंटे का समय लगा। कहा कि रोहतांग में बर्फीली हवाओं के बीच गुजरना मुश्किल लग रहा था। जैसे-तैसे उन्होंने रोहतांग दर्रा पार कर लिया। उनके अन्य तीन सहयोगी अशोक, महेश और प्रदीप सभी सिस्सू पंचायत निवासी सिस्सू हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर सुविधा नहीं मिलने आहत हैं। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को सिस्सू से छह किलोमीटर दूर तेलिंग गांव में रात काटी और रात्रि दो बजे उठकर बर्फ पर रास्ता बनाकर मनाली की ओर रवाना हुए। सिस्सू हेलीपैड से 70 लोगों को जरूरी काम से कुल्लू पहुंचना है। अगर हेलीकॉप्टर का बंदोबस्त नहीं हो रहा तो सरकार को कोकसर और मढ़ी में समय पर बचाव दल स्थापित करना चाहिए। उन्होंने बताया कि अगर दो चार दिन तक सिस्सू हेलीपैड पर हेलीकॉप्टर नहीं उड़ा तो कुछ और लोग जान जोखिम में डाल रोहतांग को पैदल लांघ सकते हैं। मूलभूत सुविधाएं जैसे फोन, सड़क और हवाई सेवा नियमित नहीं होने से चंद्रा घाटी की चारों पंचायतों ने चुनाव बहिष्कार किया है। उधर, एसडीएम केलांग अमर नेगी ने कहा कि पर्वतारोहण संस्थान मनाली के सहयोग से कोकसर और मढ़ी में बचाव चौकी स्थापित की जाएंगी। लोग जान जोखिम में न डालें। बचाव चौकियां स्थापित होने के बाद ही दर्रा आर-पार करें।
विज्ञापन