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जनजातीय क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में न लकड़ी, न ही हीटर
Updated Tue, 23 Oct 2018 10:08 PM IST
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आंगनबाड़ी केंद्रों में इस बार भी ठंड से कांपेंगे नौनिहाल
हीटर और लकड़ी की व्यवस्था को लेकर विभाग ने नहीं उठाए कदम
हजारों बच्चे माइनस डिग्री तापमान में पहुंचते हैं केंद्रों में
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। इस सर्दी में फिर जनजातीय क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में हजारों नौनिहालों को ठिठुरना पड़ेगा। जनजातीय क्षेत्रों में तैनात आंगनबाड़ी सहायिका और कार्यकर्ता अपने स्तर पर लकड़ी का जुगाड़ करती हैं। जनजातीय क्षेत्रों में लकड़ी और हीटर की व्यवस्था को लेकर अभी कोई पहल नहीं की जा रही है। लाहौल-स्पीति, पांगी, और किन्नौर और भरमौर में कुल 568 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। जहां हजारों नौनिहाल आते हैं। सर्दी के दिनों में बच्चों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
अभिभावकों का कहना है कि यदि इस बार बच्चों के लिए हीटर और लकड़ियों की व्यवस्था नहीं की जाती है तो बच्चों को केंद्र नहीं भेजेंगे। पांगी घाटी से राम कुमार, श्याम लाल, राकेश ठाकुर, लाहौल-स्पीति से मनोज कुमार, सुरेंद्र, किन्नौर से टशी नेगी, तोवदन और मनीष नेगी ने कहा कि जनजातीय क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां दूसरे जिलों से अलग है। यहां भारी बर्फ पड़ती है। डीपीईओ किन्नौर अर्जुन नेगी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में लकड़ी, हीटर की व्यवस्था को लेकर उच्च अधिकारियों से बात की गई है।
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हीटर और लकड़ी की व्यवस्था को लेकर विभाग ने नहीं उठाए कदम
हजारों बच्चे माइनस डिग्री तापमान में पहुंचते हैं केंद्रों में
दिनेश जस्पा
उदयपुर (लाहौल-स्पीति)। इस सर्दी में फिर जनजातीय क्षेत्रों के आंगनबाड़ी केंद्रों में हजारों नौनिहालों को ठिठुरना पड़ेगा। जनजातीय क्षेत्रों में तैनात आंगनबाड़ी सहायिका और कार्यकर्ता अपने स्तर पर लकड़ी का जुगाड़ करती हैं। जनजातीय क्षेत्रों में लकड़ी और हीटर की व्यवस्था को लेकर अभी कोई पहल नहीं की जा रही है। लाहौल-स्पीति, पांगी, और किन्नौर और भरमौर में कुल 568 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। जहां हजारों नौनिहाल आते हैं। सर्दी के दिनों में बच्चों के लिए कोई व्यवस्था नहीं है।
अभिभावकों का कहना है कि यदि इस बार बच्चों के लिए हीटर और लकड़ियों की व्यवस्था नहीं की जाती है तो बच्चों को केंद्र नहीं भेजेंगे। पांगी घाटी से राम कुमार, श्याम लाल, राकेश ठाकुर, लाहौल-स्पीति से मनोज कुमार, सुरेंद्र, किन्नौर से टशी नेगी, तोवदन और मनीष नेगी ने कहा कि जनजातीय क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियां दूसरे जिलों से अलग है। यहां भारी बर्फ पड़ती है। डीपीईओ किन्नौर अर्जुन नेगी ने कहा कि आंगनबाड़ी केंद्रों में लकड़ी, हीटर की व्यवस्था को लेकर उच्च अधिकारियों से बात की गई है।
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