{"_id":"5c24fdecbdec22569d466622","slug":"161545928172-kullu-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नववर्ष के दिन मौहल में होगी ब्यास महाआरती","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नववर्ष के दिन मौहल में होगी ब्यास महाआरती
विज्ञापन
नववर्ष पर पर्यावरण संरक्षण के लिए होगी ब्यास महाआरती
121 पंडित, 200 से अधिक बजंतरी, कारदार और हजारों लोग लेंगे भाग
प्लास्टिक, पॉलीथिन का नहीं होगा इस्तेमाल, मुख्यमंत्री को भी किया जाएगा आमंत्रित
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। आम लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए पहली जनवरी को मौहल के नेचर पार्क में ब्यास महाआरती का आयोजन किया जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से देवी-देवता पुजारी संघ, कारदार संघ, बजंतरी संघ, जिला के अन्य संगठनों और विभिन्न विभागों की मदद से आयोजित की जाने वाली इस महाआरती में हजारों लोगों के भाग लेने की उम्मीद है। इस मौके पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया जा रहा है।
महाआरती की तैयारियों को लेकर जिलाधीश यूनुस ने वीरवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों, देवी-देवता पुजारी संघ, कारदार संघ, बजंतरी संघ और जिला के अन्य संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि मौहल के नेचर पार्क में ब्यास नदी के किनारे महाआरती आयोजन स्थल पर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि यह महाआरती एक जनवरी को संध्याकाल में करीब पांच बजे आरंभ की जाएगी। महाआरती की सभी व्यवस्थाएं और अंतिम तैयारियां दोपहर बाद तीन बजे शुरू कर दी जाएंगी। इसमें 121 पंडित, 200 से अधिक बजंतरी, कुल्लू घाटी के देवी-देवताओं के कारदार और हजारों लोग भाग लेंगे। महाआरती में प्लास्टिक या पालीथिन की किसी भी वस्तु या सामग्री का प्रयोग नहीं किया जाएगा। आटे या मिट्टी के दीये और पत्तों के डोने से ही आरती की जाएगी। दीये और डोने मौके पर ही उपलब्ध करवाए जाएंगे। इच्छुक श्रद्धालु अपने स्तर भी आटे या मिट्टी के दीये और डोने ला सकते हैं। जिलाधीश ने पुलिस, होमगार्ड और परिवहन विभाग के अधिकारियों को आयोजन स्थल पर कानून व्यवस्था, यातायात, पार्किंग और आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में ब्यास महाआरती से संबंधित अन्य व्यवस्थाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस मौके पर एसडीएम डॉ. अमित गुलेरिया, सहायक आयुक्त सन्नी शर्मा, डीएसपी आशीष शर्मा, अन्य अधिकारी और देवी-देवता पुजारी संघ, कारदार संघ, बजंतरी संघ और अन्य संगठनों के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
विज्ञापन
121 पंडित, 200 से अधिक बजंतरी, कारदार और हजारों लोग लेंगे भाग
प्लास्टिक, पॉलीथिन का नहीं होगा इस्तेमाल, मुख्यमंत्री को भी किया जाएगा आमंत्रित
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू। आम लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए पहली जनवरी को मौहल के नेचर पार्क में ब्यास महाआरती का आयोजन किया जाएगा। जिला प्रशासन की ओर से देवी-देवता पुजारी संघ, कारदार संघ, बजंतरी संघ, जिला के अन्य संगठनों और विभिन्न विभागों की मदद से आयोजित की जाने वाली इस महाआरती में हजारों लोगों के भाग लेने की उम्मीद है। इस मौके पर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया जा रहा है।
महाआरती की तैयारियों को लेकर जिलाधीश यूनुस ने वीरवार को विभिन्न विभागों के अधिकारियों, देवी-देवता पुजारी संघ, कारदार संघ, बजंतरी संघ और जिला के अन्य संगठनों के पदाधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कहा कि मौहल के नेचर पार्क में ब्यास नदी के किनारे महाआरती आयोजन स्थल पर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी की जा रही हैं। उन्होंने बताया कि यह महाआरती एक जनवरी को संध्याकाल में करीब पांच बजे आरंभ की जाएगी। महाआरती की सभी व्यवस्थाएं और अंतिम तैयारियां दोपहर बाद तीन बजे शुरू कर दी जाएंगी। इसमें 121 पंडित, 200 से अधिक बजंतरी, कुल्लू घाटी के देवी-देवताओं के कारदार और हजारों लोग भाग लेंगे। महाआरती में प्लास्टिक या पालीथिन की किसी भी वस्तु या सामग्री का प्रयोग नहीं किया जाएगा। आटे या मिट्टी के दीये और पत्तों के डोने से ही आरती की जाएगी। दीये और डोने मौके पर ही उपलब्ध करवाए जाएंगे। इच्छुक श्रद्धालु अपने स्तर भी आटे या मिट्टी के दीये और डोने ला सकते हैं। जिलाधीश ने पुलिस, होमगार्ड और परिवहन विभाग के अधिकारियों को आयोजन स्थल पर कानून व्यवस्था, यातायात, पार्किंग और आपदा प्रबंधन से संबंधित सभी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में ब्यास महाआरती से संबंधित अन्य व्यवस्थाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। इस मौके पर एसडीएम डॉ. अमित गुलेरिया, सहायक आयुक्त सन्नी शर्मा, डीएसपी आशीष शर्मा, अन्य अधिकारी और देवी-देवता पुजारी संघ, कारदार संघ, बजंतरी संघ और अन्य संगठनों के पदाधिकारी भी उपस्थित थे।
विज्ञापन