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लहसुन खरीद के लिए बाहरी व्यापारियों ने दी दस्तक
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लहसुन के दोगुना दाम मिलने से चहके किसान
जिले में पिछले साल 50 और इस बार घरद्वार मिल रहा 100 रुपये प्रति किलो दाम
बेहतर दाम मिलने से किसानों की आर्थिकी होगी मजबूत
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/खराहल। लहसुन की मांग बढ़ने से दामों में भी इजाफा हो गया है। दाम बेहतर मिलने से उत्पादक के चेहरों पर रौनक आ गई है। बताया जा रहा कि जिले में बाहरी व्यापारी ने भी दस्तक दी है। ऐसे में दामों में भी उछाल आ गया है। दोगुना दाम मिलने से किसान के चेहरे खिल उठे हैं।
बड़े व्यापारी किसानों के घरद्वार पर ही खरीद करने के लिए पहुंच रहे हैं। इस साल अच्छी कीमत मिलने से किसान गदगद हैं। बेहतर दाम मिलने से किसानों की आर्थिकी भी मजबूत होगी। लहसुन उत्पादकों का कहना है कि इस बार पिछले वर्ष की तुलना में उत्पादन कम है। गत वर्ष लहसुन के दाम अच्छे नहीं मिले थे। जिले में बीमारी के चलते भी लहसुन फसल को नुकसान हुआ है। जिला कुल्लू में 1200 हेक्टेयर भूमि पर वर्तमान में लहसुन की खेती हो रही है। इन दिनों सब्जी मंडियों में धड़ाधड़ लहसुन की खेप पहुंच रही है। ए-श्रेणी का बढ़िया लहसुन 100 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। हालांकि पिछली बार लहसुन के 50 रुपये प्रति किलो ही दाम मिल पाए थे। लहसुन उत्पादक अमित ठाकुर, जयचंद ठाकुर, देवराज, रामनाथ, दुनी चंद, अनूप भंडारी बुद्धि, प्रकाश चंद, अनिश ठाकुर तथा सतीश ठाकुर आदि ने कहा कि इस बार उन्हें लहसुन के दाम बेहतर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाहरी व्यापारी घरद्वार पहुंचकर लहसुन की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। बंदरोल आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहन लाल ठाकुर ने कहा कि मंडियों में लहसुन की कीमत अच्छी मिल रही है। सुपर लारज किस्म 100 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है।
लहसुन से तैयार होती है आयुर्वेदिक दवा
खराहल। कृषि उपनिदेशक रतन भारद्वाज का कहना है कि इस साल लहसुन के दाम किसानों को अच्छे मिल रहे हैं। इससे आयुर्वेदिक दवाइयां भी तैयार की जाती है और कच्चे लहसुन के प्रयोग से बीमारियां दूर होती हैं। कच्चे लहसुन के सेवन से ब्लड प्रेशर, कोलोस्ट्रोल मोटापा नियंत्रण में रहता है।
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जिले में पिछले साल 50 और इस बार घरद्वार मिल रहा 100 रुपये प्रति किलो दाम
बेहतर दाम मिलने से किसानों की आर्थिकी होगी मजबूत
अमर उजाला ब्यूरो
कुल्लू/खराहल। लहसुन की मांग बढ़ने से दामों में भी इजाफा हो गया है। दाम बेहतर मिलने से उत्पादक के चेहरों पर रौनक आ गई है। बताया जा रहा कि जिले में बाहरी व्यापारी ने भी दस्तक दी है। ऐसे में दामों में भी उछाल आ गया है। दोगुना दाम मिलने से किसान के चेहरे खिल उठे हैं।
बड़े व्यापारी किसानों के घरद्वार पर ही खरीद करने के लिए पहुंच रहे हैं। इस साल अच्छी कीमत मिलने से किसान गदगद हैं। बेहतर दाम मिलने से किसानों की आर्थिकी भी मजबूत होगी। लहसुन उत्पादकों का कहना है कि इस बार पिछले वर्ष की तुलना में उत्पादन कम है। गत वर्ष लहसुन के दाम अच्छे नहीं मिले थे। जिले में बीमारी के चलते भी लहसुन फसल को नुकसान हुआ है। जिला कुल्लू में 1200 हेक्टेयर भूमि पर वर्तमान में लहसुन की खेती हो रही है। इन दिनों सब्जी मंडियों में धड़ाधड़ लहसुन की खेप पहुंच रही है। ए-श्रेणी का बढ़िया लहसुन 100 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा है। हालांकि पिछली बार लहसुन के 50 रुपये प्रति किलो ही दाम मिल पाए थे। लहसुन उत्पादक अमित ठाकुर, जयचंद ठाकुर, देवराज, रामनाथ, दुनी चंद, अनूप भंडारी बुद्धि, प्रकाश चंद, अनिश ठाकुर तथा सतीश ठाकुर आदि ने कहा कि इस बार उन्हें लहसुन के दाम बेहतर मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाहरी व्यापारी घरद्वार पहुंचकर लहसुन की खरीद-फरोख्त कर रहे हैं। बंदरोल आढ़ती एसोसिएशन के अध्यक्ष मोहन लाल ठाकुर ने कहा कि मंडियों में लहसुन की कीमत अच्छी मिल रही है। सुपर लारज किस्म 100 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है।
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लहसुन से तैयार होती है आयुर्वेदिक दवा
खराहल। कृषि उपनिदेशक रतन भारद्वाज का कहना है कि इस साल लहसुन के दाम किसानों को अच्छे मिल रहे हैं। इससे आयुर्वेदिक दवाइयां भी तैयार की जाती है और कच्चे लहसुन के प्रयोग से बीमारियां दूर होती हैं। कच्चे लहसुन के सेवन से ब्लड प्रेशर, कोलोस्ट्रोल मोटापा नियंत्रण में रहता है।
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